2 इतिहास 18:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, “हाँ, एक पुरुष और है, जिसके द्वारा हम यहोवा से पूछ सकते हैं; परन्तु मैं उससे घृणा करता हूँ; क्योंकि वह मेरे विषय कभी कल्याण की नहीं, सदा हानि ही की नबूवत करता है। वह यिम्ला का पुत्र मीकायाह है।” यहोशापात ने कहा, “राजा ऐसा न कहे।”

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2 इतिहास 18:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का स्पष्ट बयान

यह पद यह बताता है कि एक राजा, अयूब नहीं, बल्कि इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा कि उसे एक ऐसा नबी चाहिए जो केवल favorable बात बोले, और जिसने यथार्थ में यहोवा से पूछने का अवसर बन सके; किन्तु वह नबी मीकायाह, जो यिम्ला का पुत्र है, को घृणा करता है क्योंकि उसका प्रवचन शांति की भविष्यवाणी नहीं, बल्कि निरंतर हानि की चेतावनी देता है।

प्रसंग की पृष्ठभूमि

2 इतिहास 18 अध्याय में राजा यहोशापात और राजा योआस के साथ की राजनीति और नबियों के साथ उनकी बातचीत का संदर्भ है। राजा युरेम के राजसी गठजोड़ में शामिल होकर इज़राइल के दो टुकड़ों के बीच राजनीति चल रही थी। मीकायाह वह नबी है जिसे यहोवा से सीधे निर्देश मिलते थे, परंतु राजा का भाग-दौड़ कर उन्हें तर्कसंगत दिखाने की कोशिश उनके संदेश को दबाने की इच्छा का संकेत हैं।

व्याख्या-सार

  • एक समय में यहोवा से पूछने के लिए एक सही मार्ग की खोज: राजा मांग करता है कि वह केवल शुभ समाचार सुनना चाहता है, जिससे नीति-संरचना सुविधाजनक बने।
  • मीकायाह का मूल्यांकन: मीकायाह सच बोलने वाला नबी है; उसका तटस्थ और निर्भीक वक्तव्य नीति-चाल से ऊपर है।
  • धर्म-राजनीति का संघर्ष: सत्ता के कारण सच सपनों को दबाने की कोशिश दिखती है; यह हमारे लिए चेतावनी है कि लाभ-हानि के हिसाब से धर्मीय संदेश को नहीं तोला जाना चाहिए।

उद्धृत विचारों के साथ संकल्पना

गुण: यह पाठ निष्पक्ष नबी-आचरण की आवश्यकता को प्रकट करता है—यथा सच बोलना, भले ही वह असुविधाजनक हो।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त संदर्भ और समझ)

- अविश्वासी अवसरों में नबी का निर्भीक बोलना: यह भोग-विलास की राजनीति के विरुद्ध सत्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

- भविष्यवाणी की प्रकृति: कुछ समय ऐसे संदेशों का आना जो राजा-राज्य के लाभ-हानि से परे होते हैं, ताकि जनता की राह सत्य पर टिके।

- धार्मिक निर्णयों में निष्पक्षता: सत्ता के दबाव के बावजूद धर्मार्थ संदेश की विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।

संक्षिप्त मुख्य निष्कर्ष

अनुशंसित व्यावहारिक takeaway

जब भी नीति-निर्णयों में सच और न्याय की आवाज़ आए, उसे सुनने और सम्मान देने में समझदारी होनी चाहिए—क्योंकि परमेश्वर के संदेश को राजनीतिक दबाव के बजाय सत्य के अनुरूप ग्रहण करना ही विश्वसनीय नेतृत्व का संकेत है।

अनुदेशात्मक सार

यह पाठ हमें स्मरण देता है कि दबाव या लाभ पाने के लिए सच से पलायन करना गलत है। नबी मीकायाह का स्पष्ट आह्वान यह है कि परमेश्वर की योजना से चूकना नहीं चाहिए।

नोट: इस पाठ के लिए हिंदी के इतिहासिक अनुवाद में मौलिक संदेश वही रहता है: सत्य के मार्ग पर अडिग रहना, भले ही यह असुविधाजनक या असंभव लगे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 इतिहास 18:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

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