Old Testament
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एस्तेर 5:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तीसरे दिन एस्तेर अपने राजकीय वस्त्र पहनकर राजभवन के भीतरी आँगन में जाकर, राजभवन के सामने खड़ी हो गई। राजा तो राजभवन में राजगद्दी पर भवन के द्वार के सामने विराजमान था;
एस्तेर 5:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 5:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एस्तेर 6:4 (HINIRV) »
राजा ने पूछा, “आँगन में कौन है?” उसी समय हामान राजा के भवन से बाहरी आँगन में इस मनसा से आया था, कि जो खम्भा उसने मोर्दकै के लिये तैयार कराया था, उस पर उसको लटका देने की चर्चा राजा से करे।

प्रकाशितवाक्य 3:21 (HINIRV) »
जो जय पाए, मैं उसे अपने साथ अपने सिंहासन पर बैठाऊँगा, जैसा मैं भी जय पा कर अपने पिता के साथ उसके सिंहासन पर बैठ गया।

एस्तेर 4:16 (HINIRV) »
“तू जाकर शूशन के सब यहूदियों को इकट्ठा कर, और तुम सब मिलकर मेरे निमित्त उपवास करो, तीन दिन-रात न तो कुछ खाओ, और न कुछ पीओ। और मैं भी अपनी सहेलियों सहित उसी रीति उपवास करूँगी*। और ऐसी ही दशा में मैं नियम के विरुद्ध राजा के पास भीतर जाऊँगी; और यदि नाश हो गई तो हो गई।”
एस्तेर 5:1 — अर्थ का संक्षेप
इस पद में कहा गया है कि तीसरे दिन एस्तेर अपने राजकीय वस्त्र पहनकर राजभवन के भीतर आँगन में गईं, और राजा वहां राजगद्दी के पास खड़े थे। इसका तात्पर्य यह है कि एस्तेर ने साहसपूर्वक विधिवत तारण हेतु एक प्रमुख अवसर ग्रहण किया, ताकि राजा की कृपा पाने और यरूशलेम-नियम के अनुसार अपने लोगों के उद्धार की मांग कर सकें।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठूद्घाटन हू-ब-हू एक चुनौतीपूर्ण समय में है: यहूदी समुदाय पर खतरे की घड़ी थी, और एस्तेर बिना बुलाए किसी के पास जाना जोखिम भरा था। इतिहास यह दर्शाता है कि मर्दखई के सलाह पर और ईश्वर की व्यवस्था के अनुसार ही एस्तेर ने कदम रखा। राजसी आँगन वह स्थान है जहाँ राजा द्वारा सामान्यतः शासन-सम्बन्धी दृष्टिकोण और दया मिलती है; यहाँ आया राजसी स्वागत एक निर्णायक मोड़ है।
व्याख्यात्मकOBSERVATIONS
थीमात्मक सार
संदर्भित क्रॉस-रेफरेंसेज
1) हिब्रू परिवार में निर्णय और धैर्य का चित्रण - यह भी एस्तेर कथा में राजसी धैर्य पर बल देता है; यह समझ देता है कि विशेषज्ञता और Prayful courage साथ चलते हैं।
2) अन्य ग्रंथों के साथ आस्था-प्रभाव का संयोग—यहोवा के समय पर कृपा के लिए मानव नेतृत्व को मंच देना एक सामान्य थीम है (उदा. दाऊद का राजप्रवेश, Ester-सी प्रस्तुति में भी इसी तरह का विश्वास स्पष्ट है)।
3) बाहरी खतरे के समय ज़िम्मेदारी दिखाने के लिए आंतरिक योजना को राजा के समक्ष प्रस्तुत करना—यहाँ यह दिखता है कि कैसे व्यक्तिगत कदम सामूहिक उद्धार के लिए प्रेरित होते हैं।
फर्कौती और स्पष्ट उद्धरण (कम-उद्धरण, अगर उपलब्ध हो)
महत्वपूर्ण उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke में से स्पष्ट संक्षिप्त उद्धरण यहाँ उपलब्ध नहीं है; यदि मिलते हैं तो केवल संक्षिप्त रूप में ही उल्लेख किया जाएगा।
संक्षिप्त अनुप्रयुक्त निष्कर्ष
एस्तेर के इस प्रवेश से यह स्पष्ट होता है कि सही समय पर उचित सम्मान के साथ साहसपूर्ण कदम उठाने से बड़े खतरे के बीच भी समाधान की राह खुल सकती है। यह पाठ हमें यह पाठ पढ़ाता है कि धैर्य, परिशुद्ध योजना, और परमेश्वर के मार्गदर्शन में विश्वास—ये सभी मिलकर संकट का सामना करने में समर्थ बनाते हैं।