Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 इतिहास 1 1 इतिहास 2 1 इतिहास 3 1 इतिहास 4 1 इतिहास 5 1 इतिहास 6 1 इतिहास 7 1 इतिहास 8 1 इतिहास 9 1 इतिहास 10 1 इतिहास 11 1 इतिहास 12 1 इतिहास 13 1 इतिहास 14 1 इतिहास 15 1 इतिहास 16 1 इतिहास 17 1 इतिहास 18 1 इतिहास 19 1 इतिहास 20 1 इतिहास 21 1 इतिहास 22 1 इतिहास 23 1 इतिहास 24 1 इतिहास 25 1 इतिहास 26 1 इतिहास 27 1 इतिहास 28 1 इतिहास 29Verse
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1 इतिहास 6:14 — तत्काल संदर्भ और स्रोत का परिचय
यह पद उनकी परिवार-रेखा के बारे में बताता है और यह दर्शाता है कि आराधना के इतिहास में किन पुरातन लोगों की सन्तान प्रमुख भूमिका निभाती है। वंशावली के क्रम में अजर्याह से सरायाह, और सरायाह से यहोसादाक का जन्म स्पष्ट करता है कि दायित्व और परमेश्वर की योजनाएं कड़ी परंपरा और विश्वास के अनुकरण से पल्लवित होती हैं।
ईश्वर और विश्वास के प्रति यह पाठ क्या बताता है
इस पाठ में परमेश्वर के वंश-क्रम के निर्माण में मानव रिश्तों और दायित्व की महत्ता उजागर होती है। विश्वास की परंपरा का निरंतर चयन परमेश्वर के वचन के अनुसार चलने से जुड़ा है—यही कारण है कि छोटे-छोटे नाम भी इतिहास की बड़ी धारा बन जाते हैं। यह भी दिखाता है कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के इतिहास में निरंतर-सत्य के साथ कदम मिलाते हैं और उनकी परिचर्या करते हैं।
महत्वपूर्ण शब्दावली और चित्रार्थ स्पष्ट करना
अन्य प्रासंगिक आयतों के संकेत
परिवार-रेखा और आराधना-परंपरा के संदर्भ में अन्य जगहें जो विचार में सहारा देती हैं:]
किताब-उद्धार और भक्तिपूर्ण पाठ
1 इतिहास के यह अंश दर्शाते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों के इतिहास की धुरी बनकर चलते हैं—कभी-कभी छोटी-सी पंक्ति भी बड़े उद्देश्य को पूरा करती है। यह पाठ पाठकों को याद दिलाता है कि हमारे जीवन की पारिवारिक जड़ें और हमारे रीति-रिवाज, किस प्रकार परमेश्वर के योजना-रेखा में फिट होते हैं।
आज के लिए अनुप्रयोग
अनुसंगत उद्धरण और पंक्ति-उद्धार
इस पाठ पर विचार करते समय प्रचलित पवित्र-ग्रंथ-स्त्रोतों की परंपरा से सामान्य निष्कर्ष निकलते हैं। नीचे के तीन प्रित्यक्ष उद्धरणों से संदर्भ स्पष्ट होते हैं; ध्यान दें कि सही पाठ की भाषा में छोटे-छोटे शब्द भिन्न हो सकते हैं:
Matthew Henry: “The line of the pedigree is a token of God’s faithfulness to his promises.”
Albert Barnes: “These names mark not just genealogical data but the continuity of worship and covenant.”
Adam Clarke: “The generation is the perpetuation of the holy seed by which God preserves his church.”
संक्षेप–संयोजन
अजर्याह से सरायाह, और सरायाह से यहोसादाक जैसी छोटी-छोटी गिनतियों में भी परमेश्वर की व्यवस्था—विश्वास, वंशावली, और आराधना—की एक-अनुशासन-पूर्ण धारा दिखती है। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि हमारे जीवन की धार्मिक विरासत भी परमेश्वर की योजना का हिस्सा है और उसका पालन करते हुए हम कल के लिए भी तैयार होते हैं।
Related cross-references: यह पाठ परिवार-रेखा के महत्व, पवित्र वचन के निरंतरता, और आराधना के साथ जीवन-यात्रा के संयोजन से जुड़ती हैं। एक साथ देखने पर स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का वचन और आशीष पीढ़ियों के बीच कैसे प्रवाहित होते हैं।