Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 10:1 1 राजाओं 10:2 1 राजाओं 10:3 1 राजाओं 10:4 1 राजाओं 10:5 1 राजाओं 10:6 1 राजाओं 10:7 1 राजाओं 10:8 1 राजाओं 10:9 1 राजाओं 10:10 1 राजाओं 10:11 1 राजाओं 10:12 1 राजाओं 10:13 1 राजाओं 10:14 1 राजाओं 10:15 1 राजाओं 10:16 1 राजाओं 10:17 1 राजाओं 10:18 1 राजाओं 10:19 1 राजाओं 10:20 1 राजाओं 10:21 1 राजाओं 10:22 1 राजाओं 10:23 1 राजाओं 10:24 1 राजाओं 10:25 1 राजाओं 10:26 1 राजाओं 10:27 1 राजाओं 10:28 1 राजाओं 10:29


आर्थ: उनके सोने से बनवाए गए ढालों का विवरण (1 राजाओं 10:17)
इस पद का सीधा अर्थ है: राजा ने सोने की तीन सौ छोटी ढालें बनवाईं और हर एक ढाल पर तीन मान का सोना लेपा; फिर उन्होंने इन ढालों को लबानोन के वनों के महल में रखवाया।
प्रसंगगत पृष्ठभूमि
सोलोमन के युग की सत्ता-शानोशौकत और कलाकारिता का प्रतीक यह विवरण, उसके समृद्धि और महलों के वैभव को दर्शाता है। प्रारम्भ में सोलोमन ने परमेश्वर की सहायता से बुद्धिमानी और प्रयोजनों के लिए प्रशासनिक-वैभव प्राप्त किया, परन्तु यह पाठ हमें एक सावधान संदेश भी देता है: जब दैवीय कृपा के साथ संकल्पित शासन का वैभव बढ़ता है, तब मूर्त संपत्ति और कीमती वस्तुओं के प्रति आकर्षण भी बढ़ सकता है।
गहरा टिप्पणी—क्या देखें?
सूत्र-आधारित विश्लेषण
इस अंश में महिमा, संसाधन और सुरक्षा-रक्षा की प्रतीकात्मकता स्पष्ट है। यह दिखाता है कि सोलोमन ने अपनी सेनाओं और महलों के भीतर सुवर्ण-आभूषणों को एकत्रित किया; पर यह संपत्ति पहले से बढ़कर भी एक जोखिम बन सकती थी यदि उसका केंद्र परमेश्वर से हट जाए।
संदर्भ-सम्बन्ध (संक्षेप) और उनके अर्थ
कुल मिलाकर सिद्धांत–छोटा निष्कर्ष
यह पद वैभव के बाहरी प्रतीकों को दर्शाता है, जो शक्तिशाली राज्य के भीतर सुरक्षा और सम्मान के संकेत बनते हैं। किन्तु सचमुच की सुरक्षा परमेश्वर के साथ गहरे सम्बन्ध और नैतिक शासन से आती है; अतः संपत्ति की अधिकताएं कभी-कभी अहंकार को जन्म दे सकती हैं। संतुलन बनाए रखना और दया, न्याय, और धर्मी प्रशासन के साथ वैभव को जोड़ना आवश्यक है।
पूर्व-प्रकाशित टिप्पणी से मिलते-जुलते संकेत
क्लार्क और हेनरी-स्टाइल टिप्पणियाँ यह दर्शाती हैं कि राजसी वैभव का उपयोग अगर परमेश्वर-उद्धार के पथ पर हो, तो वह प्रेरणा बन सकता है; अन्यथा वह पतन की राह खोल सकता है।
क्रॉस-रेफरेंस स्पर्श:
सीखा हुआ व्यवहार: अपने वैभव को परमेश्वर के उद्देश्य के लिए साधे रखना, और राजसी प्रतिष्ठा को दया, न्याय और धार्मिक कर्तव्य के साथ जोड़ना।
टिप्पणियाँयुक्त उद्धरण (जहाँ आवश्यक):
Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी-रेखाओं के अंश संक्षेप में शामिल हैं जहाँ उपयुक्त हों।