Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
फिलिप्पियों 2:1 फिलिप्पियों 2:2 फिलिप्पियों 2:3 फिलिप्पियों 2:4 फिलिप्पियों 2:5 फिलिप्पियों 2:6 फिलिप्पियों 2:7 फिलिप्पियों 2:8 फिलिप्पियों 2:9 फिलिप्पियों 2:10 फिलिप्पियों 2:11 फिलिप्पियों 2:12 फिलिप्पियों 2:13 फिलिप्पियों 2:14 फिलिप्पियों 2:15 फिलिप्पियों 2:16 फिलिप्पियों 2:17 फिलिप्पियों 2:18 फिलिप्पियों 2:19 फिलिप्पियों 2:20 फिलिप्पियों 2:21 फिलिप्पियों 2:22 फिलिप्पियों 2:23 फिलिप्पियों 2:24 फिलिप्पियों 2:25 फिलिप्पियों 2:26 फिलिप्पियों 2:27 फिलिप्पियों 2:28 फिलिप्पियों 2:29 फिलिप्पियों 2:30



पद-पठन और स्थिति: फिलिप्पियों 2:3
स्वल्प शब्दों में, यह पद मसीह-केन्द्रित आचार की दिशा दर्शाता है: स्वयं के लिये प्रतिस्पर्धा, अहंकार या मिथ्यागर्व से दूर रहें; दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो। लेखक पौलुस ने यह शिक्षा व्यक्तिगत ईमानदारी और समुदायिक प्रेम के मेल के लिए दी है, ताकि मसीही समुदाय एक स्वर में प्रत्यक्ष प्रेम, एकता और सेवाभाव दिखाए।
ईश्वर-जीवन पर यह पाठ क्या बताता है
यह वाक्य परमेश्वर के प्रेम-स्वभाव के अनुरूप ढला है: विश्वासियों को एक-दूसरे के सम्मान में नीचे झुकना चाहिए, ताकि शत्रुकर्मी मिथ्यागर्व के बजाय विनय और प्रेम के द्वारा वास्तविक एकता दिखे। दीनता ईश्वर के आशीर्वाद को रोकती नहीं, बल्कि भाई-बहनों के बीच क्रम-शांति बनाती है।
मुख्य शब्दों के अर्थ
अन्य संबंधित बायबिलीय अंश
यह विचार अन्यष उपदेशों से जुड़ता है:
इतिहासिक-आत्मिक दृष्टिकोण (1-2 उद्धरण, संक्षेप)
Matthew Henry के अनुसार, दीनता ईश्वर के बच्चों में प्राकृतिक गुण बनती है जो किसी भी आत्म-प्रशंसा से परे होती है—यह यीशु की आत्म-तरा-त्याग पर आधारित है। Albert Barnes इसे समुदाय-निर्माण की कुंजी मानते हैं: विनम्रता से सम्बन्ध मजबूत होते हैं और पारिवारिक-आस्था में स्थायित्व आता है। Adam Clarke दीनता को “परस्पर सम्मान और दूसरों के उद्धार-हित के लिए स्व-स्वार्थ को त्यागना” के रूप में देखते हैं।
कुल योग: दीनता एक चिकित्सक-आत्मा है जो विच्छेदित अहंकार को जोड़ता है और मित्रता-विश्वास को स्थिर बनाता है।
क्या पढ़ें: पंक्तियों के साथ गाइडेड संदर्भ
यह वाक्य प्रत्यक्ष जीवन-उद्धार का मार्ग है—अपने समान बनें, न कि अपने-लाभ की रेस में उलझें। नीचे दिए गए संकेतों से आप समूह में प्रेम और एकता को और मजबूत कर सकते हैं:
आज के लिए अनुप्रयोग
हम अपने कार्यालय, परिवार और समुदायों में देखें कि कहाँ अहंकार या दिखावे से दूरी बनानी चाहिए। एक दूसरे के लिये वास्तविक सेवाभाव अपनाने से रिश्ते मजबूत होंगे और ईसवाई प्रेम स्पष्ट प्रत्यक्ष दिखाई देगा।
Cross-reference notes
याद रखें कि उद्धृत पंक्तियाँ संक्षेप में हैं; पूर्ण वाक्य नहीं बदले जाते। नीचे दिये संकेतित आयाम पवित्र शास्त्र के वैचारिक सम्बन्ध दिखाते हैं: