Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 5:1 2 कुरिन्थियों 5:2 2 कुरिन्थियों 5:3 2 कुरिन्थियों 5:4 2 कुरिन्थियों 5:5 2 कुरिन्थियों 5:6 2 कुरिन्थियों 5:7 2 कुरिन्थियों 5:8 2 कुरिन्थियों 5:9 2 कुरिन्थियों 5:10 2 कुरिन्थियों 5:11 2 कुरिन्थियों 5:12 2 कुरिन्थियों 5:13 2 कुरिन्थियों 5:14 2 कुरिन्थियों 5:15 2 कुरिन्थियों 5:16 2 कुरिन्थियों 5:17 2 कुरिन्थियों 5:18 2 कुरिन्थियों 5:19 2 कुरिन्थियों 5:20 2 कुरिन्थियों 5:21



2 कुरिन्थियों 5:19 — परमेश्वर के मेल-सम्बंध का संदेश
परिस्थितियाँ: इस आयत के संदर्भ में पौलुस कहता है कि परमेश्वर ने मसीह द्वारा संसार के साथ मेल-मिलाप किया है—यानी परमेश्वर ने मानव जाति के भीतर एक नया संबंध बनाने के लिए कर्म किया है, जिसमें हमारा अपराध आपसी दूरी बनाते थे, किन्तु अब उसे उन पर नहीं लगाया गया।
ईश्वर और विश्वास के बारे में इस वाक्य से मिलती शिक्षा
यह आयत दिखाती है कि ईश्वर का दिल हमारे लिए खुले और उद्धार की राह के लिए प्रेरित है। ईश्वर ने अपने आप को मसीह में दिखाकर यह दिखा दिया कि वह अब हर व्यक्ति के साथ मेल रखना चाहता है, भले ही हमारे अपराध बड़े क्यों न हों। मसीह के कारण यीशु के क्रूस पर बलिदान के माध्यम से दूरी मिट गई; यह मेल-जो आज भी हर विश्वासयोग्य के लिए उपलब्ध है, वह स्वतंत्र दयालुता का यीशु-प्रेम है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
संबद्ध निर्माण उद्धरण (cross-references)
युग-युग के द्वारा प्रेरित पाठों से हम देखते हैं कि मेल मिलाप का संदेश परस्पर कैसे चलता है:
आज के जीवन में लागू करने की बात
1) अपने जीवन में गलतफहमियाँ और रुकावटें दूर करें: ईश्वर के साथ मेल मिलाप पहले आता है; फिर मानवों के साथ।
2) क्षमा का आत्म-स्वीकार करें: यदि आप किसी ने किसी समय क्षति दी है, तो ईश्वर की तरह क्षमाशील रहने की कोशिश करें।
3) संवाद की दिशा: इस संदेश को दूसरों तक साझा करें—न कि इसे निजी लाभ के लिए रखें—क्योंकि यह खबर संसार के लिए है।
यह आयत Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे प्रसिद्ध पवित्र-वचन-व्याख्याकारों के प्रकाश में एक साथ पढ़ने पर यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का सफल प्रेम और क्षमा का अभियान मानव-संबंधों को नया आयाम देता है।