Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 8:1 दानिय्येल 8:2 दानिय्येल 8:3 दानिय्येल 8:4 दानिय्येल 8:5 दानिय्येल 8:6 दानिय्येल 8:7 दानिय्येल 8:8 दानिय्येल 8:9 दानिय्येल 8:10 दानिय्येल 8:11 दानिय्येल 8:12 दानिय्येल 8:13 दानिय्येल 8:14 दानिय्येल 8:15 दानिय्येल 8:16 दानिय्येल 8:17 दानिय्येल 8:18 दानिय्येल 8:19 दानिय्येल 8:20 दानिय्येल 8:21 दानिय्येल 8:22 दानिय्येल 8:23 दानिय्येल 8:24 दानिय्येल 8:25 दानिय्येल 8:26 दानिय्येल 8:27



सींग का उभार यानि दानिय्येल 8:9 का संक्षिप्त अर्थ
इस वचन में एक छोटा-सा सींग उगा और उसने दक्षिण, पूरब और शिरोमणि देश की ओर बहुत बढ़ना शुरू कर दिया। इसका मतलब यह है कि परमेश्वर की योजना के भीतर एक शक्तिशाली सत्ता का उभार हो रहा है जो राजनीतिक-भौगोलिक विस्तार के साथ उजागर होती है और अपने प्रभाव से चारों ओर हेरा-फेरी कर देती है।
संदर्भ-बैकग्राउंड
दानिय्येल की दृष्टि बंधन के समय के बाद की घटनाओं और मिडियन-पर्यूषण की कथा से जुड़ी है। मक़्दून साम्राज्य की सत्ता घटती-घटती एक छोटा-सा सींग शुरू होता है जो आगे चलकर एक प्रमुख शक्ति बन जाता है। यह भाग उन अन्य दृष्टांतों से जुड़ता है जहाँ अनुशासन और न्याय के उपकरण के रूप में राजसी शक्तियाँ उभरती हैं।
व्याख्यात्मक बिंदु
निष्कर्षात्मक थीमैटिक संकेत
यह वचन संकेत देता है कि परमेश्वर के पूर्ण कार्यक्रम में शक्तियाँ कभी-कभी अप्रत्याशित रूप से उभरती और दूसरों पर हावी हो जाती हैं, परन्तु उनके असली लक्ष्यों और परिणामों को परमेश्वर नियंत्रित करते हैं। विश्वास के साथ यह देखा जाना चाहिए कि शक्तिशाली उभार भी अंततः परमेश्वर के प्रभुत्व के सामने उत्तर-चढ़ता है और उसका उद्देश्य सत्य और न्याय की दिशा में क्रमबद्ध होता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संक्षेप
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
हमें यह सीख मिलती है कि इतनी बड़ी शक्तियाँ जब भी उभरें, विश्वासियों को परमेश्वर की सत्ता और धैर्य से जुड़कर चलना चाहिए। व्यापक राजनीति और सत्ता-धाराओं के बीच हमारी स्थिरता ईश्वर की विश्वसनीयता पर हो।
ऐतिहासिक-प्रसंग से संकलित उद्धरण (संदर्भित पाठक-उद्धरण)
नीति-सम्बद्ध टिप्पणीकारों के वे उद्धरण जो सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं, नीचे संक्षेप में संदर्भित हैं:
Matthew Henry: “The little horn that grows exceedingly” जैसी भाषा के भीतर शक्ति-प्रकाश और विरोध का संकेत मिलता है।
Albert Barnes: “The little horn” को एक ऐसी राजनीतिक सत्ता के रूप में व्याख्यायित करते हैं जो स्वयं-उत्पादन और प्रभुत्व का लक्ष्य बनाती है।
Adam Clarke: यह दृष्टांत दर्शाता है कि सत्ता की प्रवृत्ति समय-समय पर वृद्धि पाती है और उसके कदम परमेश्वर के नियंत्रण से बाहर नहीं होते।
नोट
कृपया ध्यान दें कि ऊपर के उद्धरण केवल संदर्भ स्वरूप हैं और पूर्ण टेक्स्ट नहीं हैं; यदि आपको पूर्ण उद्धरण चाहिए तो मैं स्रोत-विश्लेषण के साथ प्रस्तुत कर सकता हूँ।