Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 10:1 1 राजाओं 10:2 1 राजाओं 10:3 1 राजाओं 10:4 1 राजाओं 10:5 1 राजाओं 10:6 1 राजाओं 10:7 1 राजाओं 10:8 1 राजाओं 10:9 1 राजाओं 10:10 1 राजाओं 10:11 1 राजाओं 10:12 1 राजाओं 10:13 1 राजाओं 10:14 1 राजाओं 10:15 1 राजाओं 10:16 1 राजाओं 10:17 1 राजाओं 10:18 1 राजाओं 10:19 1 राजाओं 10:20 1 राजाओं 10:21 1 राजाओं 10:22 1 राजाओं 10:23 1 राजाओं 10:24 1 राजाओं 10:25 1 राजाओं 10:26 1 राजाओं 10:27 1 राजाओं 10:28 1 राजाओं 10:29



1 राजा 10:1 — शेबा रानी की आहट और सत्कार
:
यह पाठ शुलैमान के शासन के ऊँचे शिखर पर उभरते धार्मिक-राजसी प्रभाव को दिखाता है। शेबा की रानी ने जबquire यहोवा के नाम की महिमा के विषय में सुन लिया कि सुलैमान की कीर्ति कितनी व्यापक है, तो वह उसे देखने के लिए चल पड़ी। यह क्षण दुनिया के अंतःकरण को चकित कर देने वाले द्योतक के रूप में उद्धृत है: वह राजा की विश्वसनीयता, न्याय और धर्म-शीलता की परीक्षा के लिए कठिन प्रश्नों का लिए आ पहुँची।
यह पाठ क्या उद्घोषित करता है
- परमेश्वर की महिमा और सुलैमान की बुद्धि के बारे में बाहरी विश्व का आकर्षण कैसे आस्था को उभारते हैं।
- सत्य यह है कि जानकारियाँ और शक्तियाँ अस्थायी हैं, पर से वेद-ज्ञानी से भय और श्रद्धा उत्पन्न होती है। शेबा रानी का आना यह दिखाता है कि धर्म-ज्ञान से प्रेरित समर्पण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूँज सकता है।
मुख्य शब्दों की व्याख्या
अन्य संघर्ष-उद्धरण (Cross-references)
- मत्ती 6:29 — यहोवा के नाम और उसकी महिमा के संदर्भ में धन-दौलत या मानव-कीर्ति के आसक्ति से ऊपर उठकर परमेश्वर की योजना को महत्त्व देना सीखाने वाला संदर्भ।
- 1 पतरस 1:7 — आस्था की परीक्षा जैसे लोक-प्रसिद्धि के बावजूद विश्वास की शुद्धता को उजागर करती है।
व्याख्या में these cross-references दर्शाती हैं कि परमेश्वर की महिमा के सामने मानवीय प्रशंसाएं सीमित होती हैं, और विश्वास की गहराई ही स्थायित्व देती है।
पवित्र-आयत से सम्बन्धित स्पष्टीकरण
यह संदेश हमें स्मरण कराता है कि बाहरी विचार-श्रृंखलाओं के बीच भी परमेश्वर की बुद्धिमत्ता और धर्म-निष्ठा की ख्याति सत्यापित होती है। यहोवा के नाम के प्रति सम्मान और सच्ची प्रार्थना, न केवल राजा के राज्य पर बल्कि विश्व-धर्म के लिए एक मिसाल बनती है।
आज के लिए अनुप्रयोग
- विश्व की तेज़ दौड़ में भी हमें परमेश्वर के नाम की महिमा को प्राथमिकी देनी चाहिए; सफलता मात्र नहीं, बल्कि आस्था की गहराई हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है।
- जब कभी हम किसी उपलब्धि, प्रसिद्धि या सामाजिक मान-सम्मान का सामना करें, तो अपनी परीक्षा-गुणवत्ता—ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और भक्ति—की जाँच करें।
संक्षेप सार
शेबा रानी की उपस्थिति यह दर्शाती है कि देवत्व और लोक-प्रशंसा के बीच एक संतुलन आवश्यक है: ज्ञान और अनुभव से प्रेरित आस्था परमेश्वर की महिमा को और उजागर करती है।
विशिष्ट उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से उपलब्ध होने पर):
- "यहोवा के नाम के विषय" पर विचार करते समय ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मानक एक साथ चलते हैं; बाहरी उत्साह के पीछे मूल्यांकन जरूरी है।