Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 तीमुथियुस 4:1 2 तीमुथियुस 4:2 2 तीमुथियुस 4:3 2 तीमुथियुस 4:4 2 तीमुथियुस 4:5 2 तीमुथियुस 4:6 2 तीमुथियुस 4:7 2 तीमुथियुस 4:8 2 तीमुथियुस 4:9 2 तीमुथियुस 4:10 2 तीमुथियुस 4:11 2 तीमुथियुस 4:12 2 तीमुथियुस 4:13 2 तीमुथियुस 4:14 2 तीमुथियुस 4:15 2 तीमुथियुस 4:16 2 तीमुथियुस 4:17 2 तीमुथियुस 4:18 2 तीमुथियुस 4:19 2 तीमुथियुस 4:20 2 तीमुथियुस 4:21 2 तीमुथियुस 4:22



मुख्य व्याख्या बिंदु
2 तीमुथियुस 4:18 में प्रेरितPaul हमें विश्वास दिलाते हैं कि प्रभु हमें हर एक बुरे काम से छुड़ाकर अपने स्वर्गीय राज्य तक पहुँचाएंगे। यह वाक्य आदि-सत्य की पुष्टि है कि परमेश्वर की करुणा और कृपा निरंतर हमारे साथ रहती है, और प्रमुख उद्धारकर्ता के हाथों में हमारी अंतिम राह सुरक्षित है। ईमानदार आस्था में यह वाक्य हमारी दीर्घकालीन आशा को पुनर्जीवित करता है—परमेश्वर की महिमा सनातन है, और वह उद्धार के रास्ते को हमारे लिए बनाए रखता है।
वैचारिक संदर्भ (रेखा-संदर्भ)
- साहित्यिक संदर्भ: यह पद परमेश्वर की रक्षा और उद्धार की गारंटी देता है, विशेषकर पवित्र आत्मा के साथ आत्मविश्वास बनाए रखने के संदर्भ में।
- नीतिगत प्रभाव: अगर प्रभु उद्धार और राज्य के मार्ग को सुनिश्चित करते हैं, तो हमारा उत्तरदायित्व है कि हम विश्वास में स्थिर रहें, उदाहरण के लिए कठिनाइयों में भी धैर्यपूर्वक चलते रहें।
धार्मिक महत्व
यह वाक्य धार्मिक दृढ़ता देता है कि जीवन के अंत में हमारा भाग्य परमेश्वर के शाहीन राज्य के साथ है। यह न केवल वर्तमान बाधाओं पर विजय की आशा देता है, बल्कि यह महिमा के युगानुयय होता है—यानी परमेश्वर की महिमा अनंत है और वह उन लोगों के उद्धार के लिए दृढ़ संकल्पित है जो उसे मानते हैं।
पवित्र शास्त्रों के साथ सम्बन्ध (क्रॉस-रेफरेंस)
आंतरिक प्रश्न (Reflection Questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 तीमुथियुस 4:18 हमें विश्वास दिलाता है कि परमेश्वर हमारे साथ है—हर बुरे कर्म से छुड़ाने का वह वादा पूरा करेगा और हमें अपने स्वर्गीय राज्य तक पहुँचाएगा। यह संतोषपूर्ण आश्वासन है कि हमारी यात्रा क्षणभंगुर बाधाओं से परे एक स्थायी उद्धार की ओर अग्रसर है, और यह महिमा युग-युग तक unchanging है। प्रभु की दया, सुरक्षा और राज्य की गारंटी पर हमारा भरोसा अंतिम सत्य बनकर खड़ा रहता है।
उद्धरण-उद्धृत भाग (John Henry/Albert Barnes/Adam Clarke):
यदि उपलब्ध हो, नीचे उल्लेखित बन्धनों के अनुसारोपेक्षित शब्द-उद्धरण बतायें जाएँगे: “परमेश्वर मुझे हर एक बुरे काम से छुड़ाएगा”—यह पाठिक संदेश हरहृदय के लिए आश्वस्ति देता है कि उद्धारक की कृपा निरंतर है।