Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 12:1 1 राजाओं 12:2 1 राजाओं 12:3 1 राजाओं 12:4 1 राजाओं 12:5 1 राजाओं 12:6 1 राजाओं 12:7 1 राजाओं 12:8 1 राजाओं 12:9 1 राजाओं 12:10 1 राजाओं 12:11 1 राजाओं 12:12 1 राजाओं 12:13 1 राजाओं 12:14 1 राजाओं 12:15 1 राजाओं 12:16 1 राजाओं 12:17 1 राजाओं 12:18 1 राजाओं 12:19 1 राजाओं 12:20 1 राजाओं 12:21 1 राजाओं 12:22 1 राजाओं 12:23 1 राजाओं 12:24 1 राजाओं 12:25 1 राजाओं 12:26 1 राजाओं 12:27 1 राजाओं 12:28 1 राजाओं 12:29 1 राजाओं 12:30 1 राजाओं 12:31 1 राजाओं 12:32 1 राजाओं 12:33



अर्थ का सीधा सार
1 राजाओं 12:19 में कहावत साफ है: इस्राएल दाऊद के घराने से फिर गया, और आज तक फिरा हुआ है। इसका मतलब है कि शक्तिशाली राजाओं के विभाजन और नीतिगत निर्णयों के कारण उत्तर और दक्षिण राज्य के बीच सत्ता-धाराओं में दूरी बनी रही है, और समय के साथ इस्लाम से पहले की यह दूरी बनी रही। यह वाक्य यह संकेत देता है कि ductile भागीदारी और शासक-विभाजन के कारण समुदाय एकजुट नहीं रह पाया।
पृष्ठभूमि
यह पाठ तब आता है जब शाऊल के बाद सोलोमन के उत्तराधिकार के टकरावों के कारण इस्राएल एक ही राज्य के बजाय दो हिस्सों में विभाजित हो गया था: इजरायली राज्य (जो उत्तर में था) और यहूदाई राज्य (जो दक्षिण में था)। दाऊद के घराने से होने के कारण यह एक धार्मिक और राजनीतिक संदेश है—क्योंकि दाऊद का घराना परमेश्वर के चुने हुए राजा-वंश के रूप में पहचाना गया था। जब विभाजन हुआ, तब यह स्पष्ट हुआ कि सत्ताओं के परिवर्तन और सत्ता-प्रणालियों ने इस्राएल की एकता को कमजोर किया।
व्याख्या के बिंदु
अनुवादक की दृष्टि से 2-3 cross-references (संक्षेप में)
पश्चिमी टिप्पणियों से संक्षेप
यह अनुभूति Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के विचारों के प्रकाश में एक एकीकृत संदेश बनाती है: इस पाठ में विभाजन का परिणाम यह है कि एक वंशानुक्रम के साथ जुड़ी एकता टूट जाती है। Henry कहते हैं कि मानव-योजना अक्सर परमेश्वर की योजना से भिन्न चलती है, और परिणामस्वरूप जनता में विभाजन आता है। Barnes बताते हैं कि यह विभाजन शासन की अस्थिरता का संकेत है, जो देश के विश्वास-जीवन पर प्रभाव डालता है। Clarke ने कहा है कि समय के साथ एकता की कमी से सामाजिक और धार्मिक क्षति होती है।
आखिरकार, ये विचार एक चेतावनी की तरह हैं—क्योंकि यहूदियों और इस्राएल के बीच के विभाजन ने आगे चलकर धार्मिक-आध्यात्मिक जीवन को प्रभावित किया।
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
संदर्भ
1 राजाओं 12:19 की यह समस्या आधुनिक समुदाय में भी एक चेतावनी के समान है: विविध पंथ और मत होकर भी एक चरम विश्वास के साथ एकता बनाए रखना चाहिए ताकि परमेश्वर की योजना प्रभावी बने।