Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 12:1 1 राजाओं 12:2 1 राजाओं 12:3 1 राजाओं 12:4 1 राजाओं 12:5 1 राजाओं 12:6 1 राजाओं 12:7 1 राजाओं 12:8 1 राजाओं 12:9 1 राजाओं 12:10 1 राजाओं 12:11 1 राजाओं 12:12 1 राजाओं 12:13 1 राजाओं 12:14 1 राजाओं 12:15 1 राजाओं 12:16 1 राजाओं 12:17 1 राजाओं 12:18 1 राजाओं 12:19 1 राजाओं 12:20 1 राजाओं 12:21 1 राजाओं 12:22 1 राजाओं 12:23 1 राजाओं 12:24 1 राजाओं 12:25 1 राजाओं 12:26 1 राजाओं 12:27 1 राजाओं 12:28 1 राजाओं 12:29 1 राजाओं 12:30 1 राजाओं 12:31 1 राजाओं 12:32 1 राजाओं 12:33



1 राजा 12:17 — संदर्भ और संदर्भगत दृश्य
इस पद पर प्रेषित दृश्य है: दासता के उत्तर में खाली-सी स्थिति बनती है जब यरूशलेम का राज अन्य सत्ताओं के दबाव में खड़ा रहता है। इस्राएल के एक बड़े समूह ने अपने-अपने डरे-डरे डेरे बना लिए, और केवल जो लोग यहूदा के नगरों में बसे थे, वे रहRabाम के राज्य में बने रहे। यहाँ राजप्रस्थ का विभाजन स्पष्ट होता है और यहूदाह के रोल का एक स्थायी भाग बन जाता है।
पाठ से जो सीखा जा सकता है
यह पाठ परमेश्वर की योजना के भीतर मानव स्वभाव की जटिलता को उजागर करता है। नतीजा यह है कि जब राजधर्म स्वार्थ और राजनीतिक विभाजन के कारण कमजोर पड़ता है, तो परमेश्वर की योजना उपस्थिति बनसे रहती है और कुछ क्षेत्र (यहूदाह) स्थिर रहते हैं। तथाकथित "जो नीचे रहते हैं" (यहूदाह के नगर) वे शासन की सतह पर अस्थिरता के बावजूद भी परमेश्वर के परिवार की एक-समानता के संकेत बन जाते हैं।
ईश्वर और विश्वास के बारे में संदेश
इस पाठ में ईश्वर की योजना का कठोर लेकिन दयालु पहलू दिखता है: राज्य-कटाव और समुदाय के बँधन के बीच परमेश्वर अपनी सुरक्षा और वाचा को बनाए रखता है। यह आशय बताता है कि विश्वास एक समुदायगत धागे के रूप में बना रहता है, भले ही राजनीतिक सत्ता विघटन की स्थिति हो।
महत्वपूर्ण शब्दों और छविों की स्पष्टता
समानांतर पाठ और उनके संकेत
– 2 इतिहास 10–11 में शेष राजाओं के समय विभाजन के घटनाक्रम का पृष्ठभूमि मिलता है, जो इस्राएल के दो भागों के बीच सत्ता-चाल की दिशा दर्शाता है।
– 1 राजा 11–12 में यहूदाह और इस्राइल के बीच विभाजन के कारण विभाजन के कारण परिणाम स्पष्ट होते हैं।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
आज के विश्वासियों के लिए यह पाठ एक सपना देता है: सामुदायिक एकता बनाए रखना और कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी परमेश्वर के विश्वासयोग्य जनों की पहचान कायम रखना संभव है। विश्वास का समाज-आधार स्थिर रहे, तो शांति और सुरक्षा स्थिर रहती है, भले ही राजनीतिक ढांचे अस्थिर हों।
छोटा cross-reference సమ्पर्क
मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क की उद्धृत टिप्पणी
नोट: नीचे आई गई पंक्तियाँ केवल उनके दायरे की संक्षिप्त संकेत देती हैं—पूर्ण पाठ नीचे उद्धृत नहीं है।
मैथ्यू हेनरी: यह समय इस्राएली समाज के भीतर विभाजन के कारण आस्था की जड़ों के प्रति सचेत करता है कि परमेश्वर के वायदे स्थिर रहते हैं, भले ही मानव सरकारें भटक जाएं।
ऐल्बर्ट बार्न्स: यह दृश्य मानवीय निर्णयों का परिणाम है, जो परमेश्वर की योजना के अधीन होते हैं और एक आस्थावान समुदाय को अपने-अपने देहाती स्थानों में बनाए रखता है।
एडम क्लार्क: शासन के भीतर का विभाजन मनुष्य की नीति-निर्माण की सीमाओं को दिखाता है, पर परमेश्वर के संरक्षण से कुछ भाग सुरक्षित रहता है।
उल्लेखित उद्धरणों के शाब्दिक अंश: यदि उपलब्ध हों, तो केवल वही संक्षिप्त वाक्य प्रस्तुत किये जाते हैं जो उनके लेखन के स्वर को पहचानते हैं।