Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
लैव्यव्यवस्था 1 लैव्यव्यवस्था 2 लैव्यव्यवस्था 3 लैव्यव्यवस्था 4 लैव्यव्यवस्था 5 लैव्यव्यवस्था 6 लैव्यव्यवस्था 7 लैव्यव्यवस्था 8 लैव्यव्यवस्था 9 लैव्यव्यवस्था 10 लैव्यव्यवस्था 11 लैव्यव्यवस्था 12 लैव्यव्यवस्था 13 लैव्यव्यवस्था 14 लैव्यव्यवस्था 15 लैव्यव्यवस्था 16 लैव्यव्यवस्था 17 लैव्यव्यवस्था 18 लैव्यव्यवस्था 19 लैव्यव्यवस्था 20 लैव्यव्यवस्था 21 लैव्यव्यवस्था 22 लैव्यव्यवस्था 23 लैव्यव्यवस्था 24 लैव्यव्यवस्था 25 लैव्यव्यवस्था 26 लैव्यव्यवस्था 27Verse
लैव्यव्यवस्था 14:1 लैव्यव्यवस्था 14:2 लैव्यव्यवस्था 14:3 लैव्यव्यवस्था 14:4 लैव्यव्यवस्था 14:5 लैव्यव्यवस्था 14:6 लैव्यव्यवस्था 14:7 लैव्यव्यवस्था 14:8 लैव्यव्यवस्था 14:9 लैव्यव्यवस्था 14:10 लैव्यव्यवस्था 14:11 लैव्यव्यवस्था 14:12 लैव्यव्यवस्था 14:13 लैव्यव्यवस्था 14:14 लैव्यव्यवस्था 14:15 लैव्यव्यवस्था 14:16 लैव्यव्यवस्था 14:17 लैव्यव्यवस्था 14:18 लैव्यव्यवस्था 14:19 लैव्यव्यवस्था 14:20 लैव्यव्यवस्था 14:21 लैव्यव्यवस्था 14:22 लैव्यव्यवस्था 14:23 लैव्यव्यवस्था 14:24 लैव्यव्यवस्था 14:25 लैव्यव्यवस्था 14:26 लैव्यव्यवस्था 14:27 लैव्यव्यवस्था 14:28 लैव्यव्यवस्था 14:29 लैव्यव्यवस्था 14:30 लैव्यव्यवस्था 14:31 लैव्यव्यवस्था 14:32 लैव्यव्यवस्था 14:33 लैव्यव्यवस्था 14:34 लैव्यव्यवस्था 14:35 लैव्यव्यवस्था 14:36 लैव्यव्यवस्था 14:37 लैव्यव्यवस्था 14:38 लैव्यव्यवस्था 14:39 लैव्यव्यवस्था 14:40 लैव्यव्यवस्था 14:41 लैव्यव्यवस्था 14:42 लैव्यव्यवस्था 14:43 लैव्यव्यवस्था 14:44 लैव्यव्यवस्था 14:45 लैव्यव्यवस्था 14:46 लैव्यव्यवस्था 14:47 लैव्यव्यवस्था 14:48 लैव्यव्यवस्था 14:49 लैव्यव्यवस्था 14:50 लैव्यव्यवस्था 14:51 लैव्यव्यवस्था 14:52 लैव्यव्यवस्था 14:53 लैव्यव्यवस्था 14:54 लैव्यव्यवस्था 14:55 लैव्यव्यवस्था 14:56 लैव्यव्यवस्था 14:57



अर्थ-सार
याजक कोढ़ी व्यक्ति को छावनी से बाहर जाकर देखने की आज्ञा देता है ताकि उसकी रोग-स्थिति साफ हो सके; यदि कोढ़ ठीक हुआ हो, तो उसे पवित्र माना जाएगा और समुदाय में प्रवेश करने योग्य होगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
लैव्यव्यवस्था 13–14 अध्यायों में कोढ़ी रोग की पहचान, निदान और शुद्धिकरण के नियम दिए हैं। यह दायित्व याजक पर है कि वह व्यक्ति की स्थिति को न्यायपूर्ण और समुदाय की पवित्रता की दृष्टि से प्रमाणित करें। 14:3 विशेष रूप से बताता है कि ठीक होने के पश्चात् भी रोगी को पवित्र होने की प्रक्रिया से गुजरना होगा, ताकि उसे समुदाय में पुनः सम्मिलित किया जा सके।
व्याख्यात्मक विचार
संकेत pondering: प्रमुख निरीक्षण
1) रोगी की तैयारी: कोढ़ से छूटे होने पर योग्यता का परीक्षण आवश्यक है ताकि सच्ची शुद्धिकरण हो सके।
2) बाहरी पवित्रता और अंतःकरण: बाहरी शुद्धि के साथ अंतःकरण भी संतुष्ट होना चाहिए; केवल शरीर की स्थिति नहीं, मन की विश्वासिता भी मायने रखती है।
3) समुदाय-सम्पर्क: इस प्रक्रिया से समाज के सदस्य एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी और सहयोग समझते हैं, भोजन और दिव्य उपस्थिति के लिए खुलापन बनता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में) और उनका अर्थ
- लूका 17:14: कुछ मामलों में यीशु ने भी कोढ़ियों को चंगा कर के उनके विश्वास और पक्ष-प्रदर्शन का उदाहरण दिया। यह द्रष्टव्य संकेत देता है कि पवित्रता और शुद्धिकरण का विषय समय और स्थान के संदर्भ में भी है।
- अन्य शास्त्रीय नियम: पवित्रता और समाज के साथ पुनःविलय से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में भी समान सिद्धांत दिखते हैं कि कैसे रोग-स्थिति से उबरने के बाद व्यक्ति समुदाय के लिए तैयार होता है।
हिंदी में संक्षिप्त निष्कर्ष
इस आयाम से हम सीखते हैं कि पवित्रता का नियम न केवल व्यक्ति के भीतर की स्वास्थ्य-स्थिति से जुड़ा है, बल्कि समुदाय के साथ संबंधों, कर्तव्य और आस्था के सामंजस्य से भी जुड़ा है। उपचार के बाद की शुद्धिकरण प्रक्रिया व्यक्ति को समाज में पुनःस्थापित करती है, ताकि वह पुरानी भागीदारी और सेवा में लौट सके।
सूक्ष्म संदर्भ-व्याख्या (3 पंक्तियाँ)
• रोगी को बाहर रहने देना समुदाय की सुरक्षा के लिए उपयुक्त है, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
• ठीक होने पर शुद्धिकरण की प्रक्रिया से गुजरना आवश्यक है ताकि समुदाय में पवित्रता सुनिश्चित हो सके।
• यह क्रम विश्वास, धैर्य और समुदायिक प्रेम को बढ़ाने के लिए एक सीख है कि कैसे पुनः प्रवेश और सेवा संभव बनती है।