Old Testament
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एस्तेर 5:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उसकी पत्नी जेरेश और उसके सब मित्रों ने उससे कहा, “पचास हाथ ऊँचा फांसी का एक खम्भा बनाया जाए, और सवेरे को राजा से कहना, कि उस पर मोर्दकै लटका दिया जाए; तब राजा के संग आनन्द से भोज में जाना।” इस बात से प्रसन्न होकर हामान ने वैसा ही फांसी का एक खम्भा बनवाया।
एस्तेर 5:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 5:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एस्तेर 6:4 (HINIRV) »
राजा ने पूछा, “आँगन में कौन है?” उसी समय हामान राजा के भवन से बाहरी आँगन में इस मनसा से आया था, कि जो खम्भा उसने मोर्दकै के लिये तैयार कराया था, उस पर उसको लटका देने की चर्चा राजा से करे।

एस्तेर 7:9 (HINIRV) »
तब राजा के सामने उपस्थित रहनेवाले खोजों में से हर्बोना नाम एक ने राजा से कहा, “हामान के यहाँ पचास हाथ ऊँचा फांसी का एक खम्भा खड़ा है, जो उसने मोर्दकै के लिये बनवाया है, जिस ने राजा के हित की बात कही थी।” राजा ने कहा, “उसको उसी पर लटका दो।”

1 राजाओं 21:7 (HINIRV) »
उसकी पत्नी ईजेबेल ने उससे कहा, “क्या तू इस्राएल पर राज्य करता है कि नहीं? उठकर भोजन कर; और तेरा मन आनन्दित हो; यिज्रेली नाबोत की दाख की बारी मैं तुझे दिलवा दूँगी।”
एस्तेर 5:14 का संदर्भ और उसका प्रभाव
इस पाठ का आरम्भ उस दृश्य से होता है जहाँ अहस्तेर के पति मोर्दखई की सुरक्षा के लिए पहले से ही राजा अससूर के महल में चुपचाप कला-चाल चल रहा था। हामान ने जो एक उच्च प्रतिष्ठा का व्यक्ति था, उसने एक योजना बनाई: एक ऊँचा फाँसी का खम्भा बनवाकर मोर्दखई के लिए एक विध्वंसकारी संदेश भेजना और फिर राजा के साथ भोज में जाना, ताकि उसकी प्रसन्नता और दबंगाई दोनों बढ़ें। पाठ यह दिखाता है कि मानवीय योजना और अहंकार कैसे परमेश्वर के नियंत्रित शासन के सामने असफल होते हैं।
ईश्वर के बारे में यह पाठ क्या उजागर करता है
यहाँ सीधे परमेश्वर का नाम नहीं कहा गया है, पर उपलब्ध संकेत यह बताते हैं कि विश्व के क्रम-कायदे परमेश्वर के नियंत्रण में हैं। मोर्दखई की नीतियाँ और उसके धैर्य का परिणाम अंततः हामान के उद्धार-योजनाओं को उलट देता है। यह संकेत देता है कि दुष्ट योजनाएँ भी परमेश्वर के नियोजन के विरुद्ध नहीं चल सकतीं; न्याय का पलड़ा समय पर झुकता है और विनाश उन पर ही पड़ता है जो अहंकार से कार्य करते हैं।
महत्वपूर्ण शब्द और छवि
अनुसंगीय पाठ (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
आज के समय के लिए अनुप्रयोग
हममें से प्रत्येक परिस्थिति-परस्थितियों में कभी-कभी सफलता के लिए कठोर योजनाएँ बनाने लगते हैं, मीठे-ध्वनि वाले बहानों से अपने उद्देश्य तक पहुँचना चाहते हैं। पर इस अध्याय से सीख मिलती है कि खड़ी हुई ईमानदारी-निष्ठा और धैर्य से, परमेश्वर अपने समय पर न्याय और उद्धार लाते हैं। जो हामान-सी भाषा बोलते हैं, वे किसी भी सम्मान-चहुँ के पीछे दुष्कर्म और अहंकार को छिपाते हैं, परिणामस्वरूप विनाश उनके सिर पर गिरता है। अपने जीवन में हम आत्म-उत्कृष्टता के बजाय परमेश्वर की योजना को पहले रखना सीखें।
ईतिहासिक-एवं पवित्र-वचन-आधार
यह पाठ हेबस-उद्धार की दिशा में एक मोड़ है जहाँ न केवल मोर्दखई की चट्टान-श्रद्धा, बल्कि Esther के साहस-निष्ठा भी सामने आती हैं। Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट-टिप्पणियों में मिलती सामान्य प्रेरणा यह है कि दुष्ट योजनाओं की असफलता और परमेश्वर की सत्ता का सार्वजनिक प्रदर्शन इस कथा का केंद्रीय संदेश है।
कथन-उद्धरण जिन्हें उद्धृत किया गया है: उपलब्ध सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणीकारों के छोटे उद्धरण—“फांसी का खम्भा बनाने” की घटना, और “राजा के साथ भोज” की घड़ी—इनका उल्लेख पाठ में है, ताकि पाठ के अर्थ और प्रभाव स्पष्ट हों।