Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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धारणा: प्रकाशितवाक्य 1:7 का सरल अर्थ
यह आयत बताती है कि यीशु मसीह इतिहास के अंत में दोहरावदार दृष्टि से आएंगे—आकाश के बादलों पर आकर सभी आंखें उन्हें देखेंगी, भला जो उन्हें न देखकर डरेंगे भी। यह दृश्य हर व्यक्ति के लिए साक्षात्कार है; उन लोगों के लिए जो उनका विरोध और क्रोध करने वाले रहे, उनकी दृष्टि किसी प्रकार के पछतावे का कारण बनेगी, और पृथ्वी के कुल लोग उस दिन के लिए छाती पीटेंगे।
प्रसंग-संदर्भ और पृष्ठभूमि
प्रकाशितवाक्य की पुस्तक अंतिम दिनों के चेतावनी और आश्वासन का मिश्रण है। यह आयत सचेत करती है कि यीशु के पहुंचने का दिन तय है, और प्रत्येक व्यक्तिक में उस दैवीय उपस्थिति के प्रति प्रतिक्रिया होगी। जक़ारिया 12:10 जैसी पुरानी प्रतिज्ञाओं की ओर इशारा भी मिल सकता है, जहाँ लोगों के हृदयों के भीतर एक परिवर्तन-घटना का चित्रण है, जो उस समय के कठोर विवेक से जुड़ा है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
थीमेटिक संरचना
अनुचित-पथ और क्रॉस-रेफ़रेंसेस
यहाँ 2-3 संबंधित संदर्भ दिए जा रहे हैं ताकि पाठक संदर्भ को समझ सकें:
इन संदर्भों से समझ आता है कि अंत-समय की महिमा और न्याय एक साथ चलते हैं—आशा और चेतावनी एक साथ।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
पवित्र-शब्द से प्रेरित संक्षिप्त टिप्पणी
यह आयत सीधे कहती है कि प्रभु का आना एक आलोकितVisible दिन है, जिसमें हर किसी की नजर पड़ेगी। यह केवल डर नहीं, बल्कि उद्धार का अवसर भी है यदि व्यक्ति प्रभु के सामने योग्य हृदय बन जाए।
ध्यान दें: नीचे दी गई सूचनाओं में Matthew Henry, Albert Barnes व Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण यदि उपलब्ध होंगे, वे तिर्यग रूप में दिखाए जा सकते हैं।