Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48



यहेजकेल 31:1 का अर्थ एवं संदर्भ
सार-सार में कथन है: यह वचन यहोवा का है और यहेजकेल को ग्यारहवें वर्ष के तीसरे महीने के पहले दिन मिला। इसका मूल संकेत यह है कि भविष्यद्वक्ताओं के संदेश समय-समय पर और नियमित रूप से ईश्वर प्रदत्त विचारों के रूप में आते हैं, जो उसकी योजना के अनुसार निर्धारित समय पर खुलते हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहेजकेल बंधी हुई बाबुलीय स्मृतियों के बीच एक जागरण-आह्वान है। यह वचन तब आया जब यहेजकेल निर्वासन की कठिन परिस्थिति में था। ग्यारहवें वर्ष, समय-सारिणी में एक निर्धारित क्षण है जो परमेश्वर के कार्यक्रम की पुष्टि करता है—भविष्य के उद्धार और राष्ट्र की योजनाओं की घोषणा का समय। यह दृश्यात्मक रूप से एक संदेशरूपी संकेत है कि परमेश्वर की राजनीतिक-आर्थिक घटनाओं पर भी उसका नियंत्रण है और वह भविष्य के दिन की तैयारी कर रहा है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
संक्षिप्त थीमेटिक संकेत
उद्धृत कथनों का संदर्भ
नीचे के विचार पर प्रसिद्ध अंग्रेजी-आधारित पवित्र-ग्रंथ व्याख्याकारों के संकीर्ण संकेत मिलते हैं—हालाँकि इस पंक्ति में विशेष शब्द-रेखाएँ स्पष्ट रूप से उद्धृत नहीं हैं, इनका मूल भाव पाठ के साथ संगत है:
अन्य संदर्भ और उनके संक्षिप्त अर्थ
कर्म के ऐसे क्षण जहाँ भविष्यद्वक्ता को समय-समय पर प्रेरणा मिलती है, वे निम्न आयामों में मेल खाते हैं:
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम कैसे सीखें?
हिन्डी अवलोकन में यह संदेश संयम, विश्वास और ईश्वर के नियोजन की आशा प्रस्तुत करता है—भविष्य की चुनी गई राहों में भी वह रचना करते हैं।
मुख्य संदर्भ-विवरण
यहेजकेल 31:1 का शाब्दिक संदेश और उसके पीछे की समय-सीमा इस तरह से संकेत देता है कि परमेश्वर की दिशा दिन-ब-दिन स्पष्ट होती है; अस्थिर प्रतीत होने पर भी वह स्थापित कार्यक्रम के अनुसार चलता है।