Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 15:1 प्रेरितों के काम 15:2 प्रेरितों के काम 15:3 प्रेरितों के काम 15:4 प्रेरितों के काम 15:5 प्रेरितों के काम 15:6 प्रेरितों के काम 15:7 प्रेरितों के काम 15:8 प्रेरितों के काम 15:9 प्रेरितों के काम 15:10 प्रेरितों के काम 15:11 प्रेरितों के काम 15:12 प्रेरितों के काम 15:13 प्रेरितों के काम 15:14 प्रेरितों के काम 15:15 प्रेरितों के काम 15:16 प्रेरितों के काम 15:17 प्रेरितों के काम 15:18 प्रेरितों के काम 15:19 प्रेरितों के काम 15:20 प्रेरितों के काम 15:21 प्रेरितों के काम 15:22 प्रेरितों के काम 15:23 प्रेरितों के काम 15:24 प्रेरितों के काम 15:25 प्रेरितों के काम 15:26 प्रेरितों के काम 15:27 प्रेरितों के काम 15:28 प्रेरितों के काम 15:29 प्रेरितों के काम 15:30 प्रेरितों के काम 15:31 प्रेरितों के काम 15:32 प्रेरितों के काम 15:33 प्रेरितों के काम 15:34 प्रेरितों के काम 15:35 प्रेरितों के काम 15:36 प्रेरितों के काम 15:37 प्रेरितों के काम 15:38 प्रेरितों के काम 15:39 प्रेरितों के काम 15:40 प्रेरितों के काम 15:41



अर्थ का सीधा बयान
प्रेरितों के काम 15:16 में उद्धरित वचन यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर दाऊद के गिर चुके डेरा को पुनः उठाएगा और उसके खंडहरों को पुनः बनाएगा, जिससे वह फिर खड़ा हो सके। यह भविष्यवाणी एक बार नहीं, बल्कि परमेश्वर की वादे की निरंतरता का संकेत देती है कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के बीच पुनः अस्थिरताओं के बावजूद विश्वासयोग्यता और पुनर्स्थापन की योजना लिए हुए है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह अंश प्रेरितों के काल के भीतर, विश्वासी समुदाय में यह स्पष्ट करने के लिए उद्धৃত है कि पुरानी भविष्यवाणियाँ कैसे नई चेरिताओं में पूरी हो रही हैं। यद्यपि यह विशिष्ट वाक्य दाऊद के समय के गिरे हुए डेरों की पुनर्स्थापना का संकेत देता है, पर इसका उच्चतम संदेश यह है कि परमेश्वर अपने चयनित राष्ट्र की रीढ़ को फिर से मजबूत करेगा, ताकि वे विश्वास में स्थिर रह सकें और उनकी व्यवस्था सामाजिक-धार्मिक पुनर्स्थापन के द्वारा प्रभावी बनी रहे। यिर्मयाह 12:15 का संदर्भ इसे और पुष्ट करता है कि पुनर्स्थापन ऐसे समय पर होता है जब यह परमेश्वर की पूरी योजना का भाग हो।
व्याख्यात्मक विचार
संरचित थीम सूची
अन्य संबंधित मार्गदर्शक पाठ
यिर्मयाह के संकेत से जुड़ी प्रविष्टियाँ: यिर्मयाह 12:15 बताती है कि कब और कैसे परमेश्वर अपने लोगों को फिर से उभारते हैं; यह दिखाती है कि पुनर्स्थापना उनके दायरे में है, भले ही समय-समय पर असफलताएँ रही हों। साथ ही दाऊद से स्पष्ट सम्बन्ध में 2 शास्त्र (1) दाऊद के शासन की स्मारक योजना, (2) गिरी हुई स्थितियों से उठान की परमेश्वर की इच्छा—यह सब मिलकर एक एकीकृत पुनर्निर्माण की परिकल्पना बनाते हैं।
प्रेरितों के काम 3:19-21 और योएल 2:28-32 जैसे अन्य क्रांतियाँ भी इस विषय से मेल खाती हैं कि परमेश्वर समय-समय पर अपने लोगों को फिर से प्रेरित और पुनर्स्थापित करते हैं ताकि वे उसकी योजना में सहभागी बन सकें।
सा आध्यात्मिक व्यावहारिक Takeaway
जीवन में गिरावट के बाद भी ईश्वर पुनः उठाने का काम कर सकते हैं। विश्वास रखें, अपनी कमजोरी में भी परमेश्वर का काम संभव है, और वह हमें स्थिरता और नेतृत्व प्रदान करता है ताकि हम समाज में स्वस्थ और सुसंगत रूप से स्थित हों।
कथा-सार और क्रॉस-रेफरेंसे
क्रॉस-रेफरेंस—यिर्मयंह 12:15: यह स्पष्ट करता है कि पुनर्स्थापन की प्रक्रिया किस क्रम में होनी है, और यह भी कि यह किस प्रकार भविष्य की योजना का हिस्सा है। साथ ही, प्रेरितों के काम 15:16 के संदर्भ में 2 सुसमाचारों के उद्धरण भी यह संकेत देते हैं कि परमेश्वर का साम्राज्य पुनर्निर्माण के लिए सक्रिय है।
नोट: नीचे उद्धृत प्रसिद्धიან ग्रंथों के संलग्नांश अगर उपलब्ध हैं, तो संकर्षित उद्धरण पूरे पाठ के बजाय छोटे-छोटे अंश होंगे, ताकि पाठ के मूल भाव को संरक्षित किया जा सके।
टिप्पणी के लिए उद्धृत सूरते-वाक्य
यदि उपलब्ध हों, तोMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के शाब्दिक छोटे उद्धरण केवल आवश्यकतानुसार समाहित होंगे।