Old Testament
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मलाकी 2:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मेरी जो वाचा उसके साथ बंधी थी वह जीवन और शान्ति की थी, और मैंने यह इसलिए उसको दिया कि वह भय मानता रहे; और उसने मेरा भय मान भी लिया और मेरे नाम से अत्यन्त भय खाता था।
मलाकी 2:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मलाकी 2:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहेजकेल 37:26 (HINIRV) »
मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बाँधूँगा; वह सदा की वाचा ठहरेगी; और मैं उन्हें स्थान देकर गिनती में बढ़ाऊँगा, और उनके बीच अपना पवित्रस्थान सदा बनाए रखूँगा। (भज. 89:3-4)

यहेजकेल 34:25 (HINIRV) »
“मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बाँधूँगा, और दुष्ट जन्तुओं को देश में न रहने दूँगा; अतः वे जंगल में निडर रहेंगे, और वन में सोएँगे।

मतलब का संक्षेप
मालाकी 2:5 में परमेश्वर कहता है: मेरा वादा जो मेरे साथ बन्धा है वह जीवन और शांति की है; मैं इसे इसलिए देता हूँ कि वह भय मानता रहे। मेरा भय मानने वाला व्यक्ति मेरे नाम से अत्यंत भय खाता था।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पद नि:शब्द यह दर्शाता है कि पुरानी प्रतिज्ञा-समय में परमेश्वर ने मूसा के समय से वेदनों के अनुरोध और पदों के अनुसार अपने भक्तों के प्रति एक विशेष आशीष-व्यवस्था दी। यहाँ “वाचा” से आशय परमेश्वर के आदेशों, धर्म-विधियों और उसके नाम के प्रति आस्था से है। परमेश्वर कहता है कि उसकी देखरेख और आशीर्वाद केवल भयमान रहने वाले के लिए ही नहीं, बल्कि उसके नाम के सम्मान में जीने वाले के लिए है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
महत्वपूर्ण विचार
संदर्भ-समर्थन (Cross-references)
1) इब्रानियों 11:6 में विश्वास के बिना परमेश्वर की खोज संभव नहीं—यह विचार यहाँ स्पष्ट है कि परमेश्वर के भय में आस्था की स्थिरता है।
2) यिर्मयाह 33:6-9 से प्रेरणा मिलती है कि परमेश्वर के नाम की महिमा से शांति और स्वास्थ्य आते हैं।
3) भजनों 23:4-5 में परमेश्वर के साथ रहने से भय भी नहीं टूटता—जीवन का सार उसकी नाई की देखभाल में है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम परमेश्वर के वचनों को अपने दैनंदिन जीवन में अपनाएं: सत्यनिष्ठा से चलें, भय के स्थान पर विश्वास को बढ़ाएं, और परमेश्वर के नाम के सम्मान को अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में केंद्रित रखें। ओलीन संदेश यह है कि परमेश्वर की वाचा जीवन-शांति का मार्ग है और उसका भय मानना आंतरिक विनम्रता की निशानी है।
नोट्स
यह अनुवाद HINIRV के अनुरूप है। नीचे उद्धृत कोटेशन पंक्तियाँ केवल संदर्भ हेतु हैं; पूर्ण वचन के पाठ की पुनरावृत्ति नहीं की गई है।