Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 3:1 नहेम्याह 3:2 नहेम्याह 3:3 नहेम्याह 3:4 नहेम्याह 3:5 नहेम्याह 3:6 नहेम्याह 3:7 नहेम्याह 3:8 नहेम्याह 3:9 नहेम्याह 3:10 नहेम्याह 3:11 नहेम्याह 3:12 नहेम्याह 3:13 नहेम्याह 3:14 नहेम्याह 3:15 नहेम्याह 3:16 नहेम्याह 3:17 नहेम्याह 3:18 नहेम्याह 3:19 नहेम्याह 3:20 नहेम्याह 3:21 नहेम्याह 3:22 नहेम्याह 3:23 नहेम्याह 3:24 नहेम्याह 3:25 नहेम्याह 3:26 नहेम्याह 3:27 नहेम्याह 3:28 नहेम्याह 3:29 नहेम्याह 3:30 नहेम्याह 3:31 नहेम्याह 3:32



नहेम्याह 3:26 — तत्कालिक परिप्रेक्ष्य और पाठ का अन्वेशन
यह पद नहेम्याह के शहर-निर्माण के पुनर्निर्माण कार्य की सूची का भाग है। इस अध्याय में गिरिजाघर-योजना और दीवारों की मरम्मत के लिए लोग-लोग हिस्सेदारी निभाते हैं; हर उप-भाग एक क्रमबद्ध क्रम के साथ शहर के ढांचे के पुनर्निर्माण की तस्वीर प्रस्तुत करता है। 3:26 में यह तथ्य दिखता है कि अनेक रेगुलर परिवार और समूहों ने पूरबी भाग में जलफाटक के सामने तक और बाहर निकले हुए गुम्मट की मरम्मत में योगदान दिया। यह उद्धरण स्रोत के अनुसार नतीन लोगों के प्रयासों को दर्शाता है, जो ओपेल की पूर्वी दिशा में संलग्न स्थल तक पहुँचे थे, ताकि दीवार और द्वार सुरक्षित हों।
पाठ का संदेश और विश्वास पर प्रभाव
यहेक पाठ यह संकेत देता है कि परमेश्वर का कार्य समुदाय के सहयोग से आगे बढ़ता है। निर्माण का क्रम लोग-लोग मिलकर करते हैं; हर व्यक्ति की भागीदारी एक-एक ईकाई के रूप में जुड़कर कुल मिलकर एक सुरक्षित शहर बनाने का पक्ष बनाती है। तैयारी और नेतृत्व के अनुसार, विश्वास जीवन्त होता है जब लोग अपने स्थान पर उत्तरदायित्व के साथ खड़े होते हैं।
मुख्य शब्द और चित्रों की स्पष्टता
“नीतीन लोग”—संभावना है कि ये सूचना किसी विशिष्ट परिवार या कबीले समूह का उल्लेख है, जो दिशा-निर्देशन के अनुसार अपने-अपने भागों में लगे हुए थे। “पूरब की ओर जलफाटक के सामने”—यह नगर के बाहरी हिस्से की सुरक्षा-रेखा को इंगित करता है। “गुम्मट”—आघात-रोधी ढांचा या संरचना का छोटा भाग हो सकता है, जो पहरेदारी के दायित्वों से जुड़ा हो। इन शब्दों के संयोजन से यह स्पष्ट होता है कि हर खंड ప్రతి क्षेत्र की सुरक्षा और मरम्मत के लिए जरूरी था।
अनु-संदर्भ क्षण (Cross-references)
इन क्रॉस-रेफरेंसेज़ से यह सामने आता है कि इतिहास का यह भाग समुदाय की एकता और समर्पण पर टिका है, जहाँ हर व्यक्ति एक छोटी-सी कड़ी बनकर बड़े उद्देश्य को आगे बढ़ाता है।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
आज के समुदाय में भी वही सिद्धांत काम करता है— एक सामान्य लक्ष्य के लिए मिल-जुलकर काम करना, व्यक्तिगत दायित्व निभाना और सुरक्षित, स्थिर संरचना बनाना। चाहे वह विश्वास समुदाय हो या सामाजिक-सेवा, हर किसी का योगदान मान लिया जाना चाहिए। अगर आप किसी समूह या संस्था में हों, तो अपने-अपने दायित्व के प्रति सचेत रहें और बहुदलीय सहयोग से बड़े लक्ष्य को साकार करें।
संक्षेप समीक्षा: यह पद दर्शाता है कि परमेश्वर के कार्य में दृढ़ता से भागीदारी आवश्यक है। हर व्यक्ति का छोटा-सा योगदान मिलकर बड़े निर्माण की खोज को संभव बनाता है।
उद्धरण संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संकलनों से सीधे उद्धृत अंश इस संस्करण में सन्निविष्ट नहीं हैं; यदि आप उनके विशिष्ट विचार चाहते हैं, तो मैं उनके सार्वजनिक-डायरेक्टर टिप्पणीकारों के निष्कर्षों को समेकित करके एक संक्षिप्त सार दे सकता हूँ।