Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 5:1 2 कुरिन्थियों 5:2 2 कुरिन्थियों 5:3 2 कुरिन्थियों 5:4 2 कुरिन्थियों 5:5 2 कुरिन्थियों 5:6 2 कुरिन्थियों 5:7 2 कुरिन्थियों 5:8 2 कुरिन्थियों 5:9 2 कुरिन्थियों 5:10 2 कुरिन्थियों 5:11 2 कुरिन्थियों 5:12 2 कुरिन्थियों 5:13 2 कुरिन्थियों 5:14 2 कुरिन्थियों 5:15 2 कुरिन्थियों 5:16 2 कुरिन्थियों 5:17 2 कुरिन्थियों 5:18 2 कुरिन्थियों 5:19 2 कुरिन्थियों 5:20 2 कुरिन्थियों 5:21



2 Corinthians 5:1 परिभाषा और अर्थ
इस वचन में प्रेरित पॉल बताता है कि हमारी सांसारिक रहने की दशा के टूटने के बाद हमारे लिए परमेश्वर की ओर से एक स्थाई, स्वर्गीय निवास है। यह पृथ्वी-घेरा गिरने पर भी हमारे पास एक चिरस्थायी घर है जो हाथों से नहीं बना, बल्कि परम सत्य में बना है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पॉलेस्टर-पॉल ने Corinthians के बीच चर्च की परिस्थितियों में कहा कि इस शरीर का डेरा एक क्षणभंगुर आवास है। नीचे के पाठ में वे बतलाते हैं कि मृत्यु के बाद जीवन के वास्तविक रूप, स्वर्गीय निवास की आशा है। यह विचार पुराने नियम के प्र्बितों के विश्वास और ईसा तक पहुँची उद्धार आयाम से जुड़ता है—एक ऐसी स्थिति जिसमें पृथ्वी-निवास अब भी हमारा हो सकता है, पर वह तात्कालिक है बनाम दिव्यता-घेरा जो शाश्वत है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
तीन प्रमुख निर्गम बिंदु (Thematic takeaways)
क्रॉस-रेफरन्स और उनके संक्षिप्त जुड़ाव
इब्रा. 9:11 से संकेत मिलता है कि मसीही विश्वास में वास्तविक पथ स्वर्गीय प्रस्थान का है, जो पवित्र स्थल तक पहुँचेगा।
यहोशू 24:2-3— पुराने नियम में भी यह संदेश है कि परमेश्वर ने स्वर्गीय नियति के लिए स्थलों की प्रतिज्ञा दी है; हमारी उम्मीद वहाँ जुड़ी है।
यूहन्ना 14:2-3— यीशु द्वारा उद्धृत किया गया आश्वासन कि पिता के घर MANY जगहें हैं और वह हमे लेने आएँगे; यह स्वर्गीय घर की प्रत्यक्ष तस्वीर है।
हार्दिक व्यावहारिक निष्कर्ष
जीवन की अस्थिरता के समय में, विश्वासियों को अपने ठोस आश्रय के स्रोत को याद रखना चाहिए: परमेश्वर का स्वर्गीय घर, जहाँ हर आंसू पोंछे जाएँगे और न्यायपूर्ण संस्थापन होगा। इस आशा से हम वर्तमान दुःख-स्थिति में भी धैर्य रखें, सेवा-जीवन को दिव्य ध्वनि के साथ आगे बढ़ाएं, और अपनी धारणाओं को स्वर्ग-केन्द्रित बनाए रखें।
नोट: मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायनाचार से संकेतित छोटे उद्धरण मौलिक रूप से समाहित हैं; उनके विचार संक्षेप में नीचे बताए गए हैं—परन्तु पूरा पाठ उनके उद्धरणों का स्वतंत्र पुनरावृत्ति नहीं है।
संदर्भ-उद्धरण (संकेतित उद्धरण नहीं पूर्ण पाठ)
मैथ्यू हेनरी से संक्षेप विचार: "हमारा अंतर्मन यह मानता है कि पृथ्वी-घेरा गिरने पर भी स्वर्गीय जीवन-घेरा हमारे लिए है" (संक्षिप्त सार)
अल्बर्ट बर्न्स से संक्षेप विचार: "पृथ्वी के भरोसे से ऊपर एक स्थिर घर की आशा" (संक्षिप्त सार)
एडम क्लार्क से संक्षेप विचार: "इस संसार के ठहराव के बाहर एक अस्थिर-निवास है" (संक्षिप्त सार)