Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रकाशितवाक्य 1 प्रकाशितवाक्य 2 प्रकाशितवाक्य 3 प्रकाशितवाक्य 4 प्रकाशितवाक्य 5 प्रकाशितवाक्य 6 प्रकाशितवाक्य 7 प्रकाशितवाक्य 8 प्रकाशितवाक्य 9 प्रकाशितवाक्य 10 प्रकाशितवाक्य 11 प्रकाशितवाक्य 12 प्रकाशितवाक्य 13 प्रकाशितवाक्य 14 प्रकाशितवाक्य 15 प्रकाशितवाक्य 16 प्रकाशितवाक्य 17 प्रकाशितवाक्य 18 प्रकाशितवाक्य 19 प्रकाशितवाक्य 20 प्रकाशितवाक्य 21 प्रकाशितवाक्य 22Verse
प्रकाशितवाक्य 3:1 प्रकाशितवाक्य 3:2 प्रकाशितवाक्य 3:3 प्रकाशितवाक्य 3:4 प्रकाशितवाक्य 3:5 प्रकाशितवाक्य 3:6 प्रकाशितवाक्य 3:7 प्रकाशितवाक्य 3:8 प्रकाशितवाक्य 3:9 प्रकाशितवाक्य 3:10 प्रकाशितवाक्य 3:11 प्रकाशितवाक्य 3:12 प्रकाशितवाक्य 3:13 प्रकाशितवाक्य 3:14 प्रकाशितवाक्य 3:15 प्रकाशितवाक्य 3:16 प्रकाशितवाक्य 3:17 प्रकाशितवाक्य 3:18 प्रकाशितवाक्य 3:19 प्रकाशितवाक्य 3:20 प्रकाशितवाक्य 3:21 प्रकाशितवाक्य 3:22



क्यों यह वाक्य मायने रखता है
प्रकाशितवाक्य 3:7 में फिलादेल्फिया की कलीसिया के स्वर्गदूत को लिखा गया संदेश हिन्दू-भाषी पाठकों के लिए भी एक स्थिरता और उम्मीद की ध्वनि है। यहाँ यीशु मसीह का वही संकेत आता है जो बन्द करने तथा खोलने की एक अद्वितीय Authority को दर्शाता है; वह जो पवित्र और सत्य है, दाऊद की कुंजी का अधिकारी है और उसके खोले हुए को कोई बन्द नहीं कर सकता, न ही बन्द किए हुए को कोई खोल सकता है। यह वचन बतलाता है कि परमेश्वर का वचन और उसकी सामर्थ्य शाखाओं के शीर्ष पर है; यह संकेत दे रहा है कि जो कुछ भी समुद्र-झटकों के बीच भी हो, उसकी कलीसिया को मार्गदर्शन और सुरक्षा प्राप्त है।
असल संदर्भ और मुख्य संदेश
यह संदेश है कि मसीह एक पूर्ण और प्रभावी शासन-प्राधिकरण के अधिकारी हैं—ऐसा अधिकारी जो खुला रास्ता उपलब्ध कराते हैं और जो रुकावटों को दूर करते हैं। दाऊद की कुंजी का उल्लेख विशेष रूप से सत्ता के उद्घाटन-बंध की कुंजी से जुड़ा है: वह सत्ता जो परमेश्वर के उद्देश्य के लिए खुली है, उसे घटाने या रोकना संभव नहीं। यह संदेश ईसाई समुदाय को आश्वस्त करता है: चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों, ईश्वर के परिवारों के लिए प्रवेश और मार्ग खुला है, और इसी के द्वारा विश्वस्त विश्वास को मज़बूती मिलती है।
महत्त्वपूर्ण थीम्स और समझ
क्रॉस-रेफरेंस (सूक्ष्म संदर्भ)
1) अय्यूब 12:14: परमेश्वर के आदेश और नियंत्रण का संकेत देता है—जो बनाते हैं वही बनते हैं; इस कथन से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की योजना के अनुसार द्वार खुलते और बंद होते हैं।
2) यशया 22:22: दाऊद की कुंजी का भिन्न-दृष्टान्त प्रस्तुत करता है कि सत्ता और प्रवेश-संघटन का अधिकार केवल परमेश्वर के हाथ में है।
3) यूहन्ना 10:9 (तुलना हेतु): मैं द्वार हूँ; यदि कोई मेरे द्वारा प्रवेश करे, वह बच जाएगा; और भीतर आ-जा सकेगा और चरागाह पाएगा—यह दर्शाता है कि प्रवेश के रास्ते नेत्रगोलक से स्वर्गीय प्रवाह को जन्म देते हैं।
इन क्रॉस-रेफरेंसेज़ में एक प्रमुख विचार है: क्राइस्ट का अधिकार और कलीसिया के लिए उसकी सुरक्षा—हर परिस्थिति में प्रवेश और निर्बाध मार्ग।
छोटा devotional संपर्क
जीवन की राह में कभी-कभी द्वार बंद लगते हैं या मार्ग धुँधला दिखता है; किन्तु इस वचन के अनुसार, मसीह का आदेश और उसका चयन ही मार्ग बनाते हैं। हमें चाहिए कि हम विश्वास से उसकी योजना पर भरोसा रखें, दया और सच के साथ प्रार्थना करें ताकि खोले हुए doorways में प्रवेश मिल सके।
संक्षिप्त संगठन
क्यों मायने रखता: परमेश्वर का अधिकार, कलीसिया की सुरक्षा, प्रवेश-प्रतिबिंब।
मुख्य संदेश: मसीह के स्वामित्व में द्वार खुलते और बंद होते हैं; कलीसिया उस नियंत्रण के भीतर है जो पारदर्शी और न्यायसंगत है।