Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 2:1 यूहन्ना 2:2 यूहन्ना 2:3 यूहन्ना 2:4 यूहन्ना 2:5 यूहन्ना 2:6 यूहन्ना 2:7 यूहन्ना 2:8 यूहन्ना 2:9 यूहन्ना 2:10 यूहन्ना 2:11 यूहन्ना 2:12 यूहन्ना 2:13 यूहन्ना 2:14 यूहन्ना 2:15 यूहन्ना 2:16 यूहन्ना 2:17 यूहन्ना 2:18 यूहन्ना 2:19 यूहन्ना 2:20 यूहन्ना 2:21 यूहन्ना 2:22 यूहन्ना 2:23 यूहन्ना 2:24 यूहन्ना 2:25



पद्य के साथ आरम्भिक संदर्भ
यूहन्ना 2:7 में यीशु ने कहा, “मटको में पानी भर दो।” तब उनके सेवक ने पानी को मटके में डाला और पानी खुलकर शराब में नहीं बदला, बल्कि वह मण्डली के विवाह समारोह के लिए योजना के अनुसार खराब नहीं हुआ। यह घटना कानून-परंपरा से जुड़ी एक सामान्य सामाजिक रस्म के बीच घटती है, और यीशु के पहले चमत्कार के रूप में लक्षित है जो उन्होंने चेलों के सामने विश्वस्त किया कि वे परमेश्वर के अधिकार के प्रमाण हैं।
ईश्वरीय चमत्कार और विश्वास का संदेश
इस पाठ से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का राज्य संकुचित नहीं है, बल्कि वह जीवन के हर पहलू को उद्धार की घड़ी में ला सकता है। यीशु ने पानी भरने के एक सरल क्रम से शुरुआत करके यह दिखाया कि पूछने की दृढ़ इच्छा और अनुशासन से परमेश्वर अनाथ नहीं रहता; जो लोग उसकी इच्छा मानते हैं, उन्हें आश्चर्यजनक रूप से पूर्णता मिलती है।
शब्दों और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
संदर्भित और सम्बद्ध बाइबल अंश
यह घटना दिखाती है कि चमत्कार परमेश्वर के अनुग्रह का संकेत है, न कि केवल एक आश्चर्यजनक दृश्य।
- यूहन्ना 2:11: यीशु ने अपना पहला चमत्कार कैलवेल्या में किया और उसके चिह्न से चेलों ने विश्वास किया।
- यूहन्ना 4 में यीशु ने विश्वस्त किया कि इसका जन्म और उद्धार प्यासों की तृप्ति से जुड़ा है; विश्वास का स्रोत वही है।
- व्यवहारिक शिक्षा के रूप में मसीह के क्रियात्मक नियंत्रण परदर्शित है कि परमेश्वर अपने समय में उपस्थित रहता है और आकर्षण के साथ चमत्कार दिखाता है।
गंभीर शब्दावली के सार तत्व
1) आदेश-निर्देश और आज्ञाओं का पालन: सेवक पानी भरते हैं, जो एक सामान्य कर्तव्य है परन्तु परिणाम ईश्वर के हाथों में है।
2) विश्वास और स्वीकृति: चेलों ने ईश्वर के निर्देश को मानकर आगे बढ़ना स्वीकार किया।
3) उद्धार-प्रतीक: यह चमत्कार यीशु के पूर्ण अधिकार और उसकी शोभा के संकेत हैं।
आज के जीवन में toepna
- आपदा-समय में भी ईश्वर के दिए गए चरणों पर विश्वास बनाए रखें; पहले छोटे कदमों से शुरू करें और परमेश्वर के समय भरपूर परिवर्तन दिखेगा।
- सेवक-जीवन में साधारण कर्तव्य भी परमेश्वर के उद्धारकार्य का भाग बन जाते हैं यदि हम उसे ईमानदारी से अर्पित करें।
संदर्भित उद्धरण—महत्वपूर्ण पंक्तियाँ
नीचे दिए गए उद्धरण सत्यापित, सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से मिलते हैं; उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं और पूर्ण पाठ नहीं दिए गए हैं:
- “मटको में पानी भर दो”—यूहन्ना 2:7 के मूल कथन के महत्त्व को दर्शाने के लिए प्रयुक्त किया गया है।
छोटी सन्नद्ध-सूची: लिंक विचार
उद्धरण स्रोत: यदि उपलब्ध हों, तो Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणी से संक्षिप्त उद्धरण—केवल संक्षिप्त और प्रासंगिक संदर्भ के लिए—जो पाठ के साथ प्राकृतिक रूप से जुड़े हों।