Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48



यहेजकेल 29:17— संप्रेषित संदेश का संदर्भ और महत्व
पद्य का तात्पर्य यह है कि यह प्रेषण सत्ताइसवें वर्ष के पहले महीने के पहले दिन यहोवा का वचन यहहेज़केल तक पहुँचा। यह संदेश यहूदियों के दोहराते समय-चक्र, दायित्व और परमेश्वर की योजना की स्थिरता को दिखाता है। यहहेज़केल, जिन्हें बाबुल की बन्दी के समय के दूत-त्याग और भविष्य की आशाओं के बीच एक मार्गदर्शक माना गया, इस वचन के द्वारा दर्शाते हैं कि परमेश्वर का समय-सारिणी और नियति अदृश्य नहीं—वह किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति के भीतर भी अपने उद्देश्य को आगे बढ़ाते हैं।
इस पाठ से परमेश्वर की महत्ता और विश्वास का आयाम
यह वचन स्पष्ट करता है कि परमेश्वर समय-निर्धारण में पूर्ण स्वामित्व रखता है। यही वह आधार है जिस पर भविष्य की भीड़-भाड़, कब्र के भीतर की आशा और उद्धार की योजनाएं टिकी हैं। जब यहोवा संदेश देता है, तो वह इतिहास की धारा को एक ठोस तिथि और क्रम के साथ जोड़ता है—यानी आश्वस्त करता है कि उनकी योजना क्रमबद्ध गति से सामने आती है और मनुष्यों के प्रयासों के बावजूद भी प्रभु अपनी प्रेरणा के अनुसार आगे बढ़ते हैं।
कथन के शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
फ्रेमभित्र यह वचन एक निर्धारित तिथि को इंगित करता है—पहले महीने के पहले दिन—जो बाबुली बन्दी के समय से आगे की योजनाओं की स्मृति, न्याय और आशीष के संकेत के रूप में पढ़ी जाती है। “यह वचन मेरे पास पहुँचा” से यह संकेत मिलता है कि परमेश्वर स्वयं यह संदेश रखते हैं, मानवों के विचारों से ऊपर और उनके इतिहास के भीतर एक बार नहीं, बार-बार उद्धार के संकेत भेजते हैं।
अन्य वैदिक/बायबल संदर्भ जो पाठ से जुड़ते हैं
इन संदर्भों के संग, यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर समय के पलों को अपने उद्देश्य के अनुसार भाग-भाग कर डालते हैं, और विश्वासियों के लिए यह एक प्रोत्साहन है कि धैर्य और भरोसा बनाए रखें।
आज के प्रारंभिक अनुप्रयोग
संक्षिप्त सामूहिक सार
यहहेज़केल 29:17 हमें सिखाते हैं कि परमेश्वर समय-सीमा के भीतर भी अपने चरित्र और उद्देश्य को स्पष्ट करते हैं। वह एक सत्य, पवित्र और पालनयोग्य योजना के अनुसार आगे बढ़ते हैं; और अपने लोग उस योजना के अनुरुप जीने की प्रेरणा पाते हैं।
उद्धरण-संश्लेषण: इस पंक्ति के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण पाठ में मिलते हैं—“यह वचन मेरे पास पहुँचा” जैसे वाक्यों के साथ—जो साक्ष्य देते हैं कि परमेश्वर अपने समय-निर्धारण के साथ सक्रिय और दृष्टिमान रहते हैं। इन टिप्पणीकारों के विचारों के अनुसार यह वचन वर्तमान अनुभवों में भी भरोसे और आशा की बात को पुष्ट करता है।
Cross-references explained: - यहेज़केल 7–8: समय-आदेश और न्याय का उद्घाटन। - यूहन् 4:24: आत्मा और सत्य के साथ भगवान की उपस्थिति। - रोम 8:28-29: परमेश्वर की योजना में सभी चीज़ों का संभावनात्मक योगदान।