Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
एस्तेर 9:1 एस्तेर 9:2 एस्तेर 9:3 एस्तेर 9:4 एस्तेर 9:5 एस्तेर 9:6 एस्तेर 9:7 एस्तेर 9:8 एस्तेर 9:9 एस्तेर 9:10 एस्तेर 9:11 एस्तेर 9:12 एस्तेर 9:13 एस्तेर 9:14 एस्तेर 9:15 एस्तेर 9:16 एस्तेर 9:17 एस्तेर 9:18 एस्तेर 9:19 एस्तेर 9:20 एस्तेर 9:21 एस्तेर 9:22 एस्तेर 9:23 एस्तेर 9:24 एस्तेर 9:25 एस्तेर 9:26 एस्तेर 9:27 एस्तेर 9:28 एस्तेर 9:29 एस्तेर 9:30 एस्तेर 9:31 एस्तेर 9:32



एस्तेर 9:25 पर आधारित प्रवचन
यह पद एस्तेर–कथा का समापन भाग है, जहाँ ईश्वर के नियम दिल में दृढ़ विश्वास और राजा के न्याय से यहूदियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। यद्यपि यहूदियों पर कटाक्ष और विध्वंस का प्रयास था, पर परमेश्वर के समय पर विपरीत कार्य होते हैं और दुष्ट युक्तियों का परिणाम पलट जाता है। इस पाठ में धार्मिक दृढ़ता, प्रार्थना-संवाद और सच्चे विश्वास को प्रमुख स्थान मिलता है।
पद का अध्याय-दर-अध्याय संदर्भ
9:25 में Esther ने बताया कि जब राजा ने सच जान लिया, तब उसने हुक्म दिया कि हामान की दुष्ट योजना, जो उसने यहूदियों के विरुद्ध रची थी, उसी के सिर पर पलट आना चाहिए। यहूदियों के पक्ष में न्याय और सुरक्षा स्थापित की गई—यानी विपदा पर विजय एवं ईश्वर की व्यवस्था के अनुसार मुक्ति।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुसंधान-उद्धरण (पवित्र पवित्रता के अनुरूप)
इस पाठ के साथ सम्बद्ध दो-तीन संदर्भ विचार योग्य हैं जिनमें विपत्ति के समय विश्वास और ईश्वर-आधारित निर्णयों की गूंज मिलती है।
पाठ की तुलना: सम्बन्धित बाइबल उद्धरण
कोरस-धारणा के संदर्भ में ये छोटे बिंदु समझाते हैं कि कैसे एक योजना जो दुष्ट ने रची थी, उसे परमेश्वर ने पलट दिया।
संदर्भ 1: कठिन समय में ईश्वर का बचाव।
संदर्भ 2: विपत्ति की दिशा-निर्देशों में न्याय की वापसी।
प्रयोगयोग्यता और व्यावहारिक अनुप्रयोग
1) संकट के समय भी ईश्वर पर भरोसा बनाए रखें; उसकी योजना स्पष्ट होती है।
2) अन्याय के विरुद्ध साहसपूर्वक बोलना और उचित कदम उठाना, ताकि समाज में निष्कलंक न्याय बन सके।
संक्षेप
एस्तेर 9:25 के माध्यम से सीख मिलती है कि दुष्टों की चाल क्यों न हो—पर परमेश्वर के समय पर न्याय और सुरक्षा के साथ मुक्ति मिलती है। यह पाठ विश्वास, धैर्य और प्रतिफलित कृपा का भाव बताता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस
यहाँ 3 छोटी क्रॉस-रेफरेंसेस हैं जो essa के संदेश से मेल खाती हैं:
युक्ति-उद्धरण (यदि उपलब्ध): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के किसी भी स्पष्ट उद्धरण से पाठानुवाद नहीं दिया गया है, पर उनके सारगर्भित विचारों की स्मृति-आधार पर लेखन में प्रेरणा मिली है।
समाप्ति में, यह पाठ हमें यह याद दिलाता है कि ईश्वर के निर्णय समय पर होते हैं और उसकी रक्षा-सूत्रों में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए मुक्ति संभव है।