Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 5:1 2 कुरिन्थियों 5:2 2 कुरिन्थियों 5:3 2 कुरिन्थियों 5:4 2 कुरिन्थियों 5:5 2 कुरिन्थियों 5:6 2 कुरिन्थियों 5:7 2 कुरिन्थियों 5:8 2 कुरिन्थियों 5:9 2 कुरिन्थियों 5:10 2 कुरिन्थियों 5:11 2 कुरिन्थियों 5:12 2 कुरिन्थियों 5:13 2 कुरिन्थियों 5:14 2 कुरिन्थियों 5:15 2 कुरिन्थियों 5:16 2 कुरिन्थियों 5:17 2 कुरिन्थियों 5:18 2 कुरिन्थियों 5:19 2 कुरिन्थियों 5:20 2 कुरिन्थियों 5:21



2 कुरिन्थियों 5:20 – संदेश का सेटिंग और संदेश
पद का सीधा संदर्भ है—हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। यह लिखावट स्पष्ट करती है कि ईसाई समुदाय के दायित्व में भगवान और मनुष्यों के बीच सेतु रचना शामिल है। प्रेरित पॉल हमें यह याद दिलाते हैं कि मसीह के अनुयायी होने के नाते हमारा व्यक्तिगत संबंध नहीं केवल निजी आस्था है, बल्कि समुदाय के बीच परमेश्वर की मसीहाई संदेश को आगे बढ़ाने का सार्वजनिक कार्य है।
ईश्वर, विश्वास और हमारे दायित्व का प्रकाश
यह पद दो मुख्य धारणाओं को जोड़ता है: पहला, परमेश्वर के साथ मेल मिलाप का संदेश—अर्थात ईश्वर के साथ पुनः सामंजस्य और शांति। दूसरा, “मसीह के राजदूत”—हमारी भूमिका एक आधिकारिक प्रस्तुति जैसी है, जिसमें हम परमेश्वर की ओर से बोलते हैं और लोगBinder to God” के बीच सेतु बनते हैं। पॉल का कहना है कि यह कार्य मसीह की प्रतिष्ठा से प्रेरित है और ईश्वर की इच्छा के अनुरूप है कि हर व्यक्ति परमेश्वर के साथ सुलह पाए।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र
संबंधित पद और उनके संकेत
इफिसियों 6:10 और मलाई 2:7 जैसे क्रॉस-रेफरेंसेस इस संदेश को गहराते हैं: ईश्वर की शक्ति और विश्वसनीय नेतृत्व पर बल; और मसीह के अनुयायियों की भलाई के लिए नैतिक और आध्यात्मिक नेतृत्व का आग्रह। ये संकेत बताते हैं कि मसीह के राजदूत की भूमिका न सिर्फ proclamation बल्कि व्यवहार में सत्यापित हो—जैसे चरित्र और नीति से मेल खाते हुए निष्कपट प्रेम और सच्चे शांति के सूत्र।
ऐतिहासिक-आधुनिक अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में यह पद हमें उम्मीद देता है कि हमारा जीवन एक निमंत्रण है—खुद के व्यक्तित्व को नहीं, बल्कि मसीह के संदेश को प्रस्तुत करने का अवसर। आत्मा की सहायता से हम सत्यापित कर सकते हैं कि हमारी बातचीत, निर्णय, और व्यवहार सब परमेश्वर के साथ मेल मिलाप की दिशा में बढ़ें। यह केवल प्रचार-प्रसार नहीं, बल्कि ईश्वर के दयालु पुनर्मिलन के लिए एक व्यवहारिक संदेश है—जब लोग हमारे साथ मिलकर परमेश्वर के साथ संबंध बनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
कलम के संकेत—14 शब्दों में सार
हम मसीह के राजदूत हैं; हमें परमेश्वर की इच्छा प्रकट करनी है कि लोग उसके साथ मेल मिलाप पाए।
संकेतित उद्धरण (तीनों प्राचीन टिप्पणीकारों से)
इस पंक्ति की मूल भावनाओं को स्पष्ट करने के लिए नीचे के संकेतक पंक्तियाँ उद्धृत रूप से उल्लेखनीय हैं, यदि उपलब्ध हों:
नोट
यदि उद्धरण के लिए विशिष्ट पंक्तियाँ मिलें, तो वही नीचे उद्धृत की जा सकती हैं; अन्यथा उपरोक्त सार आपके पाठ्यक्रम के लिए पर्याप्त है।
मुख्य संदेश: आप मसीह के राजदूत बनकर ईश्वर की सलाह और प्रेम को लोगों तक पहुँचाते हैं; यह मेल मिलाप के निमंत्रण को हर दिल तक पहुँचाने का आह्वान है।