1 इतिहास 26:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर ओबेदेदोम* के भी पुत्र हुए, उसका जेठा शमायाह, दूसरा यहोजाबाद, तीसरा योआह, चौथा साकार, पाँचवाँ नतनेल,

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1 इतिहास 26:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

पद के तत्काल संदर्भ का सेटिंग — 1 इतिहास 26:4

यह पाठ उन परिवारों के क्रम में आता है जो दाऊद के प्रशासन के समय मंदिर के सेवा-कार्य के विभागों को संचालित करते थे। ओबेदेदोम के पुत्रों का उल्लेख उसी पंक्ति में है, जो यह दर्शाता है कि जो कोई सेवा-कर्तव्य में लगा होता है, उसका प्रभाव और कर्तव्य-परायणता क्रम से चलता रहता है। वचन बताता है कि ओबेदेदोम का पुत्र शमायाह, दूसरा यहोहाबाद, तीसरा योआह, चौथा साकार, पाँचवाँ नतनेल — यह सब एक ही घराने की देखभाल और प्रभु के भवन के लिए सामग्री व सेवाएँ सम्भव बनाते थे।

ईश्वर और विश्वास पर पाठ से मिलने वाला संकेत

इस पाठ से स्पष्ट है कि परमेश्वर अपने प्रभारी अकर्मण्य नहीं रहते; वह हर सेवक के योग्य और उचित क्रम को मानता है। ओबेदेदोम के पुत्रों का नाम लेकर यह दिखाया गया है कि परमेश्वर हर सदस्य की भूमिका निर्धारित करता है, ताकि समष्टि एक सुव्यवस्थित और देव-आदेशानुकूल तरीके से आगे बढ़ सके। यह हमें यह समझाता है कि ईश्वर के घर में हर सेवक की भागीदारी आवश्यक है—भले ही उसका स्थान सामान्य क्यों न हो।

महत्वपूर्ण शब्दों और छवियों की स्पष्टार्थ

  • : परिवारिक सामंजस्य और नेतृत्व की ओर संकेत; घराने के वरिष्ठ सदस्य की भूमिका।
  • : हर सदस्य की विशिष्ट जिम्मेदारी स्पष्ट करता है कि परमेश्वर उनके क्रम के अनुसार सेवाभार को संतुलित करते हैं; यह क्रम विश्वासी समुदाय के विविध गुणों के एकीकृत पूर्णता का प्रतीक है।

संदर्भ-उद्धृत विचार (ग्रंथ-जोड़)

– प्रेरणा के लिए अन्य विवरणी लेखन से यह दिखता है कि विभिन्न परिवारों की समितियाँ मंदिर सेवाओं के लिए कैसे बने रहे। यह पाठ दाऊद के काल के पहले मंदिर-निर्माण से जुड़ा क्रम है, जहाँ सेवा-कर्तव्य विविधता में एकता दिखाते हैं।

– पुराने अनुशासन में, व्यक्तिगत जिम्मेदारी समुदाय के चिन्ह के रूप में समझी जाती है; प्रत्येक व्यक्ति के योगदान से कुल-जन की भव्यता बनती है।

आज के संदर्भ में अनुप्रयोग

आज के विश्वासियों के लिए यह पाठ सिखाता है कि चर्च या ईश्वर-केन्द्रित कार्यों में हर सदस्य की भूमिका मूल्यवान है और क्रम के साथ सेवा देना परमेश्वर को आता है।-परिवारों, समूहों, या विभागों में स्पष्ट-रूप से जिम्मेदारियाँ बाँट कर काम करें—ताकि सामूहिक उद्देश्य स्पष्ट रहे और सेवक-भाव से एकता बनी रहे।

सहायक क्रॉस-रेफरेंस

1) समुदाय की व्यवस्था और विश्वासी-सेवा पर विचार: एकता के लिए विविध गुणों की विविध भूमिकाएँ आवश्यक हैं।

2) मंदिर-सेवक के क्रम का महत्व: हर छोटे-से-छोटे कर्तव्य भी सम्मानित और संस्थागत क्रम में सम्मिलित होते हैं।

3) ईश्वर की योजनाओं में क्रम का नियम: परिवार-समूहों के भीतर नेता और सदस्य के बीच संतुलित भूमिका।

नोट: नीचे उद्धृत पूर्ण शाब्दिक अंश नहीं है; पाठ के अर्थ का संकल्पनात्मक परिचय दिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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1 इतिहास 15:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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और शबन्याह, योशापात, नतनेल, अमासै, जकर्याह, बनायाह और एलीएजेर नामक याजक परमेश्‍वर के सन्दूक के आगे-आगे तुरहियां बजाते हुए चले और ओबेदेदोम और यहिय्याह उसके द्वारपाल थे;

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और अड़सठ भाइयों समेत ओबेदेदोम को, और द्वारपालों के लिये यदूतून के पुत्र ओबेदेदोम और होसा को छोड़ दिया।

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उनके साथ उन्होंने दूसरे पद के अपने भाइयों को अर्थात् जकर्याह, बेन, याजीएल, शमीरामोत, यहीएल, उन्नी, एलीआब, बनायाह, मासेयाह, मत्तित्याह, एलीपलेह, मिकनेयाह, और ओबेदेदोम और यीएल को जो द्वारपाल थे ठहराया।

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