Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
लैव्यव्यवस्था 1 लैव्यव्यवस्था 2 लैव्यव्यवस्था 3 लैव्यव्यवस्था 4 लैव्यव्यवस्था 5 लैव्यव्यवस्था 6 लैव्यव्यवस्था 7 लैव्यव्यवस्था 8 लैव्यव्यवस्था 9 लैव्यव्यवस्था 10 लैव्यव्यवस्था 11 लैव्यव्यवस्था 12 लैव्यव्यवस्था 13 लैव्यव्यवस्था 14 लैव्यव्यवस्था 15 लैव्यव्यवस्था 16 लैव्यव्यवस्था 17 लैव्यव्यवस्था 18 लैव्यव्यवस्था 19 लैव्यव्यवस्था 20 लैव्यव्यवस्था 21 लैव्यव्यवस्था 22 लैव्यव्यवस्था 23 लैव्यव्यवस्था 24 लैव्यव्यवस्था 25 लैव्यव्यवस्था 26 लैव्यव्यवस्था 27Verse
लैव्यव्यवस्था 16:1 लैव्यव्यवस्था 16:2 लैव्यव्यवस्था 16:3 लैव्यव्यवस्था 16:4 लैव्यव्यवस्था 16:5 लैव्यव्यवस्था 16:6 लैव्यव्यवस्था 16:7 लैव्यव्यवस्था 16:8 लैव्यव्यवस्था 16:9 लैव्यव्यवस्था 16:10 लैव्यव्यवस्था 16:11 लैव्यव्यवस्था 16:12 लैव्यव्यवस्था 16:13 लैव्यव्यवस्था 16:14 लैव्यव्यवस्था 16:15 लैव्यव्यवस्था 16:16 लैव्यव्यवस्था 16:17 लैव्यव्यवस्था 16:18 लैव्यव्यवस्था 16:19 लैव्यव्यवस्था 16:20 लैव्यव्यवस्था 16:21 लैव्यव्यवस्था 16:22 लैव्यव्यवस्था 16:23 लैव्यव्यवस्था 16:24 लैव्यव्यवस्था 16:25 लैव्यव्यवस्था 16:26 लैव्यव्यवस्था 16:27 लैव्यव्यवस्था 16:28 लैव्यव्यवस्था 16:29 लैव्यव्यवस्था 16:30 लैव्यव्यवस्था 16:31 लैव्यव्यवस्था 16:32 लैव्यव्यवस्था 16:33 लैव्यव्यवस्था 16:34



लैव्यवस्था 16:5 का मौलिक अर्थ: पापबली और होमबलि के लिए दान
मूल तात्पर्य यह है कि पाप के दोष के प्रायश्चित के लिए पवित्रता के एक ritual के रूप में परमेश्वर इजरायली समुदाय के सामने दो बकरों के चयन की व्यवस्था करते हैं: एक पापबली के लिए, दूसरा होमबलि के लिए। इस व्यवस्था के पीछे का उद्देश्य आचार-व्यवहार, पाप की गंभीरता और परमेश्वर की कृपा के बीच संतुलन दिखाना है।
साहित्यिक संदर्भ और संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
यह व्यवस्था वैवाहिक, तीर्थ-यात्रा के समय के पवित्र कर्मों के अनुरूप है, जहाँ प्रत्येक जापत और पूजा कर्म एक समर्पण और स्पष्टता का प्रतीक बनता है। पापबली (कफोर) का प्रमुख काम दोषी को दोषमुक्त करने के लिए होता है, जबकि होमबलि (हतम) प्रतिफल और पवित्रता को घर-परिवार और समुदाय तक पहुँचाने का संकेत है। पुराने नियम की पद्धति से यह दोहरे दान का एक संतुलित मॉडल देता है: व्यक्तिगत शुद्धि और सामुदायिक पवित्रता का सम्मिलन।
तेहखाने की theological significance
इस वाक्य से यह स्पष्ट होता है कि पाप का दोष केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समुदाय और पूजास्थल तक प्रभाव डालता है। पापबली के लिए दो बकरों का चयन दर्शाता है कि दोष का भार किस प्रकार समुदाय पर पड़ता है और परमेश्वर के कृपापूर्ण चुनाव की सीमा नहीं घटती—परमेश्वर निर्दोषता की प्रतीक चिह्न के रूप में बकरों के साथ जुड़ते हैं। होमबलि का मेढ़ा, जो सामान्यतः स्वयं को समर्पित करने का संकेत है, यह दर्शाता है कि आशीष और स्वीकृति के लिए एक पूर्ण समर्पण आवश्यक है।
Cross-references: सम्बन्धित विचार
नोट: उपरोक्त跨-उद्धरण सीधे शास्त्र-ग्रंथ के अनुभागों के संकल्पनात्मक संकेत हैं; पूर्ण पद नहीं दिए गए हैं, ताकि पाठ-पूरण के साथ संदर्भ समझ में रहे।
प्रश्न-चर्चा
संक्षिप्त निष्कर्ष
16:5 में दिये गये दानों का अर्थ यह है कि पाप का दंड और पवित्रता–स्वीकृति के कार्यक्रम समुदाय की समग्र पवित्रता के लिए आवश्यक हैं। दो बकरों की व्यवस्था एक संतुलन दर्शाती है—केंद्रीय न्यायजहाज पर दोष-निवारण और परमेश्वर के सामंजस्यपूर्ण आह्वान के बीच एक साझा रास्ता।
सूक्ति-टिप्पणी (historical-quote notes)
जो स्तर पर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke की स्वीकृत शाब्दिक उक्ति मिलती है, उसे यहाँ केवल संकेत के रूप में प्रस्तुत किया गया है; पूरा पाठ उद्धृत नहीं किया गया है ताकि मूल commentary के अंतर्निहित विचार स्पष्ट रहें।