Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 19:1 यूहन्ना 19:2 यूहन्ना 19:3 यूहन्ना 19:4 यूहन्ना 19:5 यूहन्ना 19:6 यूहन्ना 19:7 यूहन्ना 19:8 यूहन्ना 19:9 यूहन्ना 19:10 यूहन्ना 19:11 यूहन्ना 19:12 यूहन्ना 19:13 यूहन्ना 19:14 यूहन्ना 19:15 यूहन्ना 19:16 यूहन्ना 19:17 यूहन्ना 19:18 यूहन्ना 19:19 यूहन्ना 19:20 यूहन्ना 19:21 यूहन्ना 19:22 यूहन्ना 19:23 यूहन्ना 19:24 यूहन्ना 19:25 यूहन्ना 19:26 यूहन्ना 19:27 यूहन्ना 19:28 यूहन्ना 19:29 यूहन्ना 19:30 यूहन्ना 19:31 यूहन्ना 19:32 यूहन्ना 19:33 यूहन्ना 19:34 यूहन्ना 19:35 यूहन्ना 19:36 यूहन्ना 19:37 यूहन्ना 19:38 यूहन्ना 19:39 यूहन्ना 19:40 यूहन्ना 19:41 यूहन्ना 19:42



यूहन्ना 19:29 — तत्काल सन्निकटन और प्रतीक
कथन के तुरंत संदर्भ में, क्रूस पर यीशु की मृत्यु के पूर्व के अंतिम क्षणों में जहाज-युक्त जलपान के साथ एक सिरका-भरा बर्तन रखा गया था। जनता के मुँह से निकलती प्यास को शांत करने के लिए सिरके के पनसों को जूफे पर रखा गया और उसके मुँह पर लगाया गया। यह दृश्य न केवल मानवीय पीड़ा को दिखाता है, बल्कि मसीह के प्रेम और क्षमाशीलता के एक गहरे संकेत के रूप में भी देखा जाता है।
ईश्वर, विश्वास और पाठ के संदेश
यह पाठ यह संकेत देता है कि परमेश्वर अपने पुत्र की पीड़ा को गहराई से जानते हैं और उसमें खड़ा रहता है। यद्यपि शारीरिक पीड़ा तीव्र है, परंतु ईश्वर की योजना अदृश्य रूप से पूर्ण हो रही है। शास्त्रीय टिप्पणीकारों के अनुसार, यह प्रतीक है कि मसीह संसार के सभी पापों के लिए फिर भी उद्धार का स्रोत बना रहा, क्योंकि वह अपने दर्द के बीच भी सत्य और करूणा का प्रतिरूप बन रहा है।
महत्वपूर्ण शब्द और छवि
संबद्ध पाठ
यह घटना भजन-69:21 के संदर्भ के साथ जुड़ी है, जहाँ सिरके के कारण क्रोधित बू आने की बात की गयी है। साथ ही, अन्य बाइबिल पाठों में मसीह की प्यास और यहूदी नेताओं के साथ बहस के बीच भी प्रभु की सेवा-भक्ति उभरती है (जेन 19:28; मर 15:34) — ये सभी संकेत एक बहुलक विचार प्रस्तुत करते हैं: ईश्वर का उद्देश्य पाप के विरोध में उद्धार का मार्ग प्रकाशित करना है।
1–2 सुंदर क्रॉस-रेफरेंस और उनका तात्पर्य
आज के जीवन में अनुप्रयोग
हमारे लिए यह पाठ बताता है कि मसीह की पीड़ा हमारे लिए नहीं सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना है, बल्कि उद्धार के प्रेम की ऊष्मा है। जब जीवन में प्यास लगती है—आत्मिक, भावनात्मक या सांसारिक—तो यीशु हमारे करीब है और उसकी दया उसे शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार से शांत करती है। अपने पड़ोसियों, दोस्तों और कठिन परिस्थितियों के बीच भी करुणा और सेवा के माध्यम से हम उसकी राह बनाते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (संक्षेप)
अगर आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke की विचारधara के संक्षेप-रेखांक को देखते हैं, तो वे इस चरण में प्रमुख बातों को इस प्रकार संक्षेपित करते हैं: भगवान की योजना में यीशु की पीड़ा को मानवीय निर्बलताओं के साथ जोड़ा जाता है, ताकि उद्धार का संदेश स्पष्ट हो।