आमोस 4:11 बाइबल पद की व्याख्या
आमोस 4:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“मैंने तुम में से कई एक को ऐसा उलट दिया, जैसे परमेश्वर ने सदोम और गमोरा को उलट दिया था, और तुम आग से निकाली हुई लकड़ी के समान ठहरे; तो भी तुम मेरी ओर फिरकर न आए,” यहोवा की यही वाणी है।
आमोस 4:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 4:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 13:19 (HINIRV) »
बाबेल जो सब राज्यों का शिरोमणि है, और जिसकी शोभा पर कसदी लोग फूलते हैं, वह ऐसा हो जाएगा जैसे सदोम और गमोरा, जब परमेश्वर ने उन्हें उलट दिया था।

जकर्याह 3:2 (HINIRV) »
तब यहोवा ने शैतान से कहा, “हे शैतान यहोवा तुझको घुड़के! यहोवा जो यरूशलेम को अपना लेता है*, वही तुझे घुड़के! क्या यह आग से निकाली हुई लुकटी सी नहीं है?” (रोम. 8:33)

उत्पत्ति 19:24 (HINIRV) »
तब यहोवा ने अपनी ओर से सदोम और गमोरा पर आकाश से गन्धक और आग बरसाई; (लूका 17:29)
आमोस 4:11 पर टिप्पणी — परमेश्वर की कठोर चेतावनी और अधिकार
मुख्य interpretive बिंदु: परमेश्वर ने अपने चिह्नित न्याय के कारण इज़राइल के भीतर के दोषों को उजागर करते हुए कहा कि उन्होंने उसे संतप्त किया है, साथ ही वह अभी भी मर्मान्तिक लौटने की राह नहीं पकड़ते। यहशब्द बताते हैं कि परमेश्वर की क्रिया केवल दंडित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अवसर-प्रदत्त लगता है ताकि वे सच में पुनः लौटें और उसी के अनुसार जीवन जीएं।
पाठक-परिसर (Literary Context)
अमोस की पुस्तकमें नीतिहो-आलोचान के साथ-साथ सामाजिक न्याय की प्रासंगिकता है। 4:11 में परमेश्वर उन राष्ट्रों के आचरण की ओर इशारा करते हैं जो उसकी रोकने पर भी पथभ्रष्ट रहे। यह चेतावनी इस बात को रेखांकित करती है कि परमेश्वर का धैर्य सीमित है: उसने पूर्व से अनेक संकेत और लालच भेजे, फिर भी यहोवा की ओर से लौटना नहीं होता। आग से निकली लकड़ी की तरह तिरस्कृत स्थिति भी दर्शाती है कि वह उन्नत स्थिति नहीं है, बल्कि बार-बार अस्वीकृत किया गया हृदय है।
धार्मिक-का-तत्व (Theological Significance)
यह वाक्य पाप के संगति में चिट्ठी देता है कि परमेश्वर अपने लोगों के साथ वैसा ही व्यवहार नहीं करते जैसे लोग एक बार गलती कर दें और फिर भूल जाएं। उन्होंने सदोम-गमोरा के दंड की याद दिलाते हुए कहा कि वह भी उन स्थितियों से बच नहीं पाए थे, जिनमें दायित्व की अवहेलना और ईश्वर-निष्ठा से विमुखता प्रमुख थी। यह चेतावनी विश्वास को जागृत करती है कि गंभीर पापों के प्रति धैर्य हो सकता है, पर यह निष्कर्ष नहीं कि परमेश्वर को पलटना संभव है; उलट वह पथभ्रष्टता पर पुनः लौटते बनाम नहीं—तब भी उसका दयालुता निष्प्रभाव नहीं रहती।
बाइबलीन cross-सम्बन्ध (Cross-References)
संक्षेप में यह समझना चाहिए कि परमेश्वर का संदेश क्रूर दण्ड के बजाय चेतावनी और अवसर-प्रदत्त करने वाला है: लौट आओ, ताकि तुम्हारा भविष्य उज्जवल रहे।
पुनः विचार के प्रश्न (Reflection Questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
आमोस 4:11 यह याद दिलाता है कि परमेश्वर का धैर्य अंत तक है, पर He भी है जो निष्कपट रहने पर दण्ड दे सकता है। परन्तु सही उत्तर है—तुरंत लौटना, न कि क्षण भर की चूक पर भी निराश होना। यह संदेश याद दिलाता है कि ईश्वर की प्रती-उदारता और न्याय दोनों एक साथ चलते हैं; वे चाहते हैं कि उनके लोग जीवन की दिशा में लौटें और उनकी महिमा में जीवित रहें।
महत्वपूर्ण उद्धरण (महत्वपूर्ण मिलते-जुलते विचार: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से मिलते-जुलते भाव: “तुम आग से निकाली हुई लकड़ी के समान ठहरे; तो भी तुम मेरी ओर फिरकर न आए”—यह भावना उनके संस्थागत विश्लेषण में पाई जाती है कि परमेश्वर के दंड के बावजूद वापसी की आवश्यकता है; नीचे उद्धरणों के संक्षिप्त संदर्भ बताए गए हैं।)
उद्धृत या संक्षेपित विचारों के स्रोत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के संयुक्त सार को समाहित किया गया है।