Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 8:1 2 कुरिन्थियों 8:2 2 कुरिन्थियों 8:3 2 कुरिन्थियों 8:4 2 कुरिन्थियों 8:5 2 कुरिन्थियों 8:6 2 कुरिन्थियों 8:7 2 कुरिन्थियों 8:8 2 कुरिन्थियों 8:9 2 कुरिन्थियों 8:10 2 कुरिन्थियों 8:11 2 कुरिन्थियों 8:12 2 कुरिन्थियों 8:13 2 कुरिन्थियों 8:14 2 कुरिन्थियों 8:15 2 कुरिन्थियों 8:16 2 कुरिन्थियों 8:17 2 कुरिन्थियों 8:18 2 कुरिन्थियों 8:19 2 कुरिन्थियों 8:20 2 कुरिन्थियों 8:21 2 कुरिन्थियों 8:22 2 कुरिन्थियों 8:23 2 कुरिन्थियों 8:24



प्रमुख समझ: दान में सहभागी बनना और पवित्र सेवा के लिए अनुग्रह
2 कुरिन्थियों 8:4 का पाठ हमें दर्शाता है कि प्रेरित Paul कैसे विशेष विनम्रता और व्याकुलता के साथ दान के लिए बारीकी से प्रेरित कर रहे हैं—वे बार-बार विनती करते हैं ताकि विश्वासियों द्वारा दान में सहभागिता बढ़े और पवित्रों की सेवा के लिए योगदान सुनिश्चित हो। यह वाक्य स्पष्ट करता है कि दान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि मसीही एकता और सेवा के पराक्रम का एक उपाय है।
ग्रंथीय संदर्भ (लिटरेरी Kontext)
यह पंक्ति कोरिन्थ में एकत्रित दान की पृष्ठभूमि में आती है, जहां पौलुस सामुदायिक सहयोग को प्रोत्साहित कर रहे हैं। वे स्पष्ट करते हैं कि दान देना प्रेम और स्वतंत्र-स्वीकृति का परिणाम है, न कि वैचारिक दायित्व का भार। इस संदर्भ में वे न केवल आर्थिक सहायता की बात कर रहे हैं, बल्कि दासत्व के बजाय मुक्त मन से सहभागिता निभाने की प्रेरणा दे रहे हैं।
धार्मिक महत्त्व (Theological significance)
इस कुरिन्थियों के पाठ में दान एक दैवीय उपहार के रूप में देखा गया है, जो विश्वासी के दिल की परिवर्तनकारी स्थिति को प्रकट करता है—जो आनंद से देता है, न कि दबाव से। पवित्र आत्मा के सक्षम कर देने पर विश्वासियों में परस्पर प्रेम की भावना बढ़ती है, और यह सेवा की ओर प्रेरित करता है। यह पंक्ति यह भी संकेत देती है कि दान और सेवा एकत्र होकर चर्च की आवश्यकता को पूरा करते हैं, जिससे ख्रीस्तीय समूह एकजुट रहता है।
पवित्रशास्त्र के साथ संबंध (Cross-references)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि दान एक संतुलित जीवनशैली का भाग है—खुद को नचाते हुए नहीं, बल्कि प्रेम-प्रेरित उनकी सेवा के साथ।
विचार के प्रश्न (Questions for reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 कुरिन्थियों 8:4 हमें सिखाता है कि दान पवित्रों की सेवा में भागीदारी का अनुग्रह है—यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक सामूहिक विश्वास का व्यवहार है। प्रेरित पौलुस का आग्रह बताता है कि दान से चर्च और विश्व-भर के विश्वासी एक साथ खड़े होते हैं और प्रेम क्रिया बन जाते हैं।
पूर्ववर्ती टिप्पणीकारों द्वारा उद्धृत विचार (संक्षेप)
डॉ. Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों में से कुछ सारगर्भित बिंदु नीचे आते हैं:
नोट: उपरोक्त तीनों पारंपरिक commentators से सीधे उद्धरण यदि मिले तो उनके स्पष्ट शब्द एकदम संक्षेप में संरक्षित किए गए हैं।