Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
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गिनती 13:29 का तत्काल संदर्भ और उसका अर्थ
यहोशuwा और मूसा के समय इस पर्वत-गिनती में वे फिरौन की पितृभूमि के भीतर की विभिन्न जनजातियाँ बताई जाती हैं। यहाँ उल्लेखित दक्षिण देश के अमालेकी, पहाड़ी देश के हित्ती, यबूसी और एमोरी, समुद्री किनारे और यरदन नदी के किनारे कनानियों का वास एक साथ सामने आता है।यह दृश्य इस बात की गवाही देता है कि धरती के बड़े भागों में विविध शक्तियाँ और लोगों की संस्थाएं निवास कर रही थीं, और इसके बावजूद परमेश्वर का आह्वान अर्थपूर्ण है: उनका प्रवास और उनके देश-सीमा की स्थिति एक नियत उद्देश्य की दिशा में चलती है।
ईश्वर की योजना और विश्वास
इस पाठ से एक महत्वपूर्ण बात निकलती है कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के मार्ग में विविधताओं को देखते हुए भी उनका नेतृत्व कर रहा है। कष्टदायक और असमान परिस्थितियाँ भी परमेश्वर के अधीन हैं; वह उनके सामने लहरों को नियंत्रित करने और उनके सामने प्रतिरूप बनाते हैं। अन्य जातियाँ जो वादों के क्षेत्र की सीमाओं के भीतर हैं, वे भी एक प्रकार से इतिहास के मैदान में एक भूमिका निभाती हैं—परमेश्वर के वचनों के सामने वे एक पार्श्वभूमि के रूप में रहते हैं, ताकि इस दास्तान में विश्वास की परीक्षा और उसकी महिमा साफ दिख सके।
मुख्य शब्दों का स्पष्टीकरण
क्रॉस-रेफेरेंसेस (संक्षिप्त)
पूर्व-विचार से जुड़ी कुछ क्रॉस-reference विचार:
संकेत परिशिष्ट के रूप में, ये संदर्भ यह दिखाते हैं कि क्षेत्रीय विविधता के बावजूद ईश्वर के आह्वान पर भरोसा ही स्थिर धुरी है, और वही समुदाय को मार्ग दिखाती है।
today का अनुप्रयोग
आज भी हम देखते हैं कि विश्वास के मार्ग पर विविध परिस्थितियाँ साथ चलती हैं — नये प्रांत, नये अवसर और कभी-कभी विरोध भी। परमेश्वर की मार्गदर्शक सत्ता हमारे भय को शांत करती है और हमें सच्चाई के पथ पर टिके रहने में सहायता करती है। अपने जीवन की "कनानी"—जो हमारे सामने है—के बारे में धैर्य रखें; वह क्षेत्र जहाँ विश्वसनीयता और आस्थाएँ परखती हैं, वहाँ परमेश्वर अपने अद्भुत कार्य को प्रकट करता है।
सारांश
गिनती 13:29 रेखांकित करता है कि परमेश्वर के लोग विविध जातियों और भू-भागों के बीच रहते थे, पर उनकी जीवनयात्रा की दिशा एक है: ईश्वर के निर्देश के अनुरूप आगे बढ़ना। यह पाठ हमें विश्वास, धैर्य, और परमेश्वर की योजना की व्यापकता की याद दिलाता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (एतिहासिक टिप्पणीकारों से)
यदि नीचे तीन कृतियों से संक्षेप टिप्पणी दी जाए, तो यह एक अभिन्न रूप से एकीकृत विश्लेषण बनाता है—परन्तु पूर्ण वाक्य उद्धरण केवल विशिष्ट संदर्भों तक सीमित रहते हैं।
ऐजेंट टिप्पणी: “अब इन सब जातियों के बीच, जो देश-सीमाओं के भीतर बसी थीं, यह संकेत है कि परमेश्वर ही दोनों के बीच एक मार्ग निर्धारित कर रहा है—ताकि विश्वास में प्रवृत्ति का अभ्यास हो।”