Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएस्तेर 5:6 बाइबल पद की व्याख्या
एस्तेर 5:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
भोज के समय जब दाखमधु पिया जाता था, तब राजा ने एस्तेर से कहा, “तेरा क्या निवेदन है? वह पूरा किया जाएगा। और तू क्या माँगती है? माँग, और आधा राज्य तक तुझे दिया जाएगा।” (मर. 6:23)
एस्तेर 5:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एस्तेर 5:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

एस्तेर 7:2 (HINIRV) »
और राजा ने दूसरे दिन दाखमधु पीते-पीते एस्तेर से फिर पूछा, “हे एस्तेर रानी! तेरा क्या निवेदन है? वह पूरा किया जाएगा। और तू क्या माँगती है? माँग, और आधा राज्य तक तुझे दिया जाएगा।” (मर. 6:23)

एस्तेर 9:12 (HINIRV) »
तब राजा ने एस्तेर रानी से कहा, “यहूदियों ने शूशन राजगढ़ ही में पाँच सौ मनुष्यों और हामान के दसों पुत्रों को भी घात करके नाश किया है; फिर राज्य के अन्य प्रान्तों में उन्होंने न जाने क्या-क्या किया होगा! अब इससे अधिक तेरा निवेदन क्या है? वह भी पूरा किया जाएगा। और तू क्या माँगती है? वह भी तुझे दिया जाएगा।”

एस्तेर 5:3 (HINIRV) »
तब राजा ने उससे पूछा, “हे एस्तेर रानी, तुझे क्या चाहिये? और तू क्या माँगती है? माँग और तुझे आधा राज्य तक दिया जाएगा।”
एस्तेर 5:6 का मतलब और उसकी प्रासंगिकता
यह पद स्पष्ट करता है कि एस्तेर के मित्र और वह देश कैसे एक सुनियोजित भोज के समय राजा के सामने उनके निवेदन की संभावनाओं को गहराई से देख रहे थे। राजा ने भोज के समय सामान्यतः प्रतिष्ठा और आनंद के क्षणात თითო से यह कहा कि तेरी इच्छा क्या है? माँग, और आधा राज्य तक दिया जाएगा। यह संदेश महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह सत्ता-व्यवस्था के भीतर भी एक सविशेष संवेदना और न्याय की दिशा को दर्शाता है: एक साम्राज्य की उन्नति और एक व्यक्ति के जीवन की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाने की क्षमता। भूमिका यह है कि एक ऐसे समय में भी जहाँ अधीश्वर, सत्ता और नियंत्रण प्रमुख हों, शुद्ध उद्देश्य और वास्तविक खतरे सामने आ जाते हैं।
पद की मूल संदर्भ-स्थिति
एस्तेर 5:6 में, राजा असथेरोश का भोज चल रहा है। उस क्षण में एस्तेर अपने निवेदन के लिए अवसर खोजती है, ताकि वह अपने लोगों के जीवन-खतरे को रोक सके। यह एक राजनीतिक-अनुकूल स्थिति के भीतर साहसी प्रण लेकर आती है; क्योंकि यह समय और स्थान में एक ऐसी मांग है जो सत्ता के सामने सीधे प्रस्तुत की जा रही है।
मुख्य संदेश
लघु शब्दों में कहा जाए तो यह verse अत्यंत सरल लेकिन गहरा है: जब अवसर मिले, तो अपने उद्देश्य को स्पष्ट और निर्भीक ढंग से प्रस्तुत करें। राजा का यह आदर्श वक्तव्य—“आधा राज्य तक दे दूंगा”—प्रत्येक समय में शान्त, परिश्रमी और विवेकपूर्ण निवेदन की प्रेरणा देता है। साथ ही यह भी संकेत देता है कि परमेश्वर के काम के लिए मानवीय मार्ग में अवसर मिलना संभव है, अगर हमारी प्रार्थना और भ्रांति एक साथ पवित्र उद्देश्य की ओर उन्मुख हों।
पवित्रता और नीति के साथ निवेदन
एस्तेर के पास एक स्पष्ट रणनीति थी: पहले मानवीय सम्मान और सुरक्षा की मांग, फिर उद्धार के लिए रोशनी देना। यह संतुलन हमें सिखाता है कि प्रभु के सामने प्रार्थना करते समय भी हमें विश्वसनीय और शांत वातावरण में सही मार्ग खोजना चाहिए।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संभावित लिंक) और संक्षिप्त शिक्षा
अध्यात्मिक और साहित्यिक संदर्भ
हाइब्रू भाषिक परिचय में यह दिखता है कि ग्रहणशीलता, साहस, और बेमिशाल कर्तव्य-निष्ठा एक साथ कैसे जुड़ते हैं। इस कहानी में एस्तेर की चयन-शक्ति और विवेक—जो उसे अपने लोगों के लिए खतरे के बीच खड़ा कर देती है—हमारे लिए भी एक प्रेरणा है कि चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप निर्णय लें।
संक्षिप्त devotional अंतर्दृष्टि
जीवन के भोज और अवसरों के क्षणों में, हमें भी एस्तेर की तरह समझदारी से बोलना चाहिए। सत्ता या दबाव के सामने डरना नहीं, बल्कि निडर होकर अपने परमेश्वर-निर्दिष्ट उद्देश्य को सामने रखना चाहिए। यह verse हमें याद दिलाता है कि सही समय पर सही शब्द, सही उद्देश्य के साथ देना, परमेश्वर की योजना को आगे बढ़ा सकता है।
छोटे उद्धरण (public-domain commentators)
डायरेक्ट उद्धरण नहीं दिए जा रहे, ताकि मूल विचार संरक्षित रहें; पर यदि आप चाहें तो मैथ्यू헨री, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के पारंपरिक टिप्पणी-टेक्स्ट के सार को समान ढंग से समाहित किया गया है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
एस्तेर 5:6 वैसे तो एक राजसी भोज की कहानी है, पर यह नीतिमय निवेदन, साहस और विश्वास की शिक्षा देती है—कि अवसर मिलते ही हमें परमेश्वर के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट और प्रतिष्ठित मार्ग चुनना चाहिए। साथ ही यह बताता है कि धर्म-जीवन में सत्ता के साथ संतुलन बनाते हुए भी सत्य-प्रेम और समुदाय-कल्याण सबसे ऊपर होना चाहिए।