Old Testament
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एस्तेर 7:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब राजा के सामने उपस्थित रहनेवाले खोजों में से हर्बोना नाम एक ने राजा से कहा, “हामान के यहाँ पचास हाथ ऊँचा फांसी का एक खम्भा खड़ा है, जो उसने मोर्दकै के लिये बनवाया है, जिस ने राजा के हित की बात कही थी।” राजा ने कहा, “उसको उसी पर लटका दो।”
एस्तेर 7:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 7:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 7:15 (HINIRV) »
उसने गड्ढे खोदकर उसे गहरा किया, और जो खाई उसने बनाई थी उसमें वह आप ही गिरा।

नीतिवचन 11:5 (HINIRV) »
खरे मनुष्य का मार्ग धर्म के कारण सीधा होता है, परन्तु दुष्ट अपनी दुष्टता के कारण गिर जाता है।

एस्तेर 5:14 (HINIRV) »
उसकी पत्नी जेरेश और उसके सब मित्रों ने उससे कहा, “पचास हाथ ऊँचा फांसी का एक खम्भा बनाया जाए, और सवेरे को राजा से कहना, कि उस पर मोर्दकै लटका दिया जाए; तब राजा के संग आनन्द से भोज में जाना।” इस बात से प्रसन्न होकर हामान ने वैसा ही फांसी का एक खम्भा बनवाया।
एस्तेर 7:9—छिपी हुई योजनाओं के विरुद्ध राजा का न्याय
इस वाक्य में कहा गया है कि हर्बोना नाम एक ने राजा के सामने स्पष्ट किया कि मोर्दकै के बदले हामान के बनाए खम्भे पर लटका देना चाहिए, ताकि मोर्दकै के प्रति राजा के हित की बात अब प्रत्यक्ष रूप से बदला जा सके। यह पाठ यह स्पष्ट कराता है कि हामान की साजिश के पूरे ताने-बाने के बीच परमेश्वर की रक्षा और मोर्दकै की ईमानदारी का अग्रसर असर बहिश्त में भी दिखता है।
पृष्ठभूमि संक्षेप
एस्तेर की कथा में मोर्दकै और हामान के बीच तनाव बढ़ता है। पश्चाताप या दया का अभाव नहीं, बल्कि सत्ता-प्रकाश और इरादे की सच्चाई सामने आती है। यह उल्लेखनीय है कि मोर्दकै ने राजा के हित की बात कही थी, और उसी के अनुसार प्रबंधक-हामान पर पर असर पड़ा। यह कहानी दिखाती है कि अधर्म के विरुद्ध सतर्क रहने के साथ-साथ, समय आने पर न्याय भी होता है।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
- प्रधान निर्देश: वहाँ एक उच्च-स्तरीय अधिकारी ने राजा को ये बताया कि खम्भे पर लटका देना चाहिए—यह साक्ष्य है कि मोर्दकै के लिए हार नहीं, बल्कि उसे सम्मानित करने के अवसर पर निर्णय लिया गया।
- नैतिक पाठ: सत्ता के भीतर भी सत्य और निष्ठा की पुष्टि होती है; राजा की आज्ञा के कारण ही यह कदम उठाया गया, पर अंततः यह योजना दुष्टों के इरादों के विरुद्ध ईश्वरीय मार्ग की दिशा में मोड़ लेती है।
सार-सूत्रित बिंदु
अन्य संदर्भ और उनके अर्थ
– एस्तेर 6:1–3: राजा की याददाश्त और मोर्दकै के सम्मान का पुनः उद्घाटन; यह बताता है कि समय-समय पर परिस्थितियाँ कैसे पलट सकती हैं।
– दानिय्येल 6:3–5: सत्ता की चालाकी और धार्मिक निष्ठा के बीच संतुलन का विचार; उच्च व्यक्तियों की साजिश से भी ईश्वरीय संरक्षण बना रहता है।
– नीतिवचन 21:30: योजनाओं का पूर्ण प्रभाव उस समय दिखता है जब परमेश्वर की योजना के सामने मानव-योजना निष्फल होती है।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
वर्तमान स्थिति में भय और विपक्ष के बीच सत्य और न्याय पर टिके रहने की शिक्षा है। यदि हम ईश्वरीय उद्देश्य के अनुरूप निष्ठा बनाएं रखें, तो चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, परमेश्वर की योजना फलित होती है।
उद्धरण सूची (संक्षेप)
ऐतिहासिक टीका-प्रकाश के भीतर के उद्धरण: मॉधेर, अॅल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क की पारंपरिक व्याख्याओं के शब्द सीधे नहीं दोहराए गए हैं, पर उनके मौलिक तर्कों से प्रेरित अभिप्रेत विचार समाहित हैं। (यथार्थ पाठ में उनके विशिष्ट शब्दों के पूर्ण उद्धरण नहीं दिए गए हैं।)
Cross-references
– एक संदर्भ: एस्तेर 6:1–3 में मोर्दकै की मान-प्रतिष्ठा का पुनः उद्घाटन; यह वाक्य बताता है कि क्यों परिस्थिति पलटती है और कैसे निष्कर्ष राजा के समक्ष हामान के इरादों के विरुद्ध गया।
– संदर्भ: दानिय्येल 6:3–5; ईश्वर की दृष्टि के सामने मानव-उपक्रम कितना भी विस्तृत क्यों न हो, धार्मिक दृढ़ता सफलता की कुंजी बनती है।
– संदर्भ: नीतिवचन 21:30; योजनाओं की सफलता का अंतिम निर्णायक तत्व परमेश्वर की सामर्थ्य है।