यहेजकेल 29:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

दसवें वर्ष* के दसवें महीने के बारहवें दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा,

पिछला पद
« यहेजकेल 28:26
अगला पद
यहेजकेल 29:2 »

यहेजकेल 29:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

यहोवा का ध्यान: यहेजकेल 29:1 का संक्षिप्त अर्थ

यह वचन संकेत देता है कि यहोवा का संदेश एक विशिष्ट समय पर, एक स्पष्ट तिथि पर आया: दसवें वर्ष के दसवें महीने के बारहवें दिन। इसका सीधा अर्थ है—कथा की प्रत्येक समय-रेखा में ईश्वर का सञ्चार रहता है और बुलाहटें इतिहास के एक ठोस बिंदु से शुरू होती हैं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यहेजकेल भविष्यद्वक्ता का परिचय-काल babylonian exile के दौरान है। यह वाक्य ऐसे समय को चिन्हित करता है जब यहोवा ने उनके दायरे में नए संदेशों के लिए एक स्पष्ट दिन निर्धारित किया। यह टिप्पणी करता है कि परमेश्वर का शब्द क्रमबद्ध समय-सारिणी पर आता है, न कि अनियमित आह्वानों पर; यह प्रभु की योजनाओं की निरंतरता और निर्देशित प्रगति को दर्शाता है।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • दिन की ठहराव: "दसवें वर्ष के दसवें महीने के बारहवें दिन" दृश्य-तिथि के रूप में ठहराव देता है—यह दर्शाता है कि ईश्वरीय वचन कभी भी समय-निशान के बिना नहीं आता।
  • कर्म और न्याय की दिशा: यहोवा जिस तरह समय-सारिणी बनाता है, उसी तरह वह अपने लोगों को आरोप-प्रत्यारोप और उद्धार के बीच बाँटता भी है; स्मरण कराता है कि कठिन समय भी परमेश्वर की योजना में एक कदम है।
  • कथा-प्रवाह का संकेत: यह वचन यह संकेत देता है कि भविष्यवाणियाँ एक ठोस इतिहास-खंड से जुड़ी हैं, जो इजरायल के इतिहास और दुष्कर्म-निर्वासन के साथ जुड़ी घटनाओं को खोलती हैं।

चुने हुए विचार (Themes)

  1. समय का पवित्र महत्व
  2. उद्धार और निर्णयों के बीच ईश्वर का मार्गनिर्देशन
  3. याजक और समाज के लिए जागृति की पुकार

अन्य प्रेरक संदर्भ (Cross-references)

– यशायाह 7:14 के संदर्भ में कहा गया है कि समय-समय पर ईश्वर के संकेत आते हैं ताकि छल-फरेब से बचा जा सके; यह यहेजकेल के संदेश के साथ समयचक्र की पुष्टि करता है।

– दानियेल 9:25-26 में निर्धारित कालक्रम और तिथियों का महत्व दर्शाया गया है, जो यह बताता है कि परमेश्वर के निर्णय एक दिव्य क्रम में होते हैं और मानव इतिहास के निर्णायक क्षणों से जोड़ते हैं।

– मलाकी 3:1 एक उद्धारकर्ता के आगमन के संकेतों की तिथि-संरचना की चर्चा करता है, जो समय के निर्देशों और धार्मिक जिम्मेदारियों के संगत है।

सामग्री-प्रेरित निष्कर्ष

यहोध्वारी दिन की ठहराव हमें स्मरण दिलाती है कि परमेश्वर का संदेश एक निर्धारित क्रम में आता है और जब भी वह कहे, तब हमारा ध्यान उठना चाहिए। exile के कठिन समय में भी परमेश्वर अपने लोगों के लिए मार्ग बनाने में अडिग रहते हैं। संपूर्ण पवित्रशास्त्र से यह सीख मिलती है कि परमेश्वर के कुछ विशेष दिन और तिथियाँ इतिहास की दिशा तय करते हैं।

संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway

नोट: इस पाठ के लिए नीचे Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे मानक पब्लिक-डोमेन कमेंटेटरीज से संक्षेपित विचारों की समेकित प्रेरणा ली गई है, परन्तु मूल टिप्पणियाँ स्वतंत्र रूप से हिंदी पाठ के लिए नई भाषा-रचना में प्रस्तुत हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यहेजकेल 29:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यहेजकेल 29:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 29:17 (HINIRV) »
फिर सत्ताइसवें वर्ष के पहले महीने के पहले दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा

यहेजकेल 26:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 26:1 (HINIRV) »
ग्यारहवें वर्ष के पहले महीने के पहले दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा :

यहेजकेल 20:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 20:1 (HINIRV) »
सातवें वर्ष के पाँचवें महीने के दसवें दिन को इस्राएल के कितने पुरनिये यहोवा से प्रश्न करने को आए, और मेरे सामने बैठ गए।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें