Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 7:1 1 राजाओं 7:2 1 राजाओं 7:3 1 राजाओं 7:4 1 राजाओं 7:5 1 राजाओं 7:6 1 राजाओं 7:7 1 राजाओं 7:8 1 राजाओं 7:9 1 राजाओं 7:10 1 राजाओं 7:11 1 राजाओं 7:12 1 राजाओं 7:13 1 राजाओं 7:14 1 राजाओं 7:15 1 राजाओं 7:16 1 राजाओं 7:17 1 राजाओं 7:18 1 राजाओं 7:19 1 राजाओं 7:20 1 राजाओं 7:21 1 राजाओं 7:22 1 राजाओं 7:23 1 राजाओं 7:24 1 राजाओं 7:25 1 राजाओं 7:26 1 राजाओं 7:27 1 राजाओं 7:28 1 राजाओं 7:29 1 राजाओं 7:30 1 राजाओं 7:31 1 राजाओं 7:32 1 राजाओं 7:33 1 राजाओं 7:34 1 राजाओं 7:35 1 राजाओं 7:36 1 राजाओं 7:37 1 राजाओं 7:38 1 राजाओं 7:39 1 राजाओं 7:40 1 राजाओं 7:41 1 राजाओं 7:42 1 राजाओं 7:43 1 राजाओं 7:44 1 राजाओं 7:45 1 राजाओं 7:46 1 राजाओं 7:47 1 राजाओं 7:48 1 राजाओं 7:49 1 राजाओं 7:50 1 राजाओं 7:51



1 राजाओं 7:14 — तत्काल संदर्भ और दृश्य
यह verse सुलैमान के समय की सोरुवासी (Phoenician) युवक प्रतीमा का परिचय देता है, जो नप्ताली के गोत्र की विधवा के बेटे के रूप में पहचाना गया है। उसका पिता एक ठठेरा था, और वह पीतल की सभी प्रकार की कारीगरी में पूर्ण बुद्धि और निपुणता रखता था। इस प्रकार वह राजा सुलैमान के सामने आकर उसके सभी निर्माण कार्यों में योगदान देने लगा।
ईश्वर और आस्था के संदेशन
इस अंश से प्रभु के विश्व के व्यापक काम के बारे में दो बातें उभरती हैं: एक तो यह कि ईश्वर अपने लोगों के जीवन में विविध प्रतिभाओं के साथ उन्हें सहयोग देता है; दूसरा यह कि सुलैमान के ऐश्वर्यपूर्ण निर्माणों के पीछे विभिन्न पृष्ठभूमियों के पुरुषों की कुशलता काम में आती है। यह दिखाता है कि परमेश्वर मानव समाज की कला, विज्ञान और कुशलता को मान देता है और उन्हें अपनी योजना के लिये उपयोग में लाता है।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र
अनुक्रमित संदर्भ
1) प्रेरक परिचय: दूसरों के साथ विविध प्रतिभाओं का समन्वय इधर-उधर से आकर एक महान निर्माण के लिये मिलकर काम करता है।
2) कारीगरी और ईश्वरीय योजना: परमेश्वर की योजना में तकनीकी कौशल और रचनात्मकता एक साथ चलते हैं, ताकि परमेश्वर के महिमामय कार्य का उद्घाटन हो सके।
3) परदेशी कर्मचारियों का योगदान: पंथ-विशालता और टीमवर्क का चित्रण—स्वदेशी बनाम विदेशी कर्मियों के बीच की सीमाएं धुँधली पड़ती हैं जब वे परमेश्वर के लिए एक साझा लक्ष्य पर कार्य करते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस
- प्रस्तावना: एब्दियाह 1:6 के समान अन्य-कला-कार्य और विश्वसनीय प्रतिभाओं का मूल्यांकन दिखाता है कि परमेश्वर हर दिल से काम लेने को आतुर है।
- प्रेरितों के समय: कोल milit और रोम 12:4-8 जैसे पाठ स्पष्ट करते हैं कि हर एक सदस्य का योगदान शरीर के अंगों की तरह आवश्यक है।
- वचन-सम्बन्धी: दाऊद के कारीगरों की कहानी में भी ईश्वर की योजना के अनुसार प्रतिभाओं का वितरण दिखता है।
आज के पाठ्यमें उपयोगी अनुप्रयोग
- विविध पृष्ठभूमियों से आये लोग मिलकर परमेश्वर के घर की रचना में योगदान दें—हर किसी की कला, कौशल और अनुभव मूल्यवान है।
- नेतृत्व से जुड़ी संवेदना: सुलैमान के राज्य-निर्माण में शामिल एक नवोन्मेषी दल के रूप में किसी एक व्यक्ति की विशिष्ट योग्यता से भी बड़े लक्ष्य पूरित होते हैं।
- कारीगरी के संस्थानों के लिये प्रेरणा: धार्मिक या मंदिर-संबंधी निर्माणों में आधुनिक तकनीकें और पारंपरिक कुशलताएं मिलकर परमेश्वर की महिमा बढ़ाती हैं।
संक्षिप्त सार
यह Verse दिखाता है कि परमेश्वर की बड़ी योजनाओं में विविध प्रतिभाओं की भागीदारी आवश्यक है। नप्ताली की विधवा से उत्पन्न यह युवक, सोरवासी ठठेरा होते हुए भी, सुलैমান के कार्यों में अपनी कुशलता से योगदान देता है। इससे स्पष्ट होता है कि ईश्वर एक समुदाय-आधारित उद्यम बनाते हैं, जहाँ हर योग्य व्यक्ति अपनी विशिष्ट कलात्मक या तकनीकी क्षमता से उद्देश्य को सफल बनाता है।
टिप्पणियाँ: इस पाठ पर मैथ्यू हेन्री (Matthew Henry) से संदर्भित विचार, और अलेक्जेंडर बार्न्स (Albert Barnes) अथवा एडम क्लार्क (Adam Clarke) के शब्दों से समेकित दृष्टिकोण को नीचे जोड़ा गया है — ये तीनों सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकार हैं और उनके संक्षिप्त उद्धरण नीचे दिए गए हैं: "The greatest works of God are accomplished by the cooperation of many" (सम्बन्धित विचार), आदि।