अय्यूब 2:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा ने शैतान से पूछा, “तू कहाँ से आता है?” शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, “इधर-उधर घूमते-फिरते और डोलते-डालते आया हूँ।”

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अय्यूब 2:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या बिंदु

अय्यूब 2:2 में यहोवा ने शैतान से पूछा—यह एक आध्यात्मिक परीक्षण का दृश्य है जहाँ शैतान पृथ्वी पर घूमता है और यह दिखाता है कि ईश्वर का आदर्श भक्त जीवन के कठिन समय में भी दृढ़ रहता है। शैतान का उत्तर यह संकेत देता है कि वह हर दिशा में निगाह रख रहा है ताकि मनुष्य की विश्वासी स्थिरता को चुनौती दे सके। यह वाक्य यह भी स्पष्ट करता है कि परमेश्वर सह-नियंता है, और इधर-उधर घूमना उसका कार्य-स्थल नहीं है, बल्कि यह भी देखना है कि व्यक्ति किस प्रकार धर्म और विश्वास को स्थिर रखता है।

साहित्यिक संदर्भ

यह लिखा गया है कि यहोवा शैतान से पूछते हैं, जो पहले 1:7-12 में भी शैतान को परीक्षण के लिए अनुमति देने के प्रसंग से मेल खाता है। यहां भी यह दिखता है कि भगवान जानकारी रखते हैं और परीक्षण के समयुअर में मानवीय धैर्य को परखा जाता है।

कारणात्मक–धार्मिक महत्व

1) परीक्षण का योग: यह बोलता है कि विश्वास की गहराई तब निकलकर आती है जब परिस्थितियाँ उलट जाती हैं।

2) निष्ठा बनाम समय: यह दिखाता है कि विश्वासी की निष्ठा समय के साथ मजबूत होती है, क्योंकि धर्मिष्ठता बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं होती।

पठन-आख्यान (Cross-References)

  • य המת 1:7–12 की तरह, शैतान की मिसाल के साथ यह दिखाता है कि परमेश्वर निर्भयता और सत्यापन को कैसे समर्पित करता है—जब विश्वासघात और दर्द आता है। (तुलना हेतु संदर्भ)
  • याकूब 1:12–13—परिक्षण के समय, परमेश्वर के साथ प्रेम और धैर्य बना रहने की प्रेरणा की पुष्टि होती है।
  • 1 पतरस 1:6–7—परिक्षण से विश्वास का सोना उजागर होने की बात कही गई है।

इन संदर्भों से शिक्षा मिलती है कि त्रासदियाँ भी परमेश्वर के उद्देश्य में एक भूमिका निभाती हैं और विश्वास के परखने की प्रक्रिया में पात्र बनाती हैं।

विचार–प्रश्न

  • क्या आप अपने आप पर होने वाले असुविधाओं को ईश्वर की योजना का भाग मान कर धीरज रखते हैं?
  • कितनी बार दर्द ने आपके विश्वास को मजबूत किया है, बजाय उसे कमजोर करने के?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यूहन्ना-युग के आरम्भिक दृश्य में यहोवा शैतान से पूछते हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि नियंता के चरणों के बीच विश्वास की परख होती है। यह उद्धरण हमारे लिए स्मरण कराता है कि कठिन समय में भी ईश्वर के Sovereignty और विश्वास की गहराई पर भरोसा बनाए रखना चाहिए, क्योंकि समय के साथ यह निष्ठा पुरस्कृत होती है।

यहां उपलब्ध किसी भी प्रत्यक्ष उद्धरण जो Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से है, केवल यदि उपलब्ध हों तो लाइनों में उद्धृत होंगे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 2:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 पतरस 5:8 (HINIRV) »
सचेत हो*, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किसको फाड़ खाए।

अय्यूब 1:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 1:7 (HINIRV) »
यहोवा ने शैतान से पूछा, “तू कहाँ से आता है?” शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, “पृथ्वी पर इधर-उधर घूमते-फिरते और डोलते-डालते आया हूँ।”

यूहन्ना 14:30 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 14:30 (HINIRV) »
मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूँगा, क्योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ पर उसका कुछ अधिकार नहीं।

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