Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 थिस्सलुनीकियों 5:1 1 थिस्सलुनीकियों 5:2 1 थिस्सलुनीकियों 5:3 1 थिस्सलुनीकियों 5:4 1 थिस्सलुनीकियों 5:5 1 थिस्सलुनीकियों 5:6 1 थिस्सलुनीकियों 5:7 1 थिस्सलुनीकियों 5:8 1 थिस्सलुनीकियों 5:9 1 थिस्सलुनीकियों 5:10 1 थिस्सलुनीकियों 5:11 1 थिस्सलुनीकियों 5:12 1 थिस्सलुनीकियों 5:13 1 थिस्सलुनीकियों 5:14 1 थिस्सलुनीकियों 5:15 1 थिस्सलुनीकियों 5:16 1 थिस्सलुनीकियों 5:17 1 थिस्सलुनीकियों 5:18 1 थिस्सलुनीकियों 5:19 1 थिस्सलुनीकियों 5:20 1 थिस्सलुनीकियों 5:21 1 थिस्सलुनीकियों 5:22 1 थिस्सलुनीकियों 5:23 1 थिस्सलुनीकियों 5:24 1 थिस्सलुनीकियों 5:25 1 थिस्सलुनीकियों 5:26 1 थिस्सलुनीकियों 5:27 1 थिस्सलुनीकियों 5:28



1 थिस्सलुनीकियों 5:24 — पाठ का संक्षिप्त संदर्भ
पद यह संदेश देता है कि हमारा परम बुलानेवाला विश्वसनीय है और उसी विश्वास के साथ चलना चाहिए। पॉल के पाठ में थिस्सलुनीकियों के समुदाय को यह स्मरण कराया गया है कि ईश्वर का बुलावा हमारी पूर्ण सुरक्षा है; वह शुरू करता है और पूरा करता है जो उसने कहा है। यह दृढ़ विश्वास विशेषकर संकट-काल में उत्साह और स्थिरता बनाये रखने के लिए है, ताकि विश्वास हम पर नहीं बल्कि उद्धारकर्ता पर टिके।
मुख्य भावार्थ
यह पद कहता है कि जो बुलानेवाला है—यानी ईश्वर—विश्वसनीय है और जो उसने प्रारम्भ किया है, वही उसे पूरा करेगा। हमारे भरोसे का केंद्र उसका यकीन-योग्य और स्थिर कार्यक्रम है, जिसमें हमारी भागीदारी भी है पर प्रभावी शक्ति उसकी कृपा से आती है। यह आश्वासन आत्म-समर्पण, विश्वास और अपेक्षा को प्रेरित करता है कि ईश्वर हमारे जीवन के हर कदम में साथ है और उसे सिद्ध करना है।
मुख्य विषयों के संकेत
संबद्ध पदों के सारांश संदर्भ
— प्रेरित पवित्र शास्त्र के अन्य अंश जो इस विश्वास-केन्द्रित प्रकृति को पुष्ट करते हैं, वे सलाह देते हैं कि ईश्वर के वचन पर भरोसा करना चाहिए, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों।
उद्धरणार्थ प्रेरणादायक विचार: "ईश्वर ने जिस बुलावे को दिया है, वही कर्म में आता है।"
संदर्भ रूप में देखें: कुछ अन्य क्षेत्र जहां विश्वास और बुलावे की गारंटी झलकती है, जैसे मामलों में ईश्वर के कार्य के पूरा होने के वचनों की पुष्टि मिलती रहती है।
व्यावहारिक सोच: आज के जीवन में इसे कैसे अपनायें
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका छोटा विवेचन
• रोमियों 8:28-30 की तरह, जहाँ ईश्वर का उद्देश्य सभी के लिए उद्धार और कल्याण के द्वारा पूरा होता है; यह verse भी बताता है कि वह जो बुलाता है, वह सम्पन्न करने में सक्षम है।
• फिलिप्पियों 1:6 में कहा गया है कि जो_started है, उसे पूर्ण करेगा; यह संकेत देता है कि ईश्वर की कृपा निरंतरता के साथ चलती है।
• यहह 10:23 के समान विश्वास की स्थिरता, जो कहता है कि वह जिसने गलती नहीं की है, वह हमारी आस्था को सुरक्षित रखेगा।
संक्षिप्त समापन
1 थिस्सलुनीकियों 5:24 हमें याद दिलाता है कि हमारा बुलावा विश्वासयोग्य है और वही उसे पूर्ण करेगा। यह संदेश विश्वास-व्यक्ति के लिए आशीष है—हम उसे पकड़ते हैं, वह हमारी पूरी राह बनाता है, और हमारी निर्भरता उसे सुरक्षित करती है।
मुख्य उद्धरण (पूर्व प्रकाशित टिप्पणीकारों से, यदि उपलब्ध):
“The one who calls you is faithful, and he will do it.” — Matthew Henry
“Faithful is he that calleth you, who also will do it.” — Albert Barnes
“Faithful is he that calleth you, who will also perform it.” — Adam Clarke