Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 8:1 2 कुरिन्थियों 8:2 2 कुरिन्थियों 8:3 2 कुरिन्थियों 8:4 2 कुरिन्थियों 8:5 2 कुरिन्थियों 8:6 2 कुरिन्थियों 8:7 2 कुरिन्थियों 8:8 2 कुरिन्थियों 8:9 2 कुरिन्थियों 8:10 2 कुरिन्थियों 8:11 2 कुरिन्थियों 8:12 2 कुरिन्थियों 8:13 2 कुरिन्थियों 8:14 2 कुरिन्थियों 8:15 2 कुरिन्थियों 8:16 2 कुरिन्थियों 8:17 2 कुरिन्थियों 8:18 2 कुरिन्थियों 8:19 2 कुरिन्थियों 8:20 2 कुरिन्थियों 8:21 2 कुरिन्थियों 8:22 2 कुरिन्थियों 8:23 2 कुरिन्थियों 8:24



2 कुरिन्थियों 8:23 पर दृश्य-संदर्भ और संदेश
यही वाक्य पवित्र प्रेरित पौलुस के उन पत्रों का भाग है जहाँ वह मसीह की कलीसियों के लिए सहयोग और सहयोगियों के चयन की बात कर रहे हैं। यहाँ बतलाया गया है कि तीतुस और बाकी भाइयों के बारे में क्या कहा गया है, और उनका प्रतिनिधित्व कैसे उनकी सहभागिता और महिमा के साथ जुड़ा है।
पाठ का तात्पर्य: ईश्वर-विश्वास और भरोसे का आपसी साझा करना
इस वाक्य में तीतुस को “मेरे साथी” कहा गया है, जो उसके दृढ़ कैथलिक-जड़ वाले विश्वास और मिशन में भागीदारी का परिचय है। साथ ही इसे “तुम्हारे लिए मेरा सहकर्मी” कहा गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह मलय संगठन के भीतर इकाई के समान है, कलीसिया के लिये साथ-साथ चलने वाला एक सहयोगी है। और “हमारे भाइयों के विषय में” उनका उल्लेख यह दिखाता है कि वे कलीसियाओं द्वारा भेजे गए प्रतिनिधि हैं और मसीह की महिमा के वाहक हैं। यह चित्रण सहयोग, एकता और मिशन की महत्ता को दर्शाता है कि कैसे एक कलीसिया दूसरे के काम की सराहना करे और उनके नेतृत्व को मान्यता दे।
मुख्य शब्दों के अर्थ
दूसरे स्रोतों से संकलित प्रकाश
इस पंक्ति से जड़ी बातों में से Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के संकेत मिलते हैं:
– Henry का विचार: यह उद्धरण परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार सहयोगियों की महत्ता को दिखाता है कि किस प्रकार विश्वासी एक दूसरे के साथ-साथ चलते हैं और एक दूसरे के कार्यों को सम्मान देते हैं।
– Barnes का विचार: यह संदेश सभ्यता और कलीसिया के भीतर एकता के महत्व को दर्शाता है—तीनों समूह एक लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हैं।
– Clarke का विचार: प्रतिनिधियों की भूमिका उनके विरासत और प्रेरणा का संकेत है—भरोसे के साथ भेजे गए लोग, ताकि चर्च एक विशालजनक मंच पर प्रभु की महिमा दिखाए।
इन टिप्पणियों के सार में यह बिंदु है कि सहयोग और श्रद्धा एक साथ चलते हैं ताकि नया विश्वास-कार्य सफल हो सके।
अन्य सापेक्ष पाठ
– 2 कुरिन्थियों 8:23 के समकक्ष अन्य संदर्भ जहाँ प्रेरित सामाजिक-समन्वय, सहकार्य, और मिशन के प्रेषण पर प्रकाश डालते हैं—यहीं से हमें स्पष्ट ऊर्जा मिलती है कि कलीसिया का आंतरिक प्रेम और बाहर की सेवा एक दूसरे से जुड़ी रहती है।
– फिलिप्पियों 2:25, रोम 15:26-27 जैसे पद भी सहयोग और भागीदारी की भावना को बढ़ाते हैं कि कैसे विभिन्न कलीसियाँ एक साझा उद्देश्य के लिए मिलकर काम करें।
आज के लिए अनुप्रयोग
संक्षिप्त योग
इस वाक्य में दिखाया गया है कि ईश्वर विश्वासी समुदाय के भीतर कैसे एकता और सहयोग की चेन बनाते हैं—तितुस, भाइयों और भेजे हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से। यह संदेश आज भी सच है: प्रभु की महिमा बढ़ती है जब हम एक दूसरे के साथ चलते हैं और विश्वास के मिशन को समर्पित रहते हैं।