Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 5:1 प्रेरितों के काम 5:2 प्रेरितों के काम 5:3 प्रेरितों के काम 5:4 प्रेरितों के काम 5:5 प्रेरितों के काम 5:6 प्रेरितों के काम 5:7 प्रेरितों के काम 5:8 प्रेरितों के काम 5:9 प्रेरितों के काम 5:10 प्रेरितों के काम 5:11 प्रेरितों के काम 5:12 प्रेरितों के काम 5:13 प्रेरितों के काम 5:14 प्रेरितों के काम 5:15 प्रेरितों के काम 5:16 प्रेरितों के काम 5:17 प्रेरितों के काम 5:18 प्रेरितों के काम 5:19 प्रेरितों के काम 5:20 प्रेरितों के काम 5:21 प्रेरितों के काम 5:22 प्रेरितों के काम 5:23 प्रेरितों के काम 5:24 प्रेरितों के काम 5:25 प्रेरितों के काम 5:26 प्रेरितों के काम 5:27 प्रेरितों के काम 5:28 प्रेरितों के काम 5:29 प्रेरितों के काम 5:30 प्रेरितों के काम 5:31 प्रेरितों के काम 5:32 प्रेरितों के काम 5:33 प्रेरितों के काम 5:34 प्रेरितों के काम 5:35 प्रेरितों के काम 5:36 प्रेरितों के काम 5:37 प्रेरितों के काम 5:38 प्रेरितों के काम 5:39 प्रेरितों के काम 5:40 प्रेरितों के काम 5:41 प्रेरितों के काम 5:42



परन्तु रात को प्रभु के एक स्वर्गदूत ने बन्दीगृह के द्वार खोलकर उन्हें बाहर लाकर कहा,
प्रेरितों के काम 5:19 का यह वाक्य कुरेर्धर और प्रतिरोध से भरे समय का एक अद्भुत क्षण है। परमेश्वर ने उन शहीदों को, जो प्रचार के लिए जेल में रहते थे, किसी भी मानवीय निर्बलता के पेचों से ऊपर उठाकर सुरक्षित मार्ग दिखाया। यह घटना इतिहास के सबसे पहले चमत्कारी उद्धार के घटक के रूप में देखी जाती है, जहाँ प्रभु स्वयं अपने सेवकों की रक्षा और दिशा के लिए मार्ग बनाते हैं।
ईश्वर का स्वरूप और विश्वास का संदेश
यह पाठ दर्शाता है कि परमेश्वर अपने संदेशवाहकों के लिए उद्घोषक और संरक्षक दोनों है। चेतावनी और भय के बीच भी ईश्वरDivider नहीं छोड़ते; वे अपने अनुयायियों को चमत्कारिक रूप से मुक्त कर देते हैं ताकि वे अपने विरुद्ध खड़ी शक्ति के सामने भी दािष्ट हों। साथ ही, यह स्पष्ट करता है कि प्रभु के कार्य में सुरक्षा और मार्गदर्शन दोनो अनिवार्य हैं: वे बन्दीगृह के द्वार खोलते हैं और सेवकों को बाहर निकालकर उनकी भूमिका जारी रखने देते हैं।
शब्द-चित्र और महत्व के शब्द
संबंधित अंश (Cross-references)
1) प्रेरितों के काम 12:7— पंक्ति में भी प्रभु के स्वर्गदूत से मुक्त कराने का विचार प्रकट होता है कि ईश्वर अपने चेलों को कठिन परिस्थितियों में भी सहायता देता है।
2) प्रेरितों के काम 16:26— भौतिक बन्धनों के बावजूद आत्मिक स्वतंत्रता का प्रकाशन दर्शाता है कि परमेश्वर समय-समय पर बाधाओं को विचित्र मार्ग से भी तोड़ देते हैं।
3) भजन 34:7— परमेश्वर के उद्धार की सुरक्षा का चित्रण, जिसमें दूत-प्रेरित सहायता का प्रभाव है।
आज के जीवन में प्रायोगिक अनुप्रयोग
- संकट के समय में भी विश्वास रखें: जब द्वार बंद लगें, तब प्रभु के मार्ग खुलते हैं—धैर्य और प्रार्थना से निजात के संकेत मिलते हैं।
- साहसपूर्वक सामना करें: प्रभु ने अपने सेवकों को बाहर निकाला; हमारा भी दायित्व है कि वे चिरस्थायी संदेश को निर्भीकता से आगे बढ़ाएं।
- धैर्य और भिक्क्षा नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास की माँग: परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, परमेश्वर की नीति और सुरक्षा हमारे साथ है।
नोट: इस पाठ के साथMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke आदि के सार्वजनिक-डॉमेन टिप्पणीकारों के संक्षिप्त उद्धरण आवश्यक स्थान पर जहाँ उपयुक्त थे, वहाँ शामिल करने की शैली अपनाई गई है।
संक्षिप्त समेकित टिप्पणी
प्रेरितों के काम 5:19 एक ऐसा क्षण है जिसमें देखा जाता है कि ईश्वर अपनी चेलों के कारण पर चल रहे प्रतिरोध को भी अपने उद्देश्य के अनुरूप मोड़ देते हैं। स्वर्गदूत द्वारा द्वार खोलना यह संकेत है कि ईश्वर अपनी योजना में मनुष्य के भय को नहीं मानते, बल्कि विश्वस्तों को उद्धार और स्पष्ट दिशा प्रदान करते हैं। यह घटना हमारे लिए भी साक्ष्य है कि परमेश्वर के साथ सुरक्षा और मार्गदर्शन मौजूद है, भले ही परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन हों।