Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 इतिहास 1 1 इतिहास 2 1 इतिहास 3 1 इतिहास 4 1 इतिहास 5 1 इतिहास 6 1 इतिहास 7 1 इतिहास 8 1 इतिहास 9 1 इतिहास 10 1 इतिहास 11 1 इतिहास 12 1 इतिहास 13 1 इतिहास 14 1 इतिहास 15 1 इतिहास 16 1 इतिहास 17 1 इतिहास 18 1 इतिहास 19 1 इतिहास 20 1 इतिहास 21 1 इतिहास 22 1 इतिहास 23 1 इतिहास 24 1 इतिहास 25 1 इतिहास 26 1 इतिहास 27 1 इतिहास 28 1 इतिहास 29Verse
1 इतिहास 3:1 1 इतिहास 3:2 1 इतिहास 3:3 1 इतिहास 3:4 1 इतिहास 3:5 1 इतिहास 3:6 1 इतिहास 3:7 1 इतिहास 3:8 1 इतिहास 3:9 1 इतिहास 3:10 1 इतिहास 3:11 1 इतिहास 3:12 1 इतिहास 3:13 1 इतिहास 3:14 1 इतिहास 3:15 1 इतिहास 3:16 1 इतिहास 3:17 1 इतिहास 3:18 1 इतिहास 3:19 1 इतिहास 3:20 1 इतिहास 3:21 1 इतिहास 3:22 1 इतिहास 3:23 1 इतिहास 3:24



1 इतिहास 3:2 — तत्काल पृष्ठभूमि
वचन बताता है कि राजा दाऊद के समय, यशराज्य के उत्तराधिकारी के प्रश्न ने प्रशासनिक खामियों और सत्ता के खिंचाव को उजागर किया। इस पद में तीसरे अबशालोम का भी उल्लेख है, जो गशूर के राजा तल्मै की बेटी माका के पुत्र था, तथा चौथे अदोनिय्याह जोहग्गीत का पुत्र था। यह पंक्तियाँ दर्शाती हैं कि दाऊद के पुत्रों के बीच सत्ता-लाभ के लिए प्रतिस्पर्धा किस प्रकार गहराती है और उसकी परिणति किस दिशा में जा सकती है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से जो स्पष्ट होता है
यह पाठ सीधे नहीं कहता कि ईश्वर ने यह सब किया, फिर भी सत्ता के खेल में चित्त-प्रवृत्ति और लोगों के दिलों की जिद्द ईश्वर के sovereignty के संदर्भ में संकेत देती है। यह याद दिलाता है कि मानव स्वार्थ और भय के कारण ईश्वर की नियंत्रण-योजना के बाहर भी अस्थिरता और कुश्ती बनी रहती है। विश्वासियों के लिए यह एक स्मरण है कि परमेश्वर अपनी योजना को क्रमानुसार चलाते हैं, परंतु मानव पात्र अपनी-अपनी निर्णय-शक्ति के कारण परिणामों के अनुसार प्रभावित होते हैं।
शब्दों और छवियों की स्पष्टता
दाऊद के बहावपूर्णावह पुत्र और उत्तराधिकारी-सापेक्ष एक उभरता विरोधी; उसका नाम पूर्व-आण्विक राजनीति और आधिपत्य-लाभ के संकेत देता है।
यह एक राजनीतिक गठबंधन का संकेत है जहाँ दाऊद के घर से कुछ संबंध-तोड़ और सत्ता-खिंचाव जुड़ा है।
दौड़-भाग में एक अन्य प्रमुख पुत्र, जो खतरे की धुरी बन सकता है; उसका पिता हग्गीत था, जो एक विशिष्ट परिवार-वंश का प्रतिनिधित्व करता है।
पै्रथित क्रॉस-रेफरेंसेस (संयुक्त-प्रकाश)
यह भाग अन्य परिच्छेदों के साथ राजनीतिक सत्ता, उत्तराधिकारी के प्रश्न, और परिवार-योजना के संघर्ष को दिखाते हैं।
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की दिव्य योजना मानव गरिमा-स्वार्थ के बावजूद टिकती है और विश्वासियों के लिए धैर्य और आराधना आवश्यक रहती है।
आज के संदर्भ में/application
- सत्ता, पवित्रता, और परिवार-योजना के प्रश्न आज भी समाज में चलते रहते हैं; किसी भी नेतृत्व-प्रकार के लिए ईश्वर की सर्वोच्चता को मानना और अपने स्वार्थ-लाभ को नियंत्रण में रखना आवश्यक है।
- परिवार और नातेदारी के भीतर विश्वास-आधारित निर्णयों में ईमानदारी, निर्भरता और परमेश्वर की योजना पर विश्वास रखना सीख दें।
संक्षेपित संयुक्त टिप्पणी
यह क्रम दाऊद के शासनकाल के भीतर पुरुष-प्रतिस्पर्धा को दर्शाकर बताता है कि सत्ता के लिए की जाने वाली योजनाओं में बहुधा स्वार्थ प्रमुख होता है, परन्तु परमेश्वर की व्यवस्था समय के साथ प्रकट होती है। ऐतिहासिक संदर्भ हमें यह सिखाते हैं कि विश्वास हमें तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी ईश्वर के नियंत्रण पर भरोसा बनाए रखने को प्रेरित करता है।
मैथ्यू हेनरी, एलबर्ट बर्न्स और एडम क्लार्क से शब्द-उद्धरण
यह पाठ public-domain टिप्पणीकारों के प्रभाव को समाहित करता है। अगर आप चाहें, तो मैं इन टिप्पणीकारों के विशिष्ट सामान्य विचारों के संक्षिप्त उद्धरण दे सकता हूँ, परंतु यहाँ मैं उनके विचारों को एकीकृत, प्राकृतिक हिन्दी व्याख्या के साथ प्रस्तुत करता हूँ।