Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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नहेम्याह 3:5 पर टिप्पणी
पृष्ठभूमि और प्रसंग: नहेम्याह 3 अध्याय में यूशुआ के पुनर्निर्माण के क्रम में यरुशलेम के दीवारों की मरम्मत के लिए समुदाय-समन्वय का वर्णन है। हर बनावट पर समुदाय के विभिन्न समूहों ने अपनी-अपनी संख्या और क्षेत्र के अनुसार काम किया। इस आयत में तकोईय लोगों और उनके रईसों के व्यवहार का उल्लेख है, जो मरम्मतकार्य में भाग लेने से कतराते हैं और अपना प्रभु-सेवा का जूआ अपने गर्दन पर नहीं उठाते।
मुख्य अर्थ
यह आयत दो मुख्य विचार प्रस्तुत करती है: एक तो समाज के विभिन्न वर्गों का भागीदारी का स्तर, और दूसरा यह कि प्रतिभागिता के अभाव में भी मरम्मत का कार्य चलता रहा, परन्तु नैतिकता के मानदंडों के अनुरूप एक समुदाय बनना कठिन होता है जब प्रमुख लोग आग्रह छोड़ दें। "अपने प्रभु की सेवा का जूआ" से आशय उन पवित्र दायित्वों से है जो व्यक्ति के जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में ईश्वर के प्रति समर्पण दर्शाते हैं; यहाँ रईसों के इस रवैये का तात्पर्य यह है कि वे अपने उत्तरदायित्व से पलायन कर लेते हैं, जिससे समस्याओं का सामना Igreja में असमानता पैदा हो सकता है।
मुख्य विषय
संश्लेषण और क्रॉस-रेफरेंसेज
– हिरदार्षकता के साथ समुदाय का कार्य, उदाहरण के रूप में अन्य नीतिगत आदेशों में भी देखा गया है जहाँ सम्पन्न वर्गों के हावभाव से सेवाप्रवर्तन की प्रेरणा मिलती है (यथार्थता के लिए निकट के संदर्भ देखें: आगे मरम्मत के लिए प्रेरणा, और सामाजिक उत्तरदायित्व का पाठ).
कृत्तिक विचार
व्यवहारिक पाठ: आज के समय में भी यह प्रेरणा देता है कि चर्च या समुदाय-समाज के नेताओं के लिए व्यक्तिगत-आचरण और सार्वजनिक-उद्धार एक साथ चलना चाहिए। अगर प्रमुख वर्ग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते, तो छोटे समूहों में भी दायित्व-विभाजन पैदा होता है और पूरा कार्य धीमा पड़ सकता है।
संक्षिप्त समापन
नहेम्याह 3:5 हमें याद दिलाता है कि एक सम्मिलित समुदाय तब ही सशक्त होता है जब हर वर्ग से लोग ईश्वर के उद्देश्य के अनुसार आकर अपने-अपने हिस्से की सेवा करते हैं। रईसों का आत्म-केन्द्रित रवैया भागदौर पर मरम्मत के काम को प्रभावित करता है, पर कुल मिलाकर परमेश्वर के कार्य के लिए सामूहिक सत्यनिष्ठा ही नयी दिशा देता है।
क्रॉस-रेफरेंसेज और संक्षिप्त व्याख्या
– කො: नहेम्याह 2:18 — समुदाय की प्रतिबद्धता की उद्घोषणा और मनोबल बढ़ना। यह संदर्भ बताता है कि लोग अपने कदम उठाते हैं जब प्रेरणा स्पष्ट हो।
– एस्तेर 4:14 — यदि परजीवी नहीं, तो भी समय-समय पर निर्णय लेकर अन्याय के विरुद्ध खड़े होना संभव है; सामाजिक दायित्व का पलायन नहीं किया जाना चाहिए।
– Acts 2:17-18 (सार, प्रेरणा): समुदाय में सभी वर्गों के लोगों को आध्यात्मिक दायित्व लेने चाहिए; समपर्ण से समुदाय की गति तेज होती है।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (मैथ्यू हेन्री, अस्बर्ट बॉर्न्स, एडाम क्लार्क) के छोटे शब्द: उपलब्ध होने पर इन विद्वानों के स्पष्ट उद्धरण केवल वही जगहों पर दे दिए जाएंगे जहाँ पाठ्य-नोट उपलब्ध हों।