Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
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सीधे अर्थ की टिप्पणी
गिनती 2:23 का यह वाक्य बताता है कि इस्राइलियों के दोनों संघों के भीतर जिन-किन दलों को गिना गया, उनके कुल सदस्य पैंतीस हजार चार सौ थे। यह संख्या प्रचार-स्तर पर सैन्य गणना की स्पष्टता और व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करती है।
पृष्ठभूमि/context
गिनती की पुस्तक का यह भाग मरूस्थलीय यात्रा के समय की संघीय व्यवस्था का संकेत देता है, जहां हर कुल का नेतृत्व और उसका स्थान निर्धारित किया गया था। गिनती 1–2 अध्यायों में इस प्रकार के सूचियाँ मिलती हैं ताकि सुरक्षा, कष्ट-सहिष्णुता और विभागीय तैयारी बन सके। यह संख्या आँकड़ा नहीं मात्र एक दैनन्दिन प्रशासनिक विवरण है, जो तेरह यात्रियों-श्रेणी के मानवीय आकार को दिखाती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
- गिना गया यह कुल मिलकर इस्राइलियों की सामूहिक शक्ति और संगठन की धारणा देता है। यह दर्शाता है कि परमेश्वर ने उनके बीच व्यवस्था और क्रम की आवश्यकता पर बल दिया।
- प्रत्येक दल की गिनती उनके स्थान और जिम्मेदारी को दर्शाती है ताकि आगे चलकर युद्ध-यात्रा या वनाचरण के समय विभाजन स्पष्ट रहे।
थीमैटिक बिंदु
Related passages (संकेत-सम्बन्ध)
1) प्रसिद्ध गिनतियों में सेना-गणना के कारणों पर जोर: यह दिखाता है कि संख्या से सुरक्षा और योजना जुड़ी है।
2) समूहों के विभाजन और केंद्रित कर्तव्य: प्रत्येक गोत्र और दीर्घायित विभाग के साथ जिम्मेदारियाँ स्पष्ट होती हैं।
3) भविष्य की यात्रा के लिए प्रशासनिक क्रम का महत्व: जैसी योजना, वैसी सुरक्षा और प्रभु-आशीष।
निष्कर्ष/व्यावहारिक takeaway
यह verses हमें बताती है कि परमेश्वर के लोगों में क्रम और जिम्मेदारी के साथ चलना शुभ है। छोटे-छोटे समूहों की सुसंगति बड़े लक्ष्य को संभव बनाती है—योजना, सुरक्षा और समुदाय की एकता। हर सदस्य की पहचान और भूमिका परमेश्वर की दृष्टि में महत्त्वपूर्ण है, ताकि सामूहिक मिशन सफल हो सके।
ऐतिहासिक-आउटलाइन से संकलित उद्धरण
नोट: नीचे केवल सार्वजनिक-डोमेन Commentary से संक्षिप्त विचार शामिल हैं; पूर्ण उद्धरण विशिष्ट पाठ में नहीं दिए गए हैं ताकि मूल पाठ्य से विचलन न हो।
मैथ्यू हेनरी/एडम क्लार्क/अल्बर्ट बांश: यह गिनती प्रशासनिक व्यवस्था की महत्ता को दर्शाती है—हर दल की भूमिका स्पष्ट, हर संघटक का दायित्व निर्धारित।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप):