Old Testament
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प्रेरितों के काम 8:1 प्रेरितों के काम 8:2 प्रेरितों के काम 8:3 प्रेरितों के काम 8:4 प्रेरितों के काम 8:5 प्रेरितों के काम 8:6 प्रेरितों के काम 8:7 प्रेरितों के काम 8:8 प्रेरितों के काम 8:9 प्रेरितों के काम 8:10 प्रेरितों के काम 8:11 प्रेरितों के काम 8:12 प्रेरितों के काम 8:13 प्रेरितों के काम 8:14 प्रेरितों के काम 8:15 प्रेरितों के काम 8:16 प्रेरितों के काम 8:17 प्रेरितों के काम 8:18 प्रेरितों के काम 8:19 प्रेरितों के काम 8:20 प्रेरितों के काम 8:21 प्रेरितों के काम 8:22 प्रेरितों के काम 8:23 प्रेरितों के काम 8:24 प्रेरितों के काम 8:25 प्रेरितों के काम 8:26 प्रेरितों के काम 8:27 प्रेरितों के काम 8:28 प्रेरितों के काम 8:29 प्रेरितों के काम 8:30 प्रेरितों के काम 8:31 प्रेरितों के काम 8:32 प्रेरितों के काम 8:33 प्रेरितों के काम 8:34 प्रेरितों के काम 8:35 प्रेरितों के काम 8:36 प्रेरितों के काम 8:37 प्रेरितों के काम 8:38 प्रेरितों के काम 8:39 प्रेरितों के काम 8:40



प्रेरितों के काम 8:20 पर टिप्पणी
इस पद में पतरस शहद-सी सच्चाई उद्घाटित करते हैं कि पर्सनल लाभ के लिए परमेश्वर के दान का दुरुपयोग करना एक गंभीर पाप है। शाओल के प्रेरित फिलिप के प्रचार के प्रभाव से प्रेरित होकर समस्त समुदाय में यीशु का सुसमाचार फैल रहा था; लेकिन एक व्यक्ति, वरसिंगन हिमालिया, धन के लोभ में आकर यह विचार करने लगा कि उसके द्वारा दिया गया दान परमेश्वर की कृपा की रचना का मोल बन जाए। पतरस का उत्तर स्पष्ट है: रुपये या धन से परमेश्वर का आशीर्वाद खरीदा नहीं जा सकता; यह दान स्वभाव से नश्वर लाभ के लिए नहीं, बल्कि ईश्वर की महिमा के लिए है।
मुख्य अर्थ
पद यह बताता है कि सत्य और पवित्रता का मेल केवल आस्था और निर्मल हृदय से संभव है। परमेश्वर का दान किसी व्यक्ति के आर्थिक मूल्य से नहीं तोला जा सकता; धन-लाभ की दृष्टि से दान देना या लेना, प्रभु के उद्देश्य के विरुद्ध है। पतरस की द्र्ष्टी यह है कि ईश्वर की कृपा का संचालन मनःस्थिति से जुड़ा है—हमारा हृदय कितना समर्पित और शुद्ध है।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबद्ध अंश और संदर्भ
यह घटना प्रेरितों के पहले प्रसार के दौरान दिखती है, जब चमत्कारिक कार्यों के बीच भी दिल की सच्चाई को जाँचता है। संदर्भ से जुड़े विचार:
सामग्री संकेत और क्रॉस-रेफरेंसे
क्रॉस-रेफरेंसे (संक्षेप):
व्यावहारिक विचार
हम कैसे लागू करें: अपने दान-आचरण की समीक्षा करें—क्या हमारा दान केवल बाहरी नैतिकता है या ईश्वर पर भरोसा और प्रेम से प्रेरित है? कठिन समय में भी दिल की सच्चाई बनाए रखें: धन को प्रभु के काम के लिए एक साधन मानें, न कि स्वयं के सम्मान का स्रोत।
संक्षिप्त निष्कर्ष
पतरस की चेतावनी हमें स्मरण कराती है कि परमेश्वर की कृपा मूल्य से नहीं खरीदी जा सकती, और दान का वास्तविक मूल्य दिल से निकलने वाली निष्ठा और समर्पण में है। धर्म-प्रयोग में ईमानदारी, विनम्रता और प्रभु के उद्देश्य के अनुरूप रहने का आग्रह है।
पूर्व-आधार (स्वीकृत उद्धरण संकेत)
यहां से उद्धरण केवल संदर्भ के भीतर प्रयुक्त संदर्भ-उद्धरण हैं; पूर्ण पाठ के स्थान पर संक्षिप्त विचार हैं:
प्रमुख विद्वानों के दृष्टिकोण से, धन और दान को लेकर प्रभु के उद्देश्य पर गहन विवेचना मिलती है—उद्धृत अंश केवल संज्ञानात्मक संकेत के रूप में हैं; पूर्ण विवरण के लिए पाठ-आधार देखें।