Old Testament
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एस्तेर 5:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
एस्तेर ने कहा, “यदि राजा को स्वीकार हो, तो आज हामान को साथ लेकर उस भोज में आए, जो मैंने राजा के लिये तैयार किया है*।”
एस्तेर 5:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 5:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एस्तेर 5:8 (HINIRV) »
कि यदि राजा मुझ पर प्रसन्न है और मेरा निवेदन सुनना और जो वरदान मैं माँगू वही देना राजा को स्वीकार हो, तो राजा और हामान कल उस भोज में आएँ जिसे मैं उनके लिये करूँगी, और कल मैं राजा के इस वचन के अनुसार करूँगी।”

नीतिवचन 29:11 (HINIRV) »
मूर्ख अपने सारे मन की बात खोल देता है, परन्तु बुद्धिमान अपने मन को रोकता, और शान्त कर देता है।

उत्पत्ति 27:25 (HINIRV) »
तब उसने कहा, “भोजन को मेरे निकट ले आ, कि मैं, अपने पुत्र के अहेर के माँस में से खाकर, तुझे जी से आशीर्वाद दूँ।” तब वह उसको उसके निकट ले आया, और उसने खाया; और वह उसके पास दाखमधु भी लाया, और उसने पिया।
पाठ परिचय — एस्तेर 5:4 (HINIRV)
आयतन वाक्य: "एस्तेर ने कहा, 'यदि राजा को स्वीकार हो, तो आज हामान को साथ लेकर उस भोज में आए, जो मैंने राजा के लिये तैयार किया है।'" यह वचन अध्याय के उस निर्णायक मोड़ को दर्शाता है जब एस्तेर स्वयं राजा के सामने जा कर सहायता की याचना करने की तैयारी कर रही है। उसने न केवल राजसी साहस दिखाया, बल्कि रणनीति और विवेक से भी काम लिया।
इस अध्याय में वचन का स्थान
एस्तेर अध्याय 5 में हम देखते हैं कि एस्तेर ने राजा के सामने बिना बुलाए आने का साहस किया — जो क़ानून के विरुद्ध था और जानलेवा भी हो सकता था। इस कविता में उसकी उपलब्धि केवल उपस्थित होना नहीं, बल्कि हामान को अपने साथ भोज में बुलाने का निमंत्रण भी है। यह कदम एक योजनाबद्ध अवसर प्रदान करता है जिससे वह आगे की विनती प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सके।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
यह पद हमें सिखाता है कि साहस और विवेक दोनों आवश्यक हैं। एस्तेर का व्यवहार बताता है कि सही समय और अवसर का उपयोग करना—विनम्रता के साथ, परन्तु निश्चय के साथ—परमेश्वर की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उसने सीधे संघर्ष का सामना न कर, बल्कि संबंधित व्यक्ति को साथ लेकर समस्या को समाधान की ओर मोड़ा। यह आत्म-बल, नीति और प्रार्थना का संतुलन दिखाता है।
संबंधित बाइबिल छंदों के साथ तुलना
व्यावहारिक प्रयोजन
एस्तेर 5:4 आज की जीवन परिस्थितियों में हमें यह सिखाता है कि जब संकट आए तो जल्दबाजी में निर्णय न लें। पहले स्थिति का आकलन करें, परिस्थिति के अनुसार अवसर बनाएं, और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को साथ लेकर कदम उठाएं। यह पद विशेषकर नेतृत्व, मध्यस्थता और कठिन वार्ताओं में उपयोगी है।
संदर्भित पुरानी टिप्पणी संकेत
मैथ्यू हेनरी ने सामान्यतः एस्तेर की बुद्धिमत्ता और समयबोध की प्रशंसा की है। अल्बर्ट बार्न्स ने ऐसे क्षणों में नीति और साहस के मेल पर ध्यान दिया। एडम क्लार्क ने एस्तेर के व्यावहारिक कूटनीति के तत्वों का उल्लेख किया। (ऊपर के विद्वानों के वाक्यांशों से सटीक उद्धरण शामिल नहीं किए गए हैं; यदि कोई संक्षिप्त उद्धरण आवश्यक हो, तो वह यथोचित रूप में अलग से दिया जा सकता है।)
संक्षेप
एस्तेर 5:4 हमारे सामने एक मिसाल रखता है—धैर्य से बने अवसर, साहसपूर्वक कदम और सूझबूझ से उठाया गया निमंत्रण। वह न केवल राजा के समक्ष आई, बल्कि हामान को साथ लेकर भोज में बुलाकर आगे की विनती के लिए उपयुक्त रूप से परिस्थिति तैयार कर गयी। इस पद से सीख यह है कि धार्मिक विश्वास, विवेक और समय-बोध मिलकर कठिनाईयों में मुक्ति दिला सकते हैं।