Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रकाशितवाक्य 1 प्रकाशितवाक्य 2 प्रकाशितवाक्य 3 प्रकाशितवाक्य 4 प्रकाशितवाक्य 5 प्रकाशितवाक्य 6 प्रकाशितवाक्य 7 प्रकाशितवाक्य 8 प्रकाशितवाक्य 9 प्रकाशितवाक्य 10 प्रकाशितवाक्य 11 प्रकाशितवाक्य 12 प्रकाशितवाक्य 13 प्रकाशितवाक्य 14 प्रकाशितवाक्य 15 प्रकाशितवाक्य 16 प्रकाशितवाक्य 17 प्रकाशितवाक्य 18 प्रकाशितवाक्य 19 प्रकाशितवाक्य 20 प्रकाशितवाक्य 21 प्रकाशितवाक्य 22



प्रकाशितवाक्य 20:3 का परिचय और उसका संदेश
यह पद एक दृश्य का भाग है जिसमें शैतान को परमेश्वर की योजना के अनुसार नियंत्रित और सीमित किया गया है। किताब के अंत के आस-पास की घटनाओं में यह बतलाया गया है कि कैसे महान नियंत्रण और न्याय के साथ समय-समय पर दुष्ट की गतिविधियाँ शान्त कर दी जाती हैं। यहाँ कुण्ड में डालना और मुहर लगना एक प्रतीक है, जो शैतान की शक्तियों पर परमेश्वर की अधिकारिता और उनकी पवित्र योजना के अनुसार उसकी गतिविधियों की निरंतर निगरानी को दर्शाता है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो स्पष्ट होता है
इस Verses में परमेश्वर अपने उद्देश्य के अनुरूप समय-सारिणी चलाते हैं। शैतान को तब तक रोके रखना जब तक पृथ्वी के लोग, विशेषकर जाति-जातियाँ, धार्मिक, नैतिक और आत्मिक परीक्षणों से गुजरें नहीं लेते—यह स्पष्ट रूप से ईश्वर के सार्वभौमिक राज्य और न्याय की सटीकता को दर्शाता है। अहंकारी शक्तियों पर नियंत्रण रखने के कारण ही अंतिम विजय का मार्ग दिखता है।
महत्वपूर्ण शब्दों या छवियों की स्पष्टता
संबंधित पद और उनका संक्षिप्त स्पष्टीकरण
नीचे तीन संदर्भ दिए जा रहे हैं जो इस पाठ के साथ विचार-विमर्श को आगे बढ़ाते हैं:
इन संदर्भों में दिख रहा है कि परमेश्वर की योजना समय के अनुसार पूरी होनी है और दुष्ट की गतिविधियाँ भी उसके नियंत्रण में रहते हुए अंत तक निर्देशित हैं।
आज के जीवन में व्यावहारिक उपयोग
यह पाठ हमें साहस देता है कि भले ही दुष्ट शक्तिfulness के कारण संसार में अत्याचार और भ्रम बना रहे, परमेश्वर के उद्देश्य अचल और सुनिश्चित हैं। हमारे जीवन में इसका मतलब है:
समेकित टिप्पणी
इस वाक्य में मर्यादित समय और नियमबद्ध नियंत्रण की ध्वनि ऐसी है जो भय-रहित विश्वास के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। यह शास्त्रीय उदाहरण है कि कैसे परमेश्वर विज्ञान-युग से भी ऊपर की योजना चलाते हैं। Matthew Henry के शब्दों के अनुरूप, जो कुछ होता है वह पूर्णता और न्याय की दिशा में होता है; Albert Barnes और Adam Clarke ने भी इस प्रकार के प्रतीकों को परमेश्वर की एक ठंडी और सच्ची सत्ता के रूप में व्याख्यायित किया है।
नोट: इस पंक्ति के लिए नीचे किसी भी पूर्ण पाठ के उद्धरण नहीं दिए जा रहे हैं, परंतु सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के संदेश अभी भी मार्गदर्शक उदाहरण के रूप में उद्धृत हैं।