Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 इतिहास 1 1 इतिहास 2 1 इतिहास 3 1 इतिहास 4 1 इतिहास 5 1 इतिहास 6 1 इतिहास 7 1 इतिहास 8 1 इतिहास 9 1 इतिहास 10 1 इतिहास 11 1 इतिहास 12 1 इतिहास 13 1 इतिहास 14 1 इतिहास 15 1 इतिहास 16 1 इतिहास 17 1 इतिहास 18 1 इतिहास 19 1 इतिहास 20 1 इतिहास 21 1 इतिहास 22 1 इतिहास 23 1 इतिहास 24 1 इतिहास 25 1 इतिहास 26 1 इतिहास 27 1 इतिहास 28 1 इतिहास 29


आयत का तत्काल संदर्भ और पृष्ठभूमि
1 इतिहास 19:17 में देखा जाता है कि दाऊद ने इकट्ठे सभी इस्राएलियों को संगठित किया और यरदन से पार होकर उनके विरुद्ध सेना बाँधकर लड़ाई के लिए आगे बढ़ा। यह प्रसंग उस समय का है जब दाऊद ने मोआबियों के साथ戦 का मैदान तय किया, और यह दिखाता है कि वह अपनी योजना और युद्ध-योजना में ईश्वर की सहायता और सामर्थ्य का भरोसा रखते हैं।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ में जो संकेत मिलते हैं
इस वाचक वाक्य में युद्ध-योजना का स्पष्ट केंद्र ईश्वर की अनुमति, प्रेरणा और सुरक्षा है। दाऊद का दल बनाकर आगे बढ़ना यह दर्शाता है कि विश्वास के साथ कदम उठाने पर ही सफलता संभव है, अन्यथा भय या आत्म-विश्वास की कमी से मार्ग भटक सकता है। यह पाठईश्वर के नेतृत्व में प्रज्ञा और सारथ्य का उदाहरण है—युद्ध से पहले समुदाय का एकीकरण और परमेश्वर के भरोसे के साथ योजना बनाना।
महत्वपूर्ण शब्दों और छवियों की व्याख्या
संबंधित पवित्र ग्रंथ और उनके संकेत
कई बार बड़े लोगों के संघर्ष में ईश्वर के साथ एकता और निर्देश का महत्त्व दिखता है—उदा. राजा के हाथों में सेनाओं की एकता, और परमेश्वर के साथ लक्ष्य को मिलाना। नीचे छोटी cross-reference दिया गया है ताकि पाठ की प्रतिध्वनि समझ में आये:
इन संदर्भों में एक सामान्य धागा है: विश्वास के साथ कार्रवाई और ईश्वर की मार्गदर्शना के बिना सफलता कठिन है।
आज के समय के लिए अनुप्रयोग
हम भी अपने जीवन में एक साथ, अच्छी तैयारी और एकता के साथ कठिनाइयों का सामना करें। प्रथम कदम के रूप में— - समुदाय-समन्वय: अपने परिवार/समाज के भीतर स्पष्ट भूमिका-संरचना बनाएं। - प्रार्थना और मार्गदर्शन: निर्णय लेने से पहले परमेश्वर से योजना और नीति माँगें। - धैर्य और साहस: कठिन समय में भी एक साथ खड़े रहें और धैर्यपूर्वक कदम उठाएं।
एक कुल मिलाकर अवलोकन
1 इतिहास 19:17 हमें यह सिखाता है कि विजय के लिए सामूहिक एकता, साहस और ईश्वर के निर्देशन की आवश्यकता है। दाऊद का कदम सिर्फ सैन्य रणनीति नहीं बल्कि आस्थावान समुदाय के लिए एक प्रेरक उदाहरण है कि कैसे विश्वास और योजना मिलकर असंभव को संभव बनाते हैं.
मौखिक सन्निकटन
नीचे के संदेश में यह भाव स्पष्ट है: परमेश्वर के प्रशंसक के रूप में एकजुट होकर ही कठिन चुनौतियों का सामना करें; विश्वास के साथ आगे बढ़ना ही वास्तविक विजय का मार्ग है।
उद्धृत उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke): इस पाठ पर इन प्रसिद्ध पब्लिक-डोमेन टिप्पणीकारों के छोटे-से उद्धरण उपलब्ध हों तो नीचे दिए गए हैं, लेकिन पूर्ण पाठ नहीं।