Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 थिस्सलुनीकियों 4:1 1 थिस्सलुनीकियों 4:2 1 थिस्सलुनीकियों 4:3 1 थिस्सलुनीकियों 4:4 1 थिस्सलुनीकियों 4:5 1 थिस्सलुनीकियों 4:6 1 थिस्सलुनीकियों 4:7 1 थिस्सलुनीकियों 4:8 1 थिस्सलुनीकियों 4:9 1 थिस्सलुनीकियों 4:10 1 थिस्सलुनीकियों 4:11 1 थिस्सलुनीकियों 4:12 1 थिस्सलुनीकियों 4:13 1 थिस्सलुनीकियों 4:14 1 थिस्सलुनीकियों 4:15 1 थिस्सलुनीकियों 4:16 1 थिस्सलुनीकियों 4:17 1 थिस्सलुनीकियों 4:18



1 थिस्सलुनीकियों 4:16 का संदर्भ और उसका अर्थ
इस वच नेपथ-प्रेरित पवित्रता और जीवित आशा के बीच का संबंध स्पष्ट किया है। पत्री के प्रेरित पौलुस ने थिस्सलुनीका के यीशु-विश्वासियों को स्वर्ग से लौटने वाले प्रभु का उत्साहजनक संदेश दिया है। इस अध्याय में पौलुस ने पहले धैर्यपूर्वक और नैतिक जीवन जीने का आह्वान किया, और अब वह अंतिम दिनों के दृश्य को स्पष्ट करता है ताकि दिल भयभीत न हो और विश्वास दृढ़ रहे। यह Verse 16 उस क्षण का चित्र बनाता है जब प्रभु खुद अविकल रूप से आकर अपने अनुयायियों को पुलकित करेगा—पहले मरे हुओं की पुनर्जीवन और फिर जीवितों का साथ आकाश से मिलन।
मुख्य भाव का सार
लेखक यह बताता है कि प्रभु यीशु स्वर्ग से उतरेगे, ललकार (शब्द-आह्वान) और दूतों के साथ आकाशवाणी सुनाई देगी, परमेश्वर की तुरही बजेगी, और जो मसीह में मरे हैं वे पहले उठेंगे। यह प्रसंग प्रेरितों के समय की आशा को भर देता है कि मृत्यु अधिकार में नहीं है; परमेश्वर की शक्ति से जीवन पुनः प्राप्त होगा, और विश्वासियों का मिलन धनी-उत्सव के साथ होगा।
आठ themes (2–3 प्रमुख विषयों सहित)
संदर्भित विचार (प्रमुख टिप्पणीकारों से नमूनात्मक सार)
हेनरी, Barnes और Clarke की सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारियों की संदेश-रेखा परिसर में इस verses के भीतर प्रभु के आगमन की महत्ता को उद्धृत करती है—जिनमें श्रद्धालु की आस्था के साथ धैर्य और पवित्र जीवन का मेल स्पष्ट होता है। यह पंक्ति बताती है कि मृत्यु प्रभु के आगे स्थिर नहीं, बल्कि एक चरण है जो पूर्ण उद्धार के वहन में है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (लाइव उद्धरण नहीं, केवल संदर्भ):
Matthew Henry के सामान्य-उद्धृत विचार: प्रभु के आगमन का दिन शुभ समाचार लेकर आता है—स्वर्ग से बुलावा और परमेश्वर की जय-ध्वनि।
Albert Barnes के विचार: मर चुके विश्वासियों की पुनर्जीवन परमेश्वर के सफल योजना का अभिनव भाग है और यह जीवितों के लिए भी प्रेरणा बना रहता है।
Adam Clarke के विचार: तुरही की ध्वनिDispatcher से मृत्यु और जीवन के बीच अंतर्निहित विभेद को मिटाते हुए, यीशु के आगमन का स्पष्ट संकेत है।
अनुबंधित cross-references
- योहन 5:28-29: पुनर्जीवन की एकता और न्याय का क्रम। छोटे संकेत से बड़ा आश्वासन स्पष्ट होता है कि जो मरे हैं वे पुनर्जीवित होंगे।
- 1 कुरिन्थी 15:51-52: मृत्यु के साथ विजय का मौक़ा—ललकार और तुरही के साथ परिवर्तन।
- दानियहल 12:2: मरकर उठना और जीवन के क्रम का भविष्यवाणी संकेत।
व्यावहारिक विचार
यदि आप अभी कठिनाईयाँ और दर्द में हों, तो यह वचन आश्वासन देता है कि जीवन का यह व्यूहएक बार नहीं टिकेगा। प्रभु के आगमन की आशा आपके ईमान को धैर्य और पवित्र जीवन के लिए प्रेरित करे। अपने दैनिक व्यवहार को इस दृष्टि से जाँचें: प्रेम, ईमानदारी और एकता के साथ एक उच्च आदर्श के लिए जीना।
संक्षिप्त समापन
1 थिस्सलुनीकियों 4:16 इस बात को पुष्ट करता है कि ईसाई जीवन मृत्यु के बाद एक महान प्रकाश में परिणत होगा—प्रभु का आगमन, दूतों की घोषणा, तुरही की ध्वनि और मरे हुओं की पुनर्जीवन। यह आशा एक प्रेरक प्रेरणा है जिसका लक्ष्य पवित्र जीवन और दृढ़ विश्वास है।