Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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आवश्यक अर्थ: 1 इतिहास 7:2
यही पद यह बताता है कि तोला के पुत्र उज्जी, रपायाह, यरीएल, यहमै, यिबसाम और शमूएल दाऊद के समय तक कितने वीर, प्रतिष्ठित धर्मपरायण पुरुष और मुखिया थे; उनके कुल परिवारों की गिनती 22,600 थी। इसका तात्पर्य यह है कि यह संख्या और इन पुरुषों की विशेषता एक समय के सामरिक और सामाजिक ढांचे की पुष्टि करती है, जहाँ प्रसिद्ध प्रमुखों के नेतृत्व में कुल संख्या एक ठोस इकाई के रूप में दिखती है।
संदर्भ-पृष्ठभूमि
यह इतिहास-किताबें बेनेयामिन, मूसा का उत्तराधिकारी और राजवंश-शैली से परिचित करते हैं। यहाँ दाऊदीय शासन के दौरान यह निर्देश है कि किन कुलों के प्रमुखों को गिनती में लिया गया। अतः यह सूचित करता है कि पुरातन समय में सेना, प्रशासन और परिवार-इतिहास में उच्च स्थान पर पितृ-वर ही होते थे, और उनके परिवार के वीरों की गिनती समाज की संरचना को दर्शाती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
3-भाग thematic संकेत
अन्य सम्बद्ध शास्त्र-उद्धरण (संक्षिप्त व्याख्या के साथ)
1 इतिहास 7:2 के साथ परस्पर संबंधी संदर्भ यह दर्शाते हैं कि पूर्वज-याद और घराने की पहचान किस प्रकार समाज-व्यवस्था को आकार देती है। अन्य पश्चिमी और पूर्वी ग्रंथों में भी प्रमुख परिवारों की भूमिका सेना और प्रशासन में उभरी है; ये उद्धरण एक साथ पढ़ने पर यह दिखाते हैं कि परिवार-परंपरा और नेतृत्व-क्षमता कैसे एक काल-खंड की संस्थाओं को शक्ति देती हैं।
व्यावहारिक निष्कर्ष
जो लोग नेतृत्व-संबंधी भूमिका लेते हैं, उन्हें अपने परिवार-परंपरा और विद्वान-वंश के वर्षों में मिले अनुभवों को संरक्षित रखना चाहिए ताकि वर्तमान समय में भी सामाजिक-तकनीकी संरचना स्थिर रहे। साथ ही यह याद रखना चाहिए कि बहुसंख्यक समाज की क्षमता पुराने धरोहरों और वीर-पुरुषों के सामूहिक योगदान से बनती है।
संदर्भ-नोट
यह टिप्पणी 1 इतिहास 7:2 के अर्थ और सामाजिक-इतिहासीय संदर्भ को समेकित रूप से प्रस्तुत करती है, ताकि पाठक उसी की पृष्ठभूमि में आगे के अध्यायों को समझ सकें।
सीधा.cross-reference
1 इतिहास 7:3 (कुल-परिवारों की भूमिका के समांतर अन्य प्रमुख परिवारों के उल्लेख), 2 इतिहास 34:4 (वंश-आधारित सत्ता-योजनाओं का मूल्यांकन), 1 इतिहास 9:4 (पूर्व-वंशीय मानकों की समीक्षा) — ये संयोगात्मक संकेतों के रूप में समझने हेतु संक्षेप में दिए गए हैं।