Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36



गिनती 25:15 — संदर्भ का तात्पर्य और अर्थ
इस पद में मिद्यानी स्त्री कोजबी की पहचान दी गई है, जो सूर की बेटी थी और मिद्यानी पितरों के घराने का प्रधान परिवार का सदस्य था। यह विवरण उस समय के सामाजिक-परिवारिक प्रणालियों को उजागर करता है जब इज़राइल का समुदाय अपने धर्मयात्रा के दौर में था और परमेश्वर के नियमों के अनुरूप वैवाहिक और सामाजिक रिश्तों की संरचना बन रहा था।
योजना बद्ध Immediate Setting
यह वाक्य गिनती की घटनाओं के बीच का संदर्भ देता है, जहाँ यह बताया गया है कि किस मिद्यानी स्त्री के कारण यह घटना घटित हुई। कहे जाने पर, यह नाम और घराने की पहचान स्पष्ट करती है कि किन परिवारों के लोक इज़राइल के मध्य हुए संघर्षों में शामिल थे।
ईश्वर और विश्वास पर जो पाठ उजागर होता है
यह पाठ सीधे तौर पर पथभ्रष्टियों के परिणामों की बात नहीं करता, परन्तु यह दिखाता है कि परमेश्वर के लोगों के बीच कौन-सी सामाजिक-नैतिक सीमाएँ आवश्यक मानी जाती हैं। मिद्यानी जाति की स्त्री के साथ हुए संबंधों का संदर्भ, यह संकेत देता है कि यह समुदाय उन पंक्तियों के भीतर कैसे सुरक्षित रखा गया था जहाँ पवित्रता और सामाजिक क्रम महत्वपूर्ण माना गया। साथ ही यह भी संकेत देता है कि परमेश्वर के नियमों के पालन में बाह्य आकर्षण कितनी बार आंतरिक विश्वास के लिए चुनौती बन सकता है।
महत्त्वपूर्ण शब्दों और चित्रणों की स्पष्टता
संबद्ध परिणाम-ध्वनि (Cross-references)
कुएँ:
इन संदर्भों का उद्देश्य पाठक को यह समझना है कि किस प्रकार सामाजिक संरचना और धार्मिक कर्तव्य कभी-कभी एक-दूसरे से टकराते हैं, और परमेश्वर के निर्देश कैसे एक स्थिर समुदाय बनाने में मदद करते हैं।
आज के संदर्भ में aplicação (Present-day application)
हमारे समय में यह पाठ विविध समुदायों में पनपे जटिल रिश्तों के प्रति सचेत रहना सिखाता है। परमेश्वर के लोगों के लिए प्राथमिकता नैतिकता, पवित्रता और समुदाय के प्रतीक-निर्देशों का सम्मान है। यह याद दिलाता है कि सामाजिक-परिवारिक ढांचे कितने भी विविध हों, हमारे आचरण में ईमानदारी, मर्यादा और धर्म के प्रति विश्वास स्थिर रहना चाहिए।
संक्षिप्त समेकित विश्लेषण
यह छोटा पद एक ऐसे क्षण की ओर इशारा करता है जहां एक विशिष्ट घराने से जुड़ी पहचान हमारी समझ को गहराती है कि क्यों और कैसे सामाजिक और धार्मिक सीमाओं की रक्षा आवश्यक है। यह नीतिगत चेतावनी नहीं बल्कि समुदाय की संरचना और पवित्र व्यवहार के संतुलन की याद दिलाता है।
नोट: नीचे दी एक-एक पंक्ति में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध हैं, यदि उपलब्ध हों तो:
“यह दृश्य हमारे द्वारा आचरण और समुदाय के लिए निर्धारित boundary की याद दिलाता है—कि पवित्रता के नियम किसी भी बाहरी आकर्षण से ऊपर है।”