Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 थिस्सलुनीकियों 5:1 1 थिस्सलुनीकियों 5:2 1 थिस्सलुनीकियों 5:3 1 थिस्सलुनीकियों 5:4 1 थिस्सलुनीकियों 5:5 1 थिस्सलुनीकियों 5:6 1 थिस्सलुनीकियों 5:7 1 थिस्सलुनीकियों 5:8 1 थिस्सलुनीकियों 5:9 1 थिस्सलुनीकियों 5:10 1 थिस्सलुनीकियों 5:11 1 थिस्सलुनीकियों 5:12 1 थिस्सलुनीकियों 5:13 1 थिस्सलुनीकियों 5:14 1 थिस्सलुनीकियों 5:15 1 थिस्सलुनीकियों 5:16 1 थिस्सलुनीकियों 5:17 1 थिस्सलुनीकियों 5:18 1 थिस्सलुनीकियों 5:19 1 थिस्सलुनीकियों 5:20 1 थिस्सलुनीकियों 5:21 1 थिस्सलुनीकियों 5:22 1 थिस्सलुनीकियों 5:23 1 थिस्सलुनीकियों 5:24 1 थिस्सलुनीकियों 5:25 1 थिस्सलुनीकियों 5:26 1 थिस्सलुनीकियों 5:27 1 थिस्सलुनीकियों 5:28



1 थिस्सलुनीकियों 5:4 (HINIRV) — अंधकार में न रहना, क्या यह कहता है?
परिवार और समुदाय के भीतर पवित्र होने की राह में यह पद स्पष्ट करता है कि विश्वस्त लोग अंधकार में नहीं हैं; वह दिन, जो प्रभु के आगमन के साथ जुड़ा है, सीधे उनके लिए एक चोर की रात जैसा आक्रांत नहीं है। पassage यह बताता है कि ईश्वर के बच्चों के लिए वह समय अलग और स्पष्ट होगा, क्योंकि वे प्रकाश में हैं और उनमें जागरूकता बनाने वाला आत्मा का जागरण है।
पाठ का तात्पर्य: ईश्वर की दृष्टि और विश्वास का प्रकाश
यह वाक्य यह बताता है कि एक विश्वासवीर के लिए अंतिम दिन, जिसे “वह दिन” कहा गया है, अचानक आहम नहीं होगा। प्रेरित पौलुस यह याद दिलाते हैं कि थिस्सलुनीका के विश्वासियों ने पहले से ही प्रभु के प्रकाश में चलना सीख लिया है, इसलिए वे अंधकार में नहीं हैं। इससे ईश्वर की देखभाल और विश्वास की जाग्रति उभरती है: वे दुष्टों के प्रकार के प्रतीकात्मक चोर की तरह नहीं पड़ेगें, बल्कि चेतावनी और तैयारी में दिखाई देंगे।
उसमें दिखती ईश्वर-विश्वास की बातें
- ईश्वर की सत्यप्रतिष्ठा: परमेश्वर का प्रकाश उन पर रोशनी की तरह है; वे अज्ञान और डर के स्थान पर सत्य और योजना से जुड़े रहते हैं।
- जागरूकता और सन्तुलन: आने वाला दिन एक संकेत है, पर विश्वासियों के लिए वह दिन चोर-के-समय नहीं, एक स्पष्ट उपस्थिति होगा, जो उनसे छुपा नहीं रहेगा।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
“अंधकार” शब्द यहाँ गैर-धार्मिक अंधकार नहीं, बल्कि नैतिक अयोग्यता, चौकन्ने न रहने और आत्मिक निद्रता की स्थिति है। “दिन” से आशय उस निर्णयपूर्ण समय से है जब प्रभु लौटेंगे; यह सत्य है कि वे उन लोगों के साथ नहीं होंगे जो सचेत नहीं हैं, बल्कि वे जो ईमानदारी से बढ़ते और जागरूक रहते हैं, उनसे परिचित होंगे।
संदर्भित और సంబంధित बाइबल स्थान
आज की जीवन-प्रयोगिता
1) जागरूक रहें: अपने दैनिक जीवन में सचेत निरीक्षण रखें—पाप, मतभेद और आत्म-स्वार्थ से दूर रहने के लिए प्रार्थना और पवित्रता के मार्ग पर चले।
2) आध्यात्मिक तैयारी: आक्रामक दिन के समय के लिए नीतियाँ बनाएं— नियमित प्रार्थना, पवित्रशास्त्र अध्ययन, और समुदाय के साथ सहभागिता।
3) आशावाद के साथ सतर्कता: प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा में संतुलित विश्वास रखें—अंधकार से बचना और दया, नैतिकता, और प्रेम के द्वारा जीवन बिताना।
पूर्व-पुष्टि टिप्पणीकारों के संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पंक्ति स्पष्ट करती है कि ईश्वर के बच्चों के लिए “वह दिन” किसी अचानक चोर की तरह आना नहीं, बल्कि प्रकाश-पूर्वक प्यासा और जागरूक राष्ट्र के साथ होगा।
महत्वपूर्ण उद्धरण (अनुमत उद्धरण):
Matthew Henry से: “We are not in darkness, that day should surprise us as a thief.”
Albert Barnes से: “They belong to the day, and are not in darkness, because they walk in the light.”
Adam Clarke से: “The day of the Lord will come as a thief in the night to those in darkness; but you are not of darkness.”
कथन-सार: यह पाठ विश्वासियों को आश्चर्य से नहीं, बल्कि जागरूकता और तैयारी के साथ जीने का आह्वान देता है—क्योंकि वे प्रकाश में हैं, अंधकार में नहीं.