Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 तीमुथियुस 2:1 2 तीमुथियुस 2:2 2 तीमुथियुस 2:3 2 तीमुथियुस 2:4 2 तीमुथियुस 2:5 2 तीमुथियुस 2:6 2 तीमुथियुस 2:7 2 तीमुथियुस 2:8 2 तीमुथियुस 2:9 2 तीमुथियुस 2:10 2 तीमुथियुस 2:11 2 तीमुथियुस 2:12 2 तीमुथियुस 2:13 2 तीमुथियुस 2:14 2 तीमुथियुस 2:15 2 तीमुथियुस 2:16 2 तीमुथियुस 2:17 2 तीमुथियुस 2:18 2 तीमुथियुस 2:19 2 तीमुथियुस 2:20 2 तीमुथियुस 2:21 2 तीमुथियुस 2:22 2 तीमुथियुस 2:23 2 तीमुथियुस 2:24 2 तीमुथियुस 2:25 2 तीमुथियुस 2:26



सीधे अर्थ का संक्षेप
2 तीमुथियुस 2:8 में प्रेरित पौलुस यीशु मसीह को स्मरण करने को कहता है—जो दाऊद के वंश से हुआ और मरे हुओं में से जी उठा—और यह उनके सुसमाचार के अनुरूप है। इसका मतलब है कि हमारे प्रचार-कार्य की आधारशिला यीशु की जीवित पुनरुत्थान और मसीह के ईश्वर-प्रधान सत्ता की गवाही है; यह स्मरण रखना हमें विश्वास, धैर्य और दृढ़ता देता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पत्र उत्तराधिकार के समय रोम के मुकाबलों, दबावों और विषमताओं के बीच दिया गया एक प्रेरक संदेश है। पौलुस तूमुथियुस को विश्वास-परिवार की जिम्मेदारियाँ सौंपते हुए मसीह के पुनरुत्थान को केंद्र में रखते हैं, ताकि प्रचार का उद्देश्य कभी न डगमगाए।
व्याख्या की प्रमुख बिंदु
संदर्भ-आधारित उद्धरण (संभाव्य, संप्रेषणीय दायरा)
पौलुस का सार यही है कि मसीह की प्रतिष्ठा और पुनरुत्थान के चमत्कार को स्मरण करते हुए, सुसमाचार का प्रचार निरंतर चलता रहे। नीचे विश्वसनीय प्रकाशन-उद्धरणों से यह समझते हैं:
मैथ्यू हेनरी के अनुसार, यीशु की जीवित उपस्थिति और उद्धार की योजना का स्मरण शक्तिशाली प्रेरणा देता है ताकि विश्वासी विपरीत परिस्थितियों में भी अड़ न जाए।
ऐल्बर्ट बार्न्स कहते हैं कि पुनरुत्थान मसीह के अधिकार और सदियों के उद्धार के लक्ष्य को स्थापित करता है, और यह सुसमाचार की ठोस आधारशिला है।
एडम क्लार्क का समाहरण बतलाता है कि शाब्दिक दाऊद के वंश और मरे हुओं से उठने के तथ्य—यहि दो पुख्ता प्रमाण हैं, जो उपदेश के मूल में से निकलते हैं।
छोटा thematic सूची
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका संक्षेप
रोम 1:4— यीशु का उद्धारक महिमा और पवित्र आत्मा के शक्तिशाली उद्धार का प्रमाण; समान उद्देश्य कि मसीह का पुनरुत्थान सुसमाचार की पुष्टि है।
कौल 1:18— मसीह जीवन का प्रमुख सदस्य और पूरा सिर है; पुनरुत्थान उसकी प्रभुता को मजबूत करता है।
1 पतरस 1:3— पिता के अनुसार उद्धार की नई जिंदगी की आशा; पुनरुत्थान उसी आशा को दृढ़ बनाता है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
जो लोग प्रचार-कार्य में हैं या विश्वास को दृढ़ करना चाहते हैं, वे यीशु मसीह के पुनरुत्थान और दाऊद के वंश के संदिग्ध नहीं रहने को याद रखें। स्मरण बनाए रखें कि सुसमाचार न केवल प्रेरणा है बल्कि वास्तविक जीवन-परिवर्तन का स्रोत है। दुष्कर अवसरों में भी प्रभु यीशु के जीवित होने की गवाही हमारी धैर्य और नम्रता बढ़ाती है, ताकि हम सुरक्षित और स्पष्ट रूप से दूसरों तक उद्धार की राह पहुँचा सकें।